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Saturday, 9 June 2018

पाक महीनें में #अल्लाह को खुश करने के लिए अपनी लाडली बेटी को नींद से जगाया , कलमा पढवाया और बेरहमी से ......






जोधपुर।
जिले के पीपाड़ शहर में गुरुवार रात अपने परिजनों के साथ छत पर सो रही 4 वर्षीय बच्ची का गला रेतकर हत्या का मामला पुलिस ने सुलझा दिया है। इस हैरतअंगेज मामले में बच्ची का पिता ही हत्यारा निकला। हत्यारे ने पवित्र रमजान माह में अल्लाह को खुश करने के लिए बेटी को कुर्बान कर दिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। यह है मामला…

- पीपाड़ शहर के नवाब अली कुरैशी पत्नी शबाना और दो बेटियों के साथ घर की छत पर सोया था। रात करीब तीन बजे पत्नी की आंख खुली तो बड़ी बेटी रिजवान नहीं दिखी। उसने इधर-उधर देखा तो छत पर ही खून से सनी बेटी पर नजर पड़ी। उसने तत्काल पति को जगाया। बेटी को लेकर हॉस्पिटल गए। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका की मां की रिपोर्ट पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।

- घटना के बाद, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राजन दुष्यंत टीम के साथ मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। किसी बाहरी के घर में घुसने की संभावनाओं की समीक्षा की।

- ब्लाइंड मर्डर केस को देखते हुए जोधपुर से फोरेसिंक एक्सपर्ट को बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने को लेने के साथ अन्य सबूतों को इकट्ठा किया। हत्यारे तक पहुंचने के लिए जोधपुर से डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया। डॉग को घटनास्थल के साथ तंग गलियों में घुमाया गया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।




ऐसे खुला राज
- पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राजन दुष्यंत ने बताया, बच्ची की हत्या के मामले में परिजनों से पूछताछ की गई। शक के आधार पर पुलिस ने नवाब अली के साथ कड़ाई बरती तो उसने बेटी की हत्या की बात स्वीकार कर ली।
- अंधविश्वासी पिता ने पुलिस को बताया, उसने रमजान के महीने में अल्लाह को खुश करने के लिए ऐसा किया। उसने बताया, जीवन की सबसे प्यारी चीज अल्लाह को कुर्बान करने के लिए 4 वर्षीय बेटी का गला हलाल कर दिया। इससे अल्लाह खुश होंगे। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।

कुर्बानी के लिए ननिहाल से बुलाया रिजवाना को...

- नवाब अली ने बताया, मैं बहुत धार्मिक व्यक्ति हूं। मेरी बेटी रिजवाना मुझे बेहद प्रिय थी। वो अपने ननिहाल गई हुई थी। उसे कुर्बान कर देने के लिए मैंने गुरुवार को ही उसे वापस बुलाया। गुरुवार शाम मैंने रिजवाना को शहर घुमाया और उसे मिठाई के साथ उसकी पसंद की कई चीजें खिलाईं। रात को रिजवाना को नींद से उठाकर कलमा पढ़ाया और फिर उसे कुर्बान कर दिया।

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Wednesday, 6 June 2018

राष्ट्रपति भवन में अब नहीं होगी इफ्तार पार्टी, जानें क्यों लिया गया ऐसा फैसला


राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
इस साल राष्ट्रपति भवन में इफ्तार पार्टी का आयोजन नहीं करेंगे। राष्ट्रपति के प्रेस सचिव अशोक मलिक ने कहा कि राष्ट्रपति ने पदभार ग्रहण करने के बाद निर्णय किया था कि राष्ट्रपति भवन जैसी सार्वजनिक इमारत में करदाताओं के खर्चे पर किसी तरह का धार्मिक समारोह या त्योहार नहीं मनाया जाएगा।
देश के धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत को ध्यान में रखकर यह फैसला किया गया और यह सभी तरह के धार्मिक कार्यक्रमों पर लागू होता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति हर प्रमुख त्योहार के अवसर पर नागरिकों को शुभकामनाएं देते हैं।
याद दिला दें कि 25 जुलाई, 2017 को रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति पद की शपथ लेते समय ही फैसला किया था कि राष्ट्रपति भवन एक सार्वजनिक इमारत है, यहां सरकार या कर दाताओं के पैसों से किसी भी धार्मिक त्योहार का आयोजन नहीं होगा। हालांकि वे देशवासियों को हर त्योहार पर शुभकामनाएं देंगे। राष्ट्रपति भवन परिसर में रहने वाले कर्मचारियों पर ऐसी कोई पाबंदी नहीं है। वे अपने-अपने त्योहार मना सकेंगे।
कलाम ने धार्मिक आयोजन पर खर्च होने वाले पैसों से की थी अनाथों की मदद
राष्ट्रपति भवन में हर साल इफ्तार पार्टी का आयोजन होता आया है। लेकिन पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम के कार्यकाल में पहली बार 2002 में इसके आयोजन पर रोक लगी थी। कलाम ने अपने पांच साल के कार्यकाल में राष्ट्रपति भवन में कोई भी धार्मिक आयोजन नहीं किया था। उन्होंने इफ्तार पार्टी पर होने वाले खर्च से गरीब और अनाथ लोगों की मदद की थी।
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पहली बार इफ्तार का आयोजन किया
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड टंप ने व्हाइट हाउस में पहली बार इफ्तार का आयोजन किया। बहरहाल, ट्रंप की मुस्लिम विरोधी टिप्पणियों का हवाला देकर कई मुस्लिम संगठनों ने इसका बहिष्कार भी किया।  पिछले साल ट्रंप ने कई दशक से जारी सालाना इफ्तार पार्टी की परंपरा खत्म कर दी थी। 1990 के दशक में बिल क्लिंटन ने इसकी औपचारिक शुरुआत की थी।
हालांकि, इसकी वैचारिक जड़ें वर्ष 1805 में थॉमस जेफरसन से भी जुड़ी हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में व्हाइट हाउस ने यह पुष्टि की कि ट्रंप इस साल इस कार्यक्रम की मेजबानी करेंगे। हालांकि, अधिकतर मुस्लिम नागरिक संगठनों ने इसे लेकर हैरानी जताई है। कार्यक्रम बुधवार रात आयोजित किया गया।  व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव साराह सैंडर्स ने कहा कि अलग-अलग समुदायों से वहां उपस्थित करीब 30-40 लोग इसमें शामिल हुए।

अमित शाह के पहुंचने पर ठाकरे परिवार ने ढोकला-खांडवी से किया स्वागत, ऐसी रही मुलाकात


आगामी लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह अपनी पार्टी के 'संपर्क फॉर समर्थन' मिशन के तहत देश की नामचीन हस्तियों से मिल रहे हैं.
इसी कड़ी में बुधवार को वो शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, अभिनेत्री माधुरी दीक्षित और उद्योगपति रतन टाटा से मिलने मुंबई पहुंचे. हालांकि सबसे ज्यादा निगाहें उनकी उद्धव ठाकरे से मुलाकात पर रही. इसकी वजह यह है कि पिछले कुछ समय से शिवसेना बीजेपी से नाराज चल रही है.
केंद्र और महाराष्ट्र सरकार में शिवसेना बीजेपी की सहयोगी पार्टी है. ऐसे में इसकी नाराजगी आगामी चुनाव पर बीजेपी के लिए मुश्किल पैदा कर सकती है. लिहाजा बीजेपी लोकसभा चुनाव से पहले हरहाल में शिवसेना को साधना चाहती है.
बीजेपी सूत्रों के मुताबिक अमित शाह और उद्धव ठाकरे के बीच मुलाकात सकारात्मक रही, जबकि शिवसेना ने इस पर चुप्पी साध ली है. बुधवार को जब अमित शाह उद्धव ठाकरे से मिलने मातोश्री पहुंचे, तो राजनीतिक मतभेद दरकिनार कर ठाकरे परिवार ने उनका जमकर मेहमाननवाजी किया. उनको ढोकला, खांडवी और आमरस समेत अन्य पकवान का स्वाद चखाया.
इससे पहले मातोश्री पहुंचकर अमित शाह ने शिवसेना सुप्रीमो रहे बालासाहेब ठाकरे को याद किया. इसके बाद दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में करीब एक घंटे 40 मिनट तक मीटिंग हुई, जिसमें बिगड़े रिश्ते को सुधारने की कोशिश की गई. इस दौरान उद्धव ठाकरे ने अमित शाह के समक्ष बीजेपी नेताओं द्वारा निजी हमले किए जाने के मसले को उठाया.
बीजेपी का कहना है कि अमित शाह और उद्धव ठाकरे की मुलाकात सकारात्मक रही. जब अमित शाह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ मातोश्री पहुंचे, उद्धव ठाकरे, उनकी पत्नी रश्मि और बेटे आदित्य और तेजस भी मौजूद रहे.
इस दौरान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रावसाहेब दानवे मौजूद नहीं रहे. बताया जा रहा है कि दानवे को अमित शाह और उद्धव ठाकरे की बैठक से दूर रखा गया था. दरअसल, शिवसेना नेता और राज्य में कृषि मंत्री अर्जुन खोतकर उद्धव ठाकरे से दानवे की शिकायत कर चुके हैं. हालांकि दानवे कहना है कि वो व्यस्त होने की वजह से बैठक में नहीं जा पाए.
सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन करने पहुंचे शाह
उद्धव ठाकरे से मिलने से पहले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह श्री सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की. वहीं, बुधवार को अमित शाह और उद्धव की मुलाकात से पहले ही शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' के जरिए बीजेपी पर हमला बोला.
रतन टाटा और माधुरी से भी मिले अमित शाह
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से पहले अमित शाह ने मुंबई में उद्योगपति रतन टाटा और अभिनेत्री माधुरी दीक्षित से भी मुलाकात की. हालांकि गायिका लता मंगेशकर की तबीयत खराब होने से उनकी अमित शाह से मुलाकात नहीं हो सकी. अमित शाह ने ट्वीट कर कहा कि वह अगले मुंबई दौरे पर उनसे मिलेंगे.
इससे भी पहले इस अभियान के तहत वो बाबा रामदेव और कपिल देव जैसी हस्तियों से मिल चुके हैं. अमित शाह इन मुलाकातों में मोदी सरकार के चार साल के कामकाज का ब्योरा दे रहे हैं. बताया जा रहा है कि सात जून को अमित शाह चंडीगढ़ में धावक मिल्खा सिंह से मुलाकात कर सकते हैं. मालूम हो कि बीजेपी का टारगेट करीब एक लाख नामित लोगों से सीधा संपर्क करने का है.

आरएसएस के कार्यक्रम में शिरकत करने नागपुर पहुंचे पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी


नागपुर :
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी गुरुवार को आयोजित होनेवाले आरएसएस के एक कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए बुधवार को नागपुर पहुंच गय. मुखर्जी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हामी भरने के बाद से ही यह चर्चा और विवाद के केंद्र में है.

कांग्रेस के नेता के तौर पर आरएसएस की लगातार आलोचना करनेवाले मुखर्जी संघ के मुख्यालय में आयोजित होनेवाले ‘संघ शिक्षा वर्ग' के समापन समारोह में हिस्सा लेंगे. इस कार्यक्रम में शामिल होने के निमंत्रण पर मुखर्जी की सहमति के बाद से ही कई कांग्रेस नेता उनसे ‘धर्मनिरपेक्षता के हित में' इसमें शिरकत नहीं करने का आग्रह कर चुके हैं. पूर्व राष्ट्रपति ने इस पर पूरी तरह विराम लगाते हुए कहा कि मुझे जो कुछ भी कहना है वह मैं नागपुर में कहूंगा. प्रणब मुखर्जी ने दो दिन पहले ही बांग्ला अखबार 'आनंद बाजार पत्रिका' से बात करते हुए कहा था कि, मुझे इस संबंध में कई पत्र मिले हैं और कई कॉल भी आये हैं, लेकिन मैंने अभी तक किसी को जवाब नहीं दिया है. मुझे जो कुछ भी कहना है वह मैं नागपुर में कहूंगा.

बता दें कि कांग्रेस नेता जयराम रमेश, सीके जाफर, पी चिदंबरम और रमेशस चेन्नीथाला ने इस संबंध में पूर्व राष्ट्रपति को पत्र लिख कर आरएसएस के निमंत्रण पर फिर से विचार करने का अनुरोध किया था. जयराम रमेश ने पत्र लिखकर कहा था कि उन जैसे विद्वान और सेक्युलर व्यक्ति को आरएसएस के साथ किसी तरह की नजदीकी नहीं दिखानी चाहिए. आरएसएस के कार्यक्रम में जाने का देश के सेक्युलर माहौल पर बहुत गलत असर पड़ेगा. प्रणब मुखर्जी को लिखे पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए जयराम ने कहा था कि न तो उन्होंने कोई उत्तर दिया, न ही उत्तर आने की कोई उम्मीद है, लेकिन यह जो भी हो रहा है वह बहुत गलत है. आप उस विचारधारा के पास कैसे जा सकते हैं जो लंबे समय से देश को बांटने का काम कर रही है.

वहीं, केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रमेश चेन्नीथाला ने कहा था कि आरएसएस के कार्यक्रम में जाने का पूर्व राष्ट्रपति का फैसला सेक्युलर विचारधारा के लोगों के लिए झटके की तरह है. चेन्नीथाला ने कहा था कि प्रणब मुखर्जी को संघ के कार्यक्रम में नहीं जाना चाहिए. वहीं, पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम की इस मुद्दे पर राय सबसे अलग है. उन्होंने कहा कि, अब जब उन्होंने न्योते को स्वीकार कर लिया है, तो इस पर बहस का कोई मतलब नहीं है. उससे ज्यादा अहम बात यह कहनी है कि सर आपने न्योते को स्वीकार किया है, तो वहां जाइये और उन्हें बताइये कि उनकी विचारधारा में क्या खामी है. वहीं, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि 'प्रणब मुखर्जी का आरएसएस का आमंत्रण स्वीकार करना एक अच्छी पहल है. राजनीतिक छुआछूत अच्छी बात नहीं है.'

Thursday, 24 May 2018

जरुरी नहीं कुमारस्वामी को पुरे 5 साल का समर्थन दिया जाये : कांग्रेस


कर्नाटक में मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के बहुमत परीक्षण से पहले ही उनके भविष्य पर प्रश्नचिन्ह लग गया है. कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन में उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने कुमारस्वामी के 5 साल मुख्यमंत्री रहने को लेकर बड़ा बयान दिया है.

कांग्रेस नेता ने कहा है कि कुमारस्वामी 5 साल मुख्यमंत्री रहेंगे या 5 साल में हमारा भी कोई मुख्यमंत्री होगा. इसको लेकर अभी गठबंधन में बात होनी है. जी. परमेश्वर के इस बयान से कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस के बीच तालमेल में उभर रही दरारों के संकेत मिल रहे हैं.

विश्वास मत पर मतदान से एक दिन पहले कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि कांग्रेस- जद(एस) गठबंधन ने एचडी कुमारस्वामी के पूरे पांच साल मुख्यमंत्री बने रहने के तौर-तरीकों पर अब तक चर्चा नहीं की है. यह पूछे जाने पर कि क्या कुमारस्वामी पूरे पांच साल मुख्यमंत्री रहेंगे तो परमेश्वर ने कहा, ‘‘हमने उन तौर-तरीकों पर अब तक चर्चा नहीं की है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘अभी इस बात पर फैसला किया जाना भी बाकी है कि कौन से विभाग उन्हें दिये जाएंगे और कौन हम लोगों के पास रहेगा. उन्हें पांच साल रहना चाहिये या हमें भी मिलेगा- उन तमाम विषयों पर हमने अब तक चर्चा नहीं की है.’’

यह पूछे जाने पर कि क्या मुख्यमंत्री का पद जद(एस) को पूरे पांच साल के लिये देने को लेकर कांग्रेस संतुष्ट है तो परमेश्वर ने कहा, ‘‘चर्चा के बाद- नफा और नुकसान को देखते हुए हम फैसला करेंगे- हमारा मुख्य ध्येय अच्छा प्रशासन देना है.’’





शपथ ग्रहण से पहले कुमारस्वामी ने उन खबरों को खारिज कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि उनकी पार्टी अपने गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के साथ 30-30 माह के लिये सरकार का नेतृत्व करने के फार्मूले पर काम कर रही है. कुमारस्वामी ने कहा था, ‘‘इस तरह की कोई बातचीत नहीं हुई है.’’

यह पूछे जाने पर कि उप मुख्यमंत्री पद के लिये पार्टी की पसंद और विभागों से संबंधित मुद्दों पर कांग्रेस के कई नेताओं के नाखुश होने के बारे में पूछे जाने पर परमेश्वर ने कहा कि किसी ने भी उनसे या कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से कोई पद नहीं मांगा है. परमेश्वर केपीसीसी के भी अध्यक्ष हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इस बारे में सिर्फ मीडिया में खबरें देखी हैं.’’ नेताओं के बीच किसी भी तरह के मतभेद से इंकार करते हुए उन्होंने कहा कि पद मांगने में कुछ भी गलत नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी में कई नेता हैं जो उप मुख्यमंत्री या मुख्यमंत्री बनने में सक्षम हैं - यह कांग्रेस पार्टी की ताकत है.’’

उन्होंने कहा, "जब हम गठबंधन सरकार में हैं तो इस बात का फैसला कांग्रेस आला कमान को करना है कि इस स्थिति में किसे कौन सा पद दिया जाए.’’ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार के नाखुश होने और कुछ विधायकों के साथ अलग से बैठक करने के बारे में पूछे जाने पर परमेश्वर ने कहा, ‘‘सभी विधायक साथ हैं और हम शक्ति परीक्षण में सफल होंगे.

उन्होंने कहा, ‘‘चर्चा, समूह बैठक हुई हो या नहीं, लेकिन तथ्य यह है कि हम एकजुट हैं. मैं सिर्फ यही कह सकता हूं.’’

खबरों में कहा जा रहा है कि शिवकुमार पार्टी नेतृत्व से नाखुश हैं. वह भी उपमुख्यमंत्री पद के दावेदार थे. शिवकुमार ने येदियुरप्पा सरकार के विश्वास मत से पहले पार्टी के विधायकों को साथ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. वह कथित तौर पर उप मुख्यमंत्री पद नहीं मिलने से नाखुश हैं.

शिवकुमार को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की मांग पर उन्होंने कहा, ‘‘यह खुशी की बात है कि वह अध्यक्ष बनेंगे क्योंकि कोई अनुभवी नेता पार्टी की अगुवाई करेगा.’’ यह पूछे जाने पर कि क्या कोई और नेता उनके साथ उपमुख्यमंत्री बनेगा तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है.

परमेश्वर ने कहा कि शक्ति परीक्षण के बाद कांग्रेस और जद (एस) के नेता साथ मिलकर समन्वय समिति के बारे में फैसला करेंगे. उन्होंने कहा, ‘‘साथ ही हम न्यूनतम साझा कार्यक्रम तैयार करने के लिये एक पैनल बनाएंगे.’’
उन्होंने दावा कि चुनाव में पार्टी की हार नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मत प्रतिशत भाजपा से अधिक था. परमेश्वर ने कहा कि एक समिति का गठन किया जाएगा जो पूरे राज्य में घूमकर पार्टी की हार के कारणों का पता लगाएगी.





हालांकि, उन्होंने कुछ क्षेत्रों में पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिये ईवीएम को जिम्मेदार ठहराया. परमेश्वर ने कहा कि इस बात की संभावना हो सकती है कि ईवीएम में छेड़छाड़ की गई हो. उन्होंने कहा कि पार्टी को सूचना मिली है कि कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में जहां 70-80 फीसदी मतदाता कांग्रेस के हैं, वहां भी भाजपा को सर्वाधिक बढ़त हासिल हुई.

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिये ईवीएम में छेड़छाड़ का संदेह है.’’ उन्होंने कहा कि वह इस बात की शिकायत नहीं कर रहे हैं कि सभी 222 विधानसभा क्षेत्रों में ईवीएम में छेड़छाड़ हुई. यह कहे जाने पर कि उनकी पार्टी ने 12 मई का चुनाव ईवीएम की जगह मत पत्रों से कराने की मांग की थी तो इस पर परमेश्वर ने कहा, ‘‘आने वाले दिनों में हम मत पत्रों से चुनाव कराने की मांग करेंगे और हम ईवीएम नहीं चाहते हैं.’’
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गन्ना हमारा मुख्य मुद्दा पर जिन्ना की तस्वीर किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं : CM योगी आदित्यनाथ


कैराना लोकसभा उपचुनाव के लिए शामली में हुई जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर जमकर हमला किया। उन्होंने मुजफ्फरनगर के गांव कवाल में सचिन और गौरव की हत्या की याद दिलाई, तो वहीं कैराना पलायन को लेकर व्यापारियों का दर्द भी उठाया।

साथ ही स्पष्ट कहा कि गन्ना हमारा मुद्दा है, लेकिन जिन्ना की तस्वीर भी नहीं लगने देंगे। हम ऐसे लोगों को हावी नहीं होने देंगे, जो समाज को दंगों में झोंकते हैं और गुंडे माफियाओं का संरक्षण करते हैं।





सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि पिछली सरकारें कार्य करती, तो पूर्व सांसद दिवंगत हुकुम सिंह को कैराना पलायन के लिए सड़क से संसद तक आंदोलन नहीं करना पड़ता। 15 महीने पूर्व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दहशत का माहौल होता था।

बहन बेटियों की अस्मत सुरक्षित नहीं थी, अराजकता होती थी। व्यापारियों से संगठित अपराधी गुंडा टैक्स वसूलते थे। एक साल के भीतर हमने अपराधियों को जहां पहुंचाना था, वहां पहुंचा दिया, जो भी राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंध लगाएगा अथवा व्यापारी, किसान और बहन बेटियों की जान का खतरा बनेगा, तो उसकी जान का खतरा हमारी पुलिस बनेगी। अब गुंडे घुटने टेक रहे हैं और जान बख्शने की भीख मांगते हैं।

उन्होंने कहा कि देश के भीतर भ्रष्ट नेता, जो भारत का विकास नहीं चाहते, एक मंच पर आ गए हैं। क्योंकि वह लोग भारत को दुनिया की महाशक्ति बनने से रोकना चाहते हैं, गरीबों, दलितों, किसानों को उनका हक मिलने रोकना चाहते हैं।





वह लोग विकास और सुशासन के दुश्मन हैं। जबकि पीएम मोदी ने देश के 125 करोड़ लोगों की जीवनशैली में परिवर्तन का कार्य किया है। कैराना का चुनाव स्पष्ट रूप से ध्रुवीकरण हो चुका है। एक तरफ वह लोग हैं, जिन्होंने मुजफ्फरनगर और पश्चिमी यूपी को दंगों में झोंकने का काम किया था, सचिन और गौरव जैसे नौजवानों की हत्या करके निर्दोष लोगों को फंसाने का कार्य किया था।

संजीव बालियान और सुरेश राणा जैसे लोगों को उठाकर बंद किया जा रहा था। अब हमें भविष्य में ऐसी स्थिति पैदा नहीं होने देनी है, जिससे समाज और विकास विरोधी तत्व हावी हो जाएं।
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Wednesday, 16 May 2018

फिर तो मुझे भी बिहार का मुख्यमंत्री बनाओ : तेज्श्वी यादव






बिहार में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि बीजेपी कर्नाटक में हॉर्स ट्रेड्रिंग को बढ़ावा दे रही है. उन्होंने कर्नाटक में मचे सियासी घमासान पर बुधवार को कहा कि बीजेपी लोकतंत्र में एक ख़तरनाक परिपाटी स्थापित कर रही है. हर मामले में चित भी इनका पट भी इनका. हेड भी इनका टेल भी इनका.
आरजेडी नेता ने कहा कि बीजेपी गोवा मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना कर चुकी है. अगर सबसे बड़ी पार्टी को कर्नाटक के राज्यपाल सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं तो वह राष्ट्रपति से एक अनुरोध करना चाहते हैं. उन्होंने राष्ट्रपति से मांग की कि कर्नाटक की तर्ज पर बिहार में सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का मौका दिया जाए.




बता दें कि पिछले विधानसभा चुनाव में आरजेडी बिहार में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. आरजेडी और जेडीयू मिलकर विधानसभा चुनाव लड़े थे, लेकिन बाद में अगल होकर नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ सरकार का गठन कर लिया.
तेजस्वी ने कहा कि अगर बिहार में चुनाव बाद निमंत्रण देकर सरकार बनाई जा सकती है तो कर्नाटक में क्या दिक़्क़त है? देश में एक ही संविधान है. बीजेपी ने संविधान का मज़ाक बना दिया है. लोकतंत्र में एक जैसे मामले में दो मापदंड नहीं होने चाहिए.

आरजेडी नेता ने कहा कि बीजेपी किस जनादेश के अपमान की बात कर रही है? सबसे पहले बीजेपी ने नीतीश कुमार के साथ मिलकर बिहार में जनादेश का अपमान और लोकतंत्र की हत्या को अंजाम दिया था. अब वह कर्नाटक में फिर यही दोहरा रही है. बीजेपी बहुमत साबित करने के लिए बाक़ी विधायक कहां से लाएगी? कर्नाटक में बीजेपी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया गया है, ऐसे में सभी विपक्षी दलों को एकजुट होकर इसका विरोध करना चाहिए.

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Tuesday, 8 May 2018

एससी-एसटी और अल्पसंख्यकों को लुभाने के लिए सरकारी खजाने का बंदरबांट करेंगे नितीश कुमार






पटना :
राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी)-अनुसूचित जनजाति (एसटी), अत्यंत पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों के लिए तीन विशेष योजनाएं शुरू की हैं. एससी-एसटी विद्यार्थियों  के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना शुरू की गयी है.
इसके तहत  एससी-एसटी विद्यार्थियों को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) पास करने पर एक लाख रुपये और बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) का पीटी पास करने पर 50 हजार रुपये दिये जायेंगे. यह प्रोत्साहन राशि उनके बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जायेगी, ताकि इन्हें मुख्य परीक्षा की तैयारी में किसी तरह की आर्थिक बाधा का सामना नहीं करना पड़े. इस योजना को चालू वित्तीय वर्ष से शुरू करने का निर्णय मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया है.
 कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्य सचिव अंजनी कुमार ने बताया कि पहले बिहार राज्य महादलित विकास मिशन से सिर्फ महादलितों के कल्याण और उत्थान के लिए ही कार्य कराये जाते थे. अब इस मिशन से एससी-एसटी के सभी वर्गों के लोगों के लिए समेकित रूप से योजनाएं चलेंगी. वर्तमान में जितनी भी योजनाएं चल रही हैं, सभी को समाहित कर दिया गया है. अब महादलित की सभी योजनाओं का लाभ एससी-एसटी वर्ग के सभी लोगों को मिलेगा. 

एससी-एसटी हॉस्टल के छात्रों को हर महीने Rs 1000

राज्य के एससी-एसटी, बीसी-ईबीसी और अल्पसंख्यक छात्रावासों में रहने वाले सभी छात्रों को 15 किलो अनाज मुफ्त में दिया जायेगा. इसमें नौ किलो चावल और छह किलो गेहूं शामिल है. इसके साथ ही एससी-एसटी वर्ग के छात्रों को मुफ्त अनाज के अलावा एक हजार रुपये प्रति महीने की दर से छात्रावास प्रोत्साहन राशि भी दी जायेगी. ये रुपये अन्य योजनाओं के अलावा दिये जायेंगे. राज्य में 111 एससी-एसटी छात्रावासों के अलावा बीसी-ईबीसी और अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रावास की संख्या 66 है. इन सभी में 12 हजार से ज्यादा छात्र रहते हैं. 




मुफ्त में अनाज वितरण करने की इस योजना से सरकारी खजाने पर एक करोड़ 40 लाख रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जबकि प्रोत्साहन समेत अन्य योजनाओं की वजह से करीब 11 करोड़ रुपये का भार आयेगा. महादलित वर्ग के लिए चलने वाली सभी योजनाओं का लाभ अब एससी-एसटी वर्ग के सभी लोगों को दिया जायेगा.
नगर विकास विभाग में इंजीनियर के 577 और पुलिस महकमे की विशेष शाखा में 437 पदों का सृजन, जल्द होगी बहाली
पटना : कैबिनेट की बैठक में नगर विकास विभाग में सभी स्तर के इंजीनियर के 577 और विशेष शाखा में विभिन्न स्तर के 437 पदों के सृजन की मंजूरी दी गयी.
इसके साथ ही इन दोनों विभागों में अलग-अलग पदों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है. पुलिस महकमे की विशेष शाखा का पुनर्गठन किया गया है. इसमें एएसपी से लेकर कंप्यूटर प्रोग्रामर और क्लर्क तक के 437 नये पदों के सृजन की अनुमति मिल गयी है. इसके बाद अब इन पदों पर बहाली शुरू होगी.
इसी तरह नगर विकास विभाग के अंतर्गत कार्यरत सभी संगठनों का विलय कर दिया गया है. इसके तहत बिहार राज्य जल पर्षद, बिहार शहरी विकास अभिकरण और जिला शहरी विकास अभिकरणों के स्तर पर कार्यरत नगर विकास एवं आ‌वास विभाग के अभियंत्रण कोषांग का विलय कर दिया गया है.

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कर्नाटक चुनावः राज राजेश्वरी में कांग्रेस बिधायक के फ्लैट से मिले 10,000 वोटर कार्ड, चुनाव आयोग ने दिये जांच के आदेश






कर्नाटक विधानसभा चुनाव
से पहले बेंगलुरु के एक अपार्टमेंट से लगभग 10,000 मतदाता पहचान पत्रों के मिलने के बाद सियासी पारा गरमा गया है। इस संबंध में मंगलवार देर रात चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। चुनाव आयोग ने इन पहचान पत्रों की जांच के आदेश दिए हैं। बीजेपी ने इस सबंध में आरोप लगाते हुए कहा है कि यह अपार्टमेंट एक कांग्रेसी नेता का है। बीजेपी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि राज राजेश्वरी नगर निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव रद्द कर दिए जाएं। बीजेपी के आरोप के बाद कांग्रेस ने पलटवार किया है और कहा है कि यह सब बीजेपी की ड्रामेबाजी है। कांगेस ने साथ ही बीजेपी पर नकली सबूत का आरोप लगाया।

जिस इलाके में ये वोटर कार्ड पाए गए हैं वो बेंगलुरु के जलाहाल्ली इलाका है। यह इलाका राज राजेश्वरी निर्वाचन क्षेत्र में पड़ता है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य चुनाव अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि राज राजेश्वरी में 4 लाख 35 हजार 439 वोटर हैं, यह वहां की आबादी का 75.43 फीसदी है। पिछली बार रिवीजन के दौरान 28 हजार 825 नाम जोड़े गए थे। इसके बाद अपडेशन के दौरान 19,012 नाम और जोड़े गए थे। इस दौरान 8817 लोगों का नाम हटाया भी गया था।

बंडल में बांधकर रखे गए थे वोटर कार्ड

संजीव कुमार ने कहा कि वह खुद इस घर में गए और उन्हें यहां 9746 वोटर आईडी कार्ड बरामद किए। इन्हें छोटे बंडलों में बांधकर और लपेटकर रखा गया था। हर बंडल पर फोन नंबर और नाम लिखा गया था।

लैपटॉप ऑर प्रिंटर भी बरामद

संजीव कुमार ने बताया कि उस फ्लैट में पांच लैपटॉप और प्रिंटर भी थे। इसके अलावा 2 स्टील ट्रंक भी मौजूद थे। निर्वाचन अधिकारी ने दावा किया कि वहां पाए गए वोटर आईडी कार्ड असली थे। इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है और मामले की जांच की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक यह फ्लैट मंजुला नंजामुरी के नाम पर है और फिलहाल इसमें राकेश नामक युवक किराए पर रहता है। बताया जा रहा है कि वह एक चुनावी उम्मीदवार का करीबी है। चुनाव अधिकारियों ने निष्पक्ष चुनावों का आश्वासन दिया है।





भाजपा का आरोप

बीजेपी ने आरोप लगाया है कि राज राजेश्वरी में कांग्रेस प्रत्याशी ने 15 हजार फेक वोटर आईडी कार्ड बनाए हैं। बीजेपी राज राजेश्वरी नगर में चुनाव रद्द करने की मांग कर रही है। बीजेपी की ओर से इस संबंध में पुलिस में भी शिकायत की गई है।

भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जवाड़ेकर ने कहा कि कांग्रेस यहां जनता का समर्थन खो रही है। वे लोग नाटकिय ढंग से किसी भी तरह इस चुनाव को जीतना चाहते हैं। इस लिए हम राज राजेश्वरी नगर में चुनाव रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

जावड़ेकर ने कहा कि बदामी क्षेत्र जहां से सिद्धरमैया चुनाव लड़ रहे हैं वहां से बड़ी मात्रा में कैश पकड़े गए हैं। इसलिए चुनाव आयोग को यहां स्पेशल चुनाव अधिकारी और ज्यादा से ज्यादा अद्धसैनिक बल तैनात करने चाहिए। 

बीजेपी के सदानंद गौड़ा ने आरोप लगाया है कि इस मामले में राज राजेश्वरी नगर से कांग्रेस के उम्मीदवार मुनिरत्न नायडू का हाथ है। सदानंद गौड़ा ने कहा है कि सत्ताधारी दल के विधायक अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं और अधिकारियों पर दबाव डालकर वोटर लिस्ट में गलत नाम डलवा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस विधायक मुनिरत्न नायडू को गुंडा करार दिया है। उन्होंने कहा कि कम से कम 60 हजार वोटर आईडी कार्ड का गलत इस्तेमाल हो रहा है।

इस मामले पर अनंत कुमार ने कहा है कि कांग्रेस चुनावों में गलत तरीकों का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने राजराजेश्वरी इलाके में चुनाव रद्द करने की मांग की है।

रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर BJP से पूछे ये सवाल

इस मामले पर कांग्रेस मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि बीजेपी इस तरह कांग्रेस पर इल्जाम लगाकर अपनी तरफ ध्यान आकर्षित करना चाहती है। सुरजेवाला ने कहा कि यह वोटर आईडी कार्ड ना तो पुलिस ने बरामद किए हैं ना ही चुनाव आयोग ने बल्कि इन्हें बीजेपी कार्यकर्ता ने बरामद किया है। उन्होंने कहा कि जिस फ्लैट से वोटर आईडी कार्ड बरामद हुए हैं वो फ्लैट मंजुला नंजामुरी का है, जो कि बीजेपी की नेता हैं। जबकि घर में रहने वाला किरायेदार उन्हीं का बेटा राकेश है। सुरजेवाला ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा कि 2015 में राकेश ने बीजेपी के टिकट पर निगम चुनाव लड़ा था लेकिन वो हार गए थे।

सुरजेवाला ने कहा कि मेरे 4 सवाल हैं। क्या इस फ्लैट की मालकिन बीजेपी से ताल्लुक नहीं रखती? क्या यह सच नहीं है कि उन्होंने यह घर अपने ही बेटे को किराये पर दिया? यह सभी वोटर आईडी कार्ड बीजेपी नेता के घर कैसे पहुंचे? और क्या बीजेपी के बड़े नेताओं के खिलाफ जांच नहीं होनी चाहिए?

कांग्रेस के इन सवालों के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि मंजुला 6 साल पहले पार्टी छोड़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले में अब BJP पर आरोप लगाना चाहती है। जावड़ेकर ने कहा कि जिस फ्लैट से वोटर आईडी कार्ड बरामद हुए हैं वो लीज पर है। मामले की जांच जारी है।


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Wednesday, 2 May 2018

एससी/एसटी कानून: पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज .........






सुप्रीमकोर्ट
आज केंद्र की उस याचिका पर सुनवायी करेगा जिसमें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) कानून पर दिए फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया गया है। 4 राज्यों ने भी पुनर्विचार याचिका दायर की है।
एससी/एसटी कानून के तहत तत्काल गिरफ्तारी के प्रावधान पर रोक लगाने के आदेश पर पुनर्विचार की मांग करते हुए केंद्र ने 2 अप्रैल को कोर्ट का रुख किया था। जानकारी के अनुसार, इससे पहले अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने मामले से जुड़े लिखित दस्तावेज कोर्ट में दाखिल कर दी हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर जज एके गोयल और दीपक गुप्ता की संवैधानिक पीठ मामले की सुनवाई करेगी।




वेणुगोपाल ने पीठ से कहा, अदालत की मांग पर हमने लिखित दस्तावेज जमा कर दिए हैं। चार राज्यों ने पुनर्विचार याचिका दायर की है। जिसके बाद न्यायमूर्ति गोयल मामले की सुनवाई के लिए 3 मई की तारीख तय की। एससी-एसटी कानून के तहत तत्काल गिरफ्तारी के प्रावधान पर रोक लगाने के आदेश पर पुनर्विचार की मांग करते हुए केंद्र ने दो अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

गौरतलब है कि 20 मार्च को अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति-जनजाति उत्पीड़न निरोधक कानून के तहत आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी।
सरकार ने भी हर पहलू पर विचार के बाद दो अप्रैल को इस फैसले पर पुनर्विचार के लिए शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल की थी। सरकार की ओर से यह भी संकेत दिया जा चुका है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपना रुख नहीं बदला तो फिर अध्यादेश लाकर भी पुराने कानून को स्थापित किया जा सकता है।




ट्रेन में टॉयलेट के पानी से चाय/कॉफी बना रहे वेंडर का वीडियो वायरल, हुआ 1 लाख का जुर्माना






ट्रेन में टॉयलेट के पानी से चाय बनाने से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद दक्षिण मध्य रेलवे (एससीआर) ने बुधवार को वेंडिंग कांट्रैक्टर पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया। रेलवे ने इस बात की जानकारी हैदराबाद में दी।
सोशल मीडिया पर कुछ दिनों से वायरल हो रहे वीडियो में एक वेंडर को चाय / कॉफी के डिब्बे के साथ ट्रेन के शौचालय से बाहर निकलते देखा जा रहा है जिससे पता चलता है कि डिब्बों में शौचालय के भीतर से पानी मिलाया जा रहा था।




वीडियो के सामने आने और वायरल होने के कुछ दिन बाद जारी की गयी विज्ञप्ति में कहा गया कि घटना पिछले साल दिसंबर में यहां के सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर चेन्नई सेंट्रल - हैदराबाद चारमीनार एक्सप्रेस में हुई।
एससीआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी एम उमाशंकर कुमार ने विज्ञप्ति में कहा कि जांच के बाद सिकंदराबाद एवं काजीपेट के बीच के खंड पर काम करने वाले ट्रेन साइड वेंडिंग कांट्रैक्टर पी शिवप्रसाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गयी। जिस वेंडर को वीडियो में देखा गया है वो शिवप्रसाद के अंतर्गत कार्यरत था। उन्होंने बताया कि शिवप्रसाद पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।

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Sunday, 29 April 2018

बेतुके बयान पर घिरे बिप्लब, पीएम मोदी ने किया तलब .....






अगरतला : 
अपने बयानों से विवाद खड़ा करने और सुर्खियों में बने रहने वाले त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तलब किया है. बिप्लब 2 मई को पीएम मोदी से मिलेंगे.   पिछले कुछ दिनों में कई ऐसे बयान दे दिये जिससे हंगामा खड़ा हो गया. सबसे ताजा बयान में उन्होंने बेरोजगारों को नसीहत दी है कि युवा सरकारी नौकरी का इंतजार ना करें. पान दुकान खोलें, गाय पाले इससे लाखों कमा सकते हैं. उनके इस बयान पर विरोधी दलों ने जमकर निशाना साधा है.
मुख्यमंत्री बिप्लब देब के बयान से पार्टी के कई बड़े नेता नाराज हैं. उनके बयानबाजी के कारण भाजपा को दूसरी जगहों पर नुकसान हो सकता है. सूत्रों की मानें तो भाजपा के अंदर ही कुछ बड़े नेताओं ने पीएम मोदी से इसकी शिकायत की जिसके बाद पीएम मोदी ने बिप्लब को तलब किया. पार्टी के कई नेताओं का मानना है कि बिप्लब की बयानबाजी का असर दूसरे राज्यों पर पड़ेगा. खासतौर पर अभी कर्नाटक में होने वाले चुनाव का सीधा असर पड़ेगा. 




बिप्लब देब ने हाल में ही कई तरह के बयान दिये जिसमें उन्होंने महाभारत काल से भारत में इंटरनेट होने की बात कह दी थी. इस बात को सही साबित करने के लिए उन्होंने संजय का धृतराष्ट्र को युद्ध का सजीव चित्रण करने का उदाहरण दिया था. भारत कई युगों से इंटरनेट का उपयोग करता आ रहा है. हमारे देश में ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है. ये वो देश है, जिसमें महाभारत के दौरान संजय ने बैठकर धृतराष्ट्र को बताया था कि युद्ध में क्या चल रहा है.
संजय दूर बैठे सब देख सकते थे. इसका अर्थ यह है कि उस समय भी तकनीक, इंटरनेट और सैटेलाइट था.  एक दूसरे बयान में उन्होंने डायना हेडन को 1997 में मिस वर्ल्ड खिताब जीतने पर सवाल उठाया था और इसे बाजार से जोड़ते हुए  अंतरराष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिताओं को छलावा करार दिया था. उन्होंने कहा था डायना इस योग्य नहीं है कि उन्हें यह सम्मान दिया जाए.

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विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुले, दर्शन को उमड़े हजारों भक्त


विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम के कपाट आज (सोमवार) सुबह श्रद्धालुओं के लिए खुल गए हैं। तड़के सवा तीन बजे से मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के साथ कपाट खोलने की प्रक्रिया शुरू हो गयी थी। ठीक साढ़े चार बजे ब्रह्म मुहुर्त में भगवान बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए। अब छह महीने बदरीनाथ में भगवान के दर्शन होंगे।




सोमवार तड़के भगवान कुबेर और उद्धव जी ने मंदिर में प्रवेश किया। बदरीनाथ मंदिर के धर्माधिकारी भुवन चंद उनियाल ने बताया कि ब्रह्म मुहुर्त में कपाट खुलने के बाद अगले छह माह तक भगवान की पूजा का अधिकार मनुष्यों को प्राप्त हो जाएगा। रावल ईश्वर प्रसाद नम्बूरी की उपस्थिति में टिहरी नरेश के राजपुरोहित और बामणी गांव के प्रतिनिधि मंदिर का ताला खोला गया। रावल और धर्माधिकारी मंदिर में प्रवेश कर भगवान बदरीविशाल के घृत कंबल का अनावरण किया। विशेष पूजा-अर्चना के बाद चार बजकर 30 मिनट पर भगवान के दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया।

कब क्या हुआ

3.15 बजे मंदिर के कर्मचारी एवं पुलिस-प्रशासन के लोग ड्यूटी पर तैनात किए गए।
3.30 बजे भगवान कुबेर जी दक्षिण द्वार से बामणी गांव के वृत्तिदारों के साथ परिक्रमा परिसर में प्रवेश किया।
3.40 बजे विशिष्ट अतिथि बीआईपी गेट से परिक्रमा परिसर में प्रवेश किया।
3.50 बजे बंदे रावल जी धर्नाधिकारी, वेदपाठी, डिमरी समुदाय के पुजारीगण, टिहरी राज परिवार के पुरोहितों ने उत्तर द्वार से प्रवेश किया।
4.00 बजे बदरीनाथ मंदिर के भीतर पूजन शुरू हो गया, अंदर सभी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए।
4.30 बजे सबसे पहले विशिष्ट अतिथि, अधिकारी एवं मंदिर के जुड़े लोग दर्शन किए। इसके साथ ही आम श्रद्धालुओं के लिए मुख्य कपाट खोल दिए गए।




धरती पर बैकुंठ है श्री बदरीनाथ धाम

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित बदरीनाथ धाम को पृथ्वी पर भू-बैकुंठ भी कहा जाता है। भारत के चारधामों में एक उत्तर हिमालय में बदरीनाथ धाम को मोक्ष का धाम भी कहा जाता है। इस धाम की विशेषता यह है कि इसे सत युग में मुक्ति प्रदा, त्रेता में योग सिद्धिदा, द्वापर में विशाला ओर कलियुग मे बदरीकाश्रम नाम से पहचान मिली है।

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Thursday, 1 March 2018

दिल्ली के मदरसे में 70 साल के मौलाना ने 8 साल की बच्ची से किया रेप






दिल्ली के एक मदरसे में आठ साल की मासूम बच्ची के साथ रेप की घिनौनी वारदात सामने आई है. यह आरोप मदरसे के 70 वर्षीय मौलाना जफीर आलम पर लगा है. मदरसा दिल्ली के बवाना जेजे कॉलोनी इलाके में स्थित है. इस मदरसे में आसपास के झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले छोटे बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं.
आरोप है कि शनिवार शाम करीब सात बजे मदरसे से सभी बच्चों की छुट्टी कर दी गई. इस दौरान मौलाना ने एक आठ साल की बच्ची को मदरसे में ही रोक लिया. बच्ची मौलाना को दादा बोलती थी और उसके कहने पर वहां रुकी थी.
बताया जा रहा है कि जब बच्ची वहां रुक गई, तो मौलाना ने लकड़ी और बांस से बने मदरसे के गेट को बंद किया और बच्ची के कपड़े उतार दिए. इसके बाद बच्ची के मुंह में कपड़ा ठूंस कर रेप किया. साथ ही बच्ची को धमकी दी कि अगर उसने इस घटना के बारे में किसी को बताने की कोशिश की, तो वह उसको जान से मार देगा. इसके बाद बच्ची इतनी डर गई कि उसने यह बात घर पर भी किसी से नहीं बताया.
वहीं, रेप के बाद दो दिन तक बच्ची की हालत बिगड़ती रही. बच्ची के शरीर से लगातार ब्लीडिंग हो रही थी और पेट में दर्द था. जब परिजनों को बच्ची के पेट में दर्द का पता चला, तो वो उसको डॉक्टर के पास ले कर गए. डॉक्टर ने देखने के बाद बच्ची के साथ रेप की आशंका जताई. जब बच्ची से पूछा गया, तो उसने पूरी आपबीती सुना दी.




इसके बाद दिल्ली के नरेला थाना में मामले की शिकायत की गई. पुलिस ने बच्ची को बाबा साहब अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां रेप की पुष्टि हुई. इसके बाद पुलिस ने मौलाना को गिरफ्तार कर लिया है. फिलहाल बच्ची का बाबा साहब अंबेडकर अस्पताल में इलाज जारी है. इस दौरान बच्ची से मिलने के लिए दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल भी अस्पताल पहुंचीं.
वहीं, मौलाना के खिलाफ स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा है. इनका कहना है कि वो जिस मौलाना पर इतना भरोसा करते थे, जिसके भरोसे अपने छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ा करते थे, उसने ही एक मासूम बच्ची से दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया. स्थानीय लोग मामले में मौलाना को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं. फिलहाल मौलाना नरेला थाना पुलिस की गिरफ्त में है और मामले की जांच की जा रही है.

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Wednesday, 28 February 2018

कांग्रेस नेता के लाल है भैया , जेल में भी 5 स्टार होटल की सुविधा चाहिए .......





पूर्व वित्त मंत्री और गृहमंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम चाहते थे कि सीबीआई उन्हें गिरफ्तार करके चेन्नई से दिल्ली लाते समय हवाई जहाज के बिजनेस क्लास में लेकर आए. इस पर सीबीआई अधिकारियों ने कार्ति को बताया कि नियमों के तहत उन्हें इकोनॉमी क्लास में ही ले जाया जा सकता है.
सीबीआई के सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि कार्ति ने इसके बाद सीबीआई अधिकारियों से कहा कि उन्हें जेट एयरवेज से ले जाया जाए. कार्ति ने कहा कि वह नियमित रूप से जेट एयरवेज की फ्लाइट्स इस्तेमाल करते हैं, शायद वह उनके टिकट को अपग्रेड कर बिजनेस क्लास में बदल दे. हालांकि, सीबीआई अधिकारियों ने कहा कि उन्हें कार्ति को इकोनॉमी क्लास में ही ले जाने के निर्देश हैं.




कार्ति बुधवार को लंदन से भारत आए थे. यहां आते ही उन्हें सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया. कार्ति के पिता पी. चिदंबरम भी लंदन में थे और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में उनका एक लेक्चर होना था. पी. चिदंबरम ने कार्ति की गिरफ्तारी के बाद इसे रद्द कर दिया.
कार्ति चिदंबरम को सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया मनी लॉन्ड्रिंग केस में चेन्नई एयरपोर्ट से ही गिरफ्तार कर लिया था. उन्हें चेन्नई से दिल्ली लाकर अदालत में पेश किया गया. सीबीआई को उनकी एक दिन की रिमांड मिली. उनकी आज फिर से कोर्ट में पेशी होनी है. कार्ति जमानत के लिए अपील कर रहे हैं.
आपको बता दें कि अपनी बेटी शीना वोरा की हत्या के केस में जेल में बंद और आईएनएक्स मीडिया मालिक इंद्राणी मुखर्जी और पीटर मुखर्जी ने दावा किया था कि उन्होंने पी. चिदंबरम और कार्ति चिदंबरम से अलग-अलग मुलाकात की थी. इस मुलाकात से उन्हें विदेशी फंड लेने में मदद मिली थी. आरोप हैं कि इस फंड को लेने के निए नियमों से खिलवाड़ किया गया. यह काम करवाने के लिए कार्ति की कंपनी को 10 लाख रुपये मिले थे.
इंद्राणी का यह बयान ईडी ने दर्ज किया है. कार्ति के खिलाफ ईडी और सीबीआई जांच कर रही हैं. ईडी का कहना है कि इंद्राणी ने सीबीआई के सामने भी यही बयान दिया है.
कार्ति की ओर से पेश हुए वकील और कांग्रेसी नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा है कि सीबीआई का आरोप गलत है कि कार्ति जांच में मदद नहीं कर रहे थे. उन्होंने कहा कि सीबीआई ने जब भी समन दिया, कार्ति उनके सामने पेश हुए. वहीं, सीबीआई ने बुधवार को कहा था कि उसे जानकारी मिली थी कि कार्ति लंदन में रहकर अपने खिलाफ सबूतों को नष्ट कर रहे थे  और जांच में मदद नहीं कर रहे थे.

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सीमा पर भारत ने दिया मुंहतोड़ जवाब, 2 पाकिस्तानी सैनिक ढेर ....

सीमा पर बार-बार सीजफायर का उल्लंघन करने वाले आतंकवाद के पनाहगाह पाकिस्तान को भारतीय सुरक्षा बलों ने फिर से मुंहतोड़ जवाब दिया है. राजौरी सेक्टर से सटे बॉर्डर पार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के भीमबर सेक्टर में भारतीय सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में दो पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं.
सीमा के इस पार राजौरी सेक्टर है, जबकि उस पार PoK में भीमबर जिला है. भारतीय सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में मारे गए पाकिस्तानी सैनिकों की पहचान 32 वर्षीय मोहम्मद मनीर चौहान और 28 वर्षीय आमिर हुसैन के रूप में हुई है. मनीर चौहान कहुता गांव और आमिर हुसैन भीमबर जिले के रहने वाले थे.
दरअसल, बुधवार को पाकिस्तानी सेना ने सीजफायर तोड़ते हुए जम्मू-कश्मीर के राजौरी, सुंदरबनी, नौशेरा, कलल और खौर सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) के नजदीक अंधाधुंध गोलाबारी की थी. पाकिस्तान ने भारतीय चौकियों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया था और मोर्टार दागे थे.
पाकिस्तान की अंधाधुंध गोलाबारी की वजह से पुंछ और राजौरी जिले में 72 स्कूलों को बंद करना पड़ा. इसके बाद भारतीय सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया. भारतीय सेना की इस जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के दो सैनिक मारे गए.

राष्ट्रपति , प्रधानमंत्री से सेना प्रमुख की शिकायत करेंगे बदरुद्दीन अजमल ......


ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट
(एआईयूडीएफ) के मुखिया बदरुद्दीन अजमल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत की शिकायत करेंगे। एआईयूडीएफ के मुखिया इस ये मसला राष्ट्रपति और पीएम के सामने चाय और मिठाई पर चर्चा के दौरान उठाएंगे। आपको बता दें कि एक हफ्ते पहले सेना प्रमुख ने एआईयूडीएफ के विकास की तुलना भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से कराई थी। 21 फरवरी को दिल्ली में आयोजित एक सेमिनार में रावत ने कहा था, “एआईयूडीएफ नाम की पार्टी बीते सालों में भाजपा के मुकाबले तेजी से बढ़ी है। हम जब दो सांसदों के साथ जनसंघ की और उसकी असल स्थिति की बात करते हैं तो एआईयूडीएफ ऐसी स्थिति में असम में तेजी से आगे बढ़ रही है।”
एआईयूडीएफ के अध्यक्ष बदरुद्दीन अजमल लोकसभा से सांसद हैं और फिलहाल दिल्ली में हैं। उन्होंने इस बारे में बताया, “मैं वहां जाऊंगा और चाय पियूंगा। मिठाई भी खाऊंगा, लेकिन मैं उन्हें एआईयूडीएफ से जुड़े तथ्यों से भी परिचित कराऊंगा। हमें इस बात पर कोई गलती महसूस नहीं होती है कि हम कौन हैं और क्या करते हैं।”
अजमल इससे पहले मंगलवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिले थे। उन्होंने इस दौरान राजनाथ को दो पन्नों का ज्ञापन भी सौंपा और सेना प्रमुख के बयान पर स्पष्टीकरण की मांग की। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में अजमल बोले कि वह और उनके 13 विधायकों की राष्ट्रपति से मिलने की योजना है। वे इस मुलाकात में कोविंद को सेना प्रमुख की टिप्पणी से रू-ब-रू कराएंगे। यही नहीं, वे पीएम मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी इस मसले पर मिलेंगे। एआईयूडीएफ के मुखिया का कहना है, “सेना प्रमुख ने जो कहा मैं उससे समझ नहीं पाया कि वह क्या कहना चाह रहे थे। उन्हें अपने बयान को स्पष्ट करना चाहिए।” असम की 126 विधानसभा सीटों में एआईयूडीएफ साल 1985 में बनी थी। साल 2006 में यह सीटें जीती। 2011 में 18 सीटें हासिल कीं और 2016 में इसके हिस्से में 13 सीटें आईं।

JK: बंदीपुरा के हाजिन में सेना संग मुठभेड़ में 1 आतंकी ढेर, कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी


जम्मू-कश्मीर
के बंदीपुरा स्थित हाजिन क्षेत्र में आज (1 मार्च) सुबह सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। दोनों पक्षों के बीच हुई इस मुठभेड़ में अभी तक एक आतंकी के मारे जाने की खबर सामने आ रही है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस मुठभेड़ की खबर की पुष्टि की है। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, भारतीय सुरक्षाबल अन्य आतंकियों को ढूंढने के लिए शकरूद्दीन गांव में सुबह से ही कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रहे हैं। सुरक्षाबलों की ओर से यह कार्रवाई तब की गई, जब उन्हें यहां पर आतंकियों के छिपे होने के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। पुलिस ने आगे बताया कि शुरुआत में यह सर्च ऑपरेशन था, लेकिन बाद में आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। ऐसे में यह एंकाउंटर में तब्दील हो गया।

तीसरी तिमाही में 7.2% रही GDP, चीन को पछाड़ पहले पायदान पर पहुंचा भारत


केंद्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के लिए बुधवार को अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर एक अच्छी खबर आई है। 2018 की तीसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 7.2 फीसद रही है। इससे पिछली तिमाही में 6.3 फीसद रही थी। जीडीपी की इस रफ्तार के बूते भारत ने चीन को भी पीछे छोड़ दिया है। इस विकास दर के साथ ही भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली इकोनॉमी बन गई है। इस तिमाही के दौरान चीन की जीडीपी की रफ्तार 6.8 फीसदी रही थी। आपको बता दें कि चालू वित्त वर्ष (2017-18) की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में भारत की जीडीपी 6.3 फीसद और वहीं पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 5.7 फीसदी रही थी। इस तीसरी तिमाही में विशेषज्ञों द्वारा अनुमान लगाया जा रहा था कि जीडीपी के 6.9 प्रतिशत रहने के आसार हैं। लेकिन सारे आंकलन को पीछे चोड़ते हुए 7.2 फीसद की ग्रोथ रेट ने केंद्र सरकार को बड़ी राहत पहुंचाई है।
चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कृषि क्षेत्र में बड़ा सुधार देखने को मिला है। इस अवधि के दौरान कृषि ग्रोथ 1.7 से बढ़कर 4.1 फीसद रही। वहीं अगर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की बात करें तो तीसरी तिमाही के दौरान मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ 8.1 फीसद रही जो कि सालाना आधार पिछली बार 7 फीसद रही थी।

इससे पहले 2016 में भारतीय जीडीपी में तेज वृद्ध‍ि देखने को मिली थी। यह 2016 के आख‍िरी तीन महीनों के दौरान से तेजी से बढ़ी थी। वित्त वर्ष 2017-18 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में जीडीपी ग्रोथ रेट 6.5 फीसदी रहा। जीडीपी के इन आंकड़ों से केन्द्र सरकार को राहत पहुंची क्योंकि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी विकास दर 5.7 फीसदी थी।

Thursday, 22 February 2018

हाँ मेरे सामने आप के विधायकों नें चीफ सेक्रेटरी की पिटाई की : केजरीवाल के सलाहकार






दिल्ली
के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सलाहकार वीके जैन ने दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी की पिटाई मामले में अपने पहले के बयान का खंडन किया है और पुलिस को बताया है कि उन्होंने दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश पर हमला होते हुए देखा था। उन्होंने बताया कि 19 फरवरी को केजरीवाल के आवास पर की गई एक बैठक में मुख्य सचिव पर हमला हुआ था, जिसमें उनका चश्मा गिरते हुए उन्होंने देखा था। गुरुवार (22 फरवरी) को दिल्ली कोर्ट में प्रकाश पर हमले के आरोपी दो आम आदमी पार्टी के विधायकों की जमानत की सुनवाई के दौरान वीके जैन ने पहला बयान दर्ज कराया था, वहीं उन्होंने दूसरा बयान आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराया। दो नए बयान जैन के पहले के दिए हुए बयानों का खंडन करते हैं। बुधवार (21 फरवरी) को पुलिस को दिए एक बयान में उन्होंने कहा कि वह 19 फरवरी की बैठक में मौजूद थे लेकिन हमला होते हुए नहीं देखा और उन्होंने कहा था कि वह कुछ मिनट के लिए वॉशरूम में थे।






अतिरिक्त लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने महानगर मजिस्ट्रेट शेफाली बरनाला टंडन को गुरुवार को बताया कि जैन के बयान को पुलिस के सामने दर्ज किया गया। ”आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत बयान में जैन ने कहा कि 11.30 बजे वह अपने महारानी बाग स्थित घर से निकले और आधी रात के वक्त मुख्यमंत्री के आवास पर पहुंचे।” अभियोजक के अनुसार जैन ने बयान में स्वीकार किया है कि वॉशरूम से निकलने के बाद उन्होंने प्रकाश पर हमला होते हुए देखा। ”उन्होंने देखा कि दो विधायकों ने मुख्य सचिव को घेर लिया था, वे उन पर हमला कर रहे थे और तभी उनका चश्मा गिर गया।” आप विधायकों के बचाव पक्ष के वकील बीएस जून ने जमानत के लिए हुई बहस के दौरान जैन के विरोधाभाषी बयानों पर ध्यान दिया। अभियोग पक्ष के वकील ने सुनवाई के दौरान आप विधायकों की जमानत के खिलाफ उन्हें पुलिस हिरासत में रखने के लिए नया प्रार्थनापत्र तैयार किया।
अदालत ने शुक्रवार के लिए अपना फैसला सुरक्षित रखा और दोनों विधायकों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। देवली के विधायक प्रकाश झारवाल और ओखला के विधायक अमानतुल्लाह खान बुधवार को न्यायिक हिरासत में भेजे गए। विशेष पुलिस आयुक्त और प्रवक्ता दीपेंद्र पाठक ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि पुलिस ने मजिस्ट्रेट के सामने पहले जैन का बयान आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 161 के तहत दर्ज किया था, फिर आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत दर्ज किया। यह पाया गया है कि जैन ने आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत दिए अपने बयान में कहा- ”जब मैं वापस आया, मैंने दो विधायकों अमानतुल्लाह खान और प्रकाश झारवाल को देखा, दोनों बैठे हुए थे, वे दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश को यह पूछते हुए पीट रहे थे कि वह काम क्यों नहीं कर रहे हैं… वे उन्हें धक्का दे रहे थे, उनकी ठोड़ी पकड़ कर धमका रहे थे। वे पूछ रहे थे आप काम क्यों नहीं कर रहे हैं। इस घटना में उनका चश्मा गिर गया।”

पुलिस के सूत्रों ने कहा कि जैन गुरुवार को अपना बयान दर्ज कराने के लिए सुबह 10 बजे सिविल लाइंस पुलिस थाने में गए थे। 1984 के DANICS बैच और 2001 के आईएएस अधिकारी 60 वर्षीय जैन को केजरीवाल ने 2017 में एडवाइजर कम कंसल्टेंट नियुक्त किया था। जैन कई सरकारी विभागों में काम कर चुके हैं और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के तौर पर रिटायर हो चुके हैं।

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मेरे पास ED के सामने पेश होने का समय नहीं , मैं व्यस्त हूँ : नीरव मोदी



नई दिल्ली:  
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में 11 हज़ार करोड़ रुपये से ज़्यादा के फर्ज़ीवाड़ा मामले के सूत्रधार नीरव मोदी गुरुवार को ED (प्रवर्तन निदेशालय) के सामने पेश नहीं हुए।
सूत्रों के मुताबिक ED ने नीरव मोदी को एक बार फिर से पेश होने के लिए समन जारी किया है। ED ने कहा कि नीरव मोदी को तीसरी बार समन जारी किया गया है अगर इस बार भी वो ED के सामने पेश नहीं होते तो उनके खिलाफ़ प्रत्यर्पण की कार्रवाई तेज़ कर दी जाएगी। 
अब मोदी को 26 फरवरी को मुंबई में केंद्रीय जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने को कहा गया है। इससे पहले ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉड्रिंग ऐक्ट (PMLA) के तहत नीरव मोदी को तलब किया था। 

सूत्रों ने कहा कि अस्थायी रूप से पासपोर्ट को निलंबित किए जाने और लंबित कारोबारी मामलों में व्यस्तता को नीरव ने अपने पेश नहीं होने की वजह बताया है।
जानकारी मिली है कि मोदी ने ED को ई-मेल भेजकर बताया है कि उसका पासपोर्ट अस्थायी रूप से निलंबित हो चुका है और वह मौजूदा घटनाक्रम को लेकर देश में जांच का सामना कर रहा है, ऐसे में पेश होना संभव नहीं है।


बता दें कि नीरव मोदी इससे पहले ही PNB को ख़त लिखकर पैसा लौटाने से भी इनकार कर चुके हैं।
15-16 फरवरी को बैंक को लिखे पत्र में नीरव ने कहा था, 'गलत तौर पर बताई गई बकाया राशि से मीडिया में होहल्ला हो गया और परिणाम स्वरूप तत्काल तौर पर खोज का काम शुरू हो गया और परिचालन भी बंद हो गया। इससे समूह पर बैंक के बकाया को चुकाने की हमारी क्षमता खतरे में पड़ गई है।'
ED ने इस मामले में नीरव के मामा और गीतांजलि ज्वेलर्स के मालिक मेहुल चौकसी को शुक्रवार को पेश होने को कहा है। अगर चौकसी भी आज पेश नहीं होते हैं तो उन्हें भी नए सिरे से समन जारी किया जाएगा।
इस बीच एजेंसी ने गुरुवार को मोदी और चौकसी की समूह कंपनियों से जुड़े 100 करोड़ रुपये के शेयरों, म्यूचुअल फंड और लक्जरी कारों को अपने कब्जे में ले लिया।
गौरतलब है कि कुछ साल पहले शराब कारोबारी विजय माल्या ने भी अपने पेश नहीं होने की यही वजह बताई थी। बता दें कि नीरव अपने परिवार समेत जनवरी के पहले हफ्ते में ही देश छोड़कर भाग गया था। जांच एजेंसियों को भी अभी यह नहीं पता कि वह इस वक्त कहां हैं।

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Monday, 12 February 2018

मुझे पाकिस्तान से बेहद प्यार है : मणिशंकर अय्यर (कांग्रेस नेता)




कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने फिर से पाकिस्तान में विवादित बयान दिया है |

कराची :
 कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर इन दिनों पाकिस्तान के दौरे पर हैं. करांची पहुंचते ही मणिशंकर के दिल में पाकिस्तान के प्रति प्रेम उमड़ आया. उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान को प्यार करते हैं. पाकिस्तान पर प्यार उड़ेलने की वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान से इसलिए प्यार करते हैं, क्योंकि वे भारत से प्यार करते हैं. अय्यर 'कराची लिटरेचर फेस्टिवल' में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान के दौरे पर हैं. लिटरेचर फेस्टिवल को संबोधित करते हुए उन्होंने पाकिस्‍तान की नीतियों पर खुशी जाहिर की जबकि भारतीय नीति को लेकर दुख जताया.
बातचीत ही एकमात्र रास्ता :

मणिशंकर अय्यर ने कहा, ‘भारत और पाकिस्‍तान के बीच के मुद्दों को सुलझाने के लिए सिर्फ एक ही रास्‍ता है, और वह बातचीत का रास्ता. मुझे बहुत गर्व है कि पाकिस्‍तान ने इस नीति को स्‍वीकार कर लिया है, लेकिन दुखी भी हूं कि इसे भारतीय नीति के तौर पर नहीं अपनाया गया.' उन्होंने कहा कि लगातार बातचीत से बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान हो जाता है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘मैं पाकिस्‍तान से प्‍यार करता हूं क्‍योंकि मैं भारत से प्‍यार करता हूं.' उन्होंने कहा कि भारत को भी अपने पड़ोसियों से प्यार करना चाहिए.

2015 में भी किया था पाकिस्तान का स्तुतिगान :

इससे पहले भी उन्होंने पाकिस्तान के पक्ष में बयान दिया था. एक पाकिस्तानी चैनल को दिए अपने इंटरव्यू में मणिशंकर अय्यर ने कहा था कि यदि भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता बहाल करनी है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हटाना पड़ेगा.
टीवी के एंकर ने पूछा कि दोनों देशों के बीच गतिरोध दूर करने के लिए क्या किया जाए तो अय्यर ने जवाब दिया, ‘पहली और सबसे बड़ी चीज है कि मोदी को हटाया जाए. केवल तभी वार्ता आगे बढ़ सकती है. हमें और चार साल इंतजार करना होगा. वे (पैनल में शामिल लोग) भले ही आशावादी हैं कि जब मोदी साहब (सत्ता में) हैं, तब हम आगे बढ़ सकते हैं, लेकिन मैं ऐसा नहीं सोचता.’’
उन्होंने आगे कहा, ‘‘हमें (कांग्रेस को) सत्ता में वापस लाइए और उन्हें हटाइए. (संबंध बेहतर बनाने के लिए) और कोई रास्ता नहीं है. हम उन्हें हटा देंगे लेकिन तबतक आपको (पाकिस्तान को) इंतजार करना होगा.’’  



प्रधानमंत्री के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल

पिछले साल दिसंबर में गुजरात चुनाव के दौरान मणिशंकर अय्यर ने प्रधानमंत्री के लिए अपशब्दों का प्रयोग किया था. पीएम नरेंद्र मोदी ने डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर का उद्घाटन करते हुए नेहरू गांधी परिवार पर परोक्ष निशाना साधते हुए कहा कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के जाने के बरसों बाद तक राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को मिटाने के प्रयास किए जाते रहे लेकिन जिस 'एक परिवार' के लिए ये सब किया गया, उस परिवार से कहीं ज्यादा लोग आज बाबा साहेब से प्रभावित हैं.
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने भाषा की मर्यादा को तोड़ दिया. उन्‍होंने कहा कि अंबेडकर की याद में बनी इमारत के उद्घाटन के मौके पर ऐसी बात नहीं करनी चाहिए. मणिशंकर अय्यर ने कहा, ''...इसमें कोई सभ्‍यता नहीं और ऐसे मौके पर इस किस्‍म की गंदी राजनीति करने की क्‍या आवश्‍यकता है?'' 
इससे पहले 2014 के आम चुनावों में उन्होंने प्रधानमंत्री पद के बीजेपी उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को 'चाय वाला' कह कर संबोधित किया था.
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अब और बर्दास्त नहीं कर सकते , बहुत जल्द PAK को चुकानी होगी बड़ी कीमत .....





जम्मू :
 
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज सोमवार को जम्मू का दौरा किया. रक्षा मंत्री यहां सुंजवान आर्मी कैंप हमले में घायल लोगों को देखने के लिए अस्पताल गईं और फिर राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से भी मुलाकात की. पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि इस हमले में पाकिस्तान का हाथ है. इस बात के उनके पास पुख्ता सबूत हैं. उन्होंने कहा कि जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी. पाकिस्तान को इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि सेना को अति आधुनिक रक्षा उपकरणों से लैस किया जाएगा.
पाकिस्तान को दिए जाएंगे सबूत :

रक्षा मंत्री ने कहा कि घटना स्थल पर आतंकवादियों के पास से मिले सभी सामान और दस्तावेजों का इकट्ठा कर लिया गया है. इन दस्तावेजों से साफ हो गया है कि ये आतंकवादी पाकिस्तान से आए थे और जैश-ए-मोहम्मद गुट के थे. उन्होंने कहा कि इन सभी सबूतों को पाकिस्तान के समक्ष पेश किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इससे पहले भी पाकिस्तान को कई बार दस्तावेज पेश किए गए हैं, लेकिन उसने कोई कार्रवाई नहीं की. रक्षा मंत्री ने बताया कि मारे गए सभी आतंकी जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य थे, जिनको पाकिस्तान में बैठे अजहर मसूद द्वारा संचालित किया जा रहा है.उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान को सबूत देना एक निरंतर प्रक्रिया है. इससे यह साबित किया जाता है कि भारत में हो रहे आतंकी हमलों के लिए पाकिस्तान जिम्मेदार है और इनके लिए पाकिस्तान को भुगतान करना होगा.

सेना का ऑपरेशन खत्म



सेना के ऑपरेशन के बारे में उन्होंने बताया कि सोमवार की सुबह 10.30 सेना का ऑपरेशन खत्म हो गया. और इस ऑपरेशन में सभी आतंकी मारे गए हैं. उन्होंने बताया कि सेना का सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है. 
5 जवान शहीद  :

निर्मला सीतारमण ने बताया कि इस आतंकी हमले में 6 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 5 सेना के जवान शामिल हैं. तीन आतंकी मारे जा चुके हैं. एक अन्य आतंकी भी मारा गया है जो कि इन तीन आतंकियों का गाइड था. यह कैंप में प्रवेश नहीं कर पाया था.

पीर पंजाल आतंकवाद का अड्डा :

उन्होंने बताया कि खुफिया जानकारी से पता चला है कि आतंकवादियों को सीमावर्ती इलाकों से कंट्रोल किया जा रहा है. एनआईए को जानकारी मिली है कि पाकिस्तान के पीर पंजाल के दक्षिण में आतंकवाद का विस्तार किया जा रहा है. सीजफायर का उल्लंघन आतंकवादियों को भारतीय सीमा में घुसपैठ के लिए किया जा रहा है.

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पाकिस्तान के खिलाफ बड़े एक्शन की तैयारी में भारत , अब PAK को चुकानी होगी कीमत : रक्षा मंत्री (भारत)





दुनियाभर के लिए टेररिस्तान बन चुके पाकिस्तान की शैतानी हरकतें कम होने का नाम नहीं ले रहा है। पाक सेना और खुफिया एजेंसी के इशारे पर उसके पालतू आतंकी जम्मू-कश्मीर में लगातार खूनी खेल रहा है। भारत लगातार पाकिस्तान से अपने इस नापाक हरकतों पर रोक लगाने की अपील कर रहा है। लेकिन भारत की इस अपील का पाकिस्तान पर कोई खास असर होता नहीं दिख रहा है। जम्मू के सुंजवान सैन्य कैंप पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत में खासा रोष है। पूरा देश सरकार और सैना से पाकिस्तान के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की मांग कर रहा है कि फिर वो भारत की तरफ आंख उठाकर देखने की हिम्मत न कर सके।

जनता में बढ़ते आक्रोश के बीच भारत सरकार भी पाकिस्तान की इन हरकतों से आजिज आ चुका और सरकार के स्तर पर भी पाकिस्तान को सबक सिखाने की मांग लगतार तेज होती जा रही है। सरकार भी पाकिस्तान के खिलाफ कठोर जवाबी कार्रवाई के विकल्प पर गंभीर नजर आ रही है। सुंजवां सैन्य बेस का जायजा लेने गई रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी इसका साफ संकेत देते हुए कहा कि पाकिस्तान को इसकी कीमत चुकानी होगी।



वहीं सुंजवान सैन्य कैंप पर हुए आतंकी हमलों के बाद सरकार के शीर्ष स्तर पर बैठकों के दौर चल रहा है। बताया जा रहा है कि इन बैठकों में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा हालातों की समीक्षा के साथ पाकिस्तान को सबक सिखाने के तौर-तरीकों पर भी गहन मंत्रणा हो रही है। रक्षा मंत्रालय, सेना मुख्यालय और गृहमंत्रालय में सीमा पर पाकिस्तान की नापाक हरकतों का माकूल जवाब देने की रणनीति पर सोमवार को बैठकों का दौर चला। इसमें सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ ही बैठक सबसे अहम रही। 
भारत के इस रूख से अब पाकिस्तान को भी खौफ सताने लगा है। लिहाजा पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई के रुख को भांपते हुए ही पाकिस्तान ने भारत को किसी दूसरे सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर चेतावनी दी है। आपको बता दें कि सुंजवान सैन्य कैंप पर हुए आतंकी हमले में पांच जवान शहीद हो गए और एक आम नागरिक की भी मौत हो गई। हमले में छह महिलाएं सहित 10 आम नागरिक भी घायल हुए थे।


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