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Wednesday, 14 November 2018

सर्जिकल स्ट्राइक-2 :1 किलोमीटर पाकिस्तान सीमा में घुसकर आतंकियों को किया ढेर , भारी मात्रा में हथियार और ड्रग्स भी बरामद


डीआरआई यानी डायरेक्टरेट ऑफ रेवन्यू इंटेलिजेंस और आर्मी ने मिलकर दो अलग- अलग ऑपेरशन को भारत पाकिस्तान सीमा पर अंजाम दिया, जिसमें बड़ी मात्रा में हथियार ,गोला बारूद और नशे की एक बड़ी खेप बरामद की है. डीआरआई को जानकरी मिली कि पाकिस्तान से बड़े पैमाने पर ड्रग्स और हथियारों की खेप भारत पहुंचने वाली है, डीआरआई के अधिकारियों के मुताबिक उनकी टीम 15 दिन तक सेना के साथ बंकरों में रही और आखिरकार 13 नवंबर की सुबह तड़के अखनूर इलाके के गिगरियाल गांव के पास डीआरआई और सेना को पाकिस्तान की तरफ से हलचल देखने को मिली जिसके बाद दोनों ने मिलकर आतंकियों को रोकने की कोशिश की तो आतंकियों ने सेना और डीआरआई पर फायरिंग कर दी.


आत्म रक्षा के लिए सेना और डीआरआई ने फायरिंग की तो सारे आतंकी वापस पाकिस्तान सीमा की ओर भागे तो सेना और डीआरआई ने एक सर्जिकल स्ट्राइक की जिसके तहत वो सीमा पर लगी बाड़ से एक किलोमीटर अंदर तक घुस गए. ये वो इलाका था जो नो मेंस ज़ोन कहलाता है सेना ने भी जबाबी फायरिंग की जिसमें एक आतंकी की मौत हो गई.

डीआरआई के डायरेक्टर डीपी दास के मुताबिक 'हमारी टीम को जानकारी मिल रही थी कि पाकिस्तान से बड़ी मात्रा हेरोइन और हथियारों की खेप बॉर्डर पार कर भारत आने वाली है. इस सूचना पर आर्मी के साथ काम करते हुए 6 नवंबर को जम्मू के अखनूर इलाके से करीब 21 किलो हेरोइन बरामद की. साथ में 4 पिस्टल 4 मैगज़ीन भी बरामद कीं है. जो हेरोइन बरामद हुई है उसके पैकेट में पाकिस्तान के लाहौर का पता लिखा हुआ था. पकड़ी गई हेरोइन की कीमत करीब 105 करोड़ है, जिसका प्रयोग नार्को टेररिज़्म के तहत होना था. पिछले तीन महीने में डीआरआई ने पाकिस्तान से जम्मू कश्मीर आई हेरोइन की ये तीसरी खेप पकड़ी है'

डीआरआई के इस ऑपेरशन में बड़े पैमाने पर गोला बारूद और हथियार बरामद हुए,डीआरआई के मुताबिक जो हथियार बरामद हुए उनमें एक AK-56 राइफल,15 हेंड ग्रेनेड,5 पिस्टल,12 डेटोनेटर्स और 294 कारतूस बरामद किए.

डीआरआई के मुताबिक इन हथियारों में चाइनीज़ मार्किंग थी जो पाकिस्तान से बॉर्डर क्रोस कर आतंक फैलाने के लिए भारत भेजे जा रहे थे. लेकिन भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने वक़्त रहते अगर करवाई ना कि होती तो मौत बाँटने का ये समान भारत मे आ जाता. डीआरआई अब इस पूरे नेटवर्क के वो तमाम कोड को डिकोड करने में लगी है ताकि भारत देश के खिलाफ साजिश करने वाले दुश्मनों को जड़ से ख़त्म किया जा सके .

Friday, 9 November 2018

महिला टी-20 विश्व कप : न्‍यूजीलैंड के खिलाफ हरमनप्रीत के तूफानी शतक से जीता भारत


नई दिल्ली।
कप्तान हरमनप्रीत कौर (103) के तूफानी शतक और जेमिमा रोड्रिग्ज (59) के बेहतरीन अर्धशतक की मदद से भारत ने यहां गयाना के प्रोविडेंस में जारी आइसीसी महिला टी-20 विश्व कप के अपने पहले मुकाबले में शुक्रवार को न्यूजीलैंड को 34 रनों से शिकस्त दे दी।

भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पांच विकेट पर 194 रन का विशाल स्कोर बनाया। जवाब में न्यूजीलैंड की टीम 20 ओवर में नौ विकेट के नुकसान पर 160 रन ही बना सकी। न्यूजीलैंड की ओर से सूजी बेटस ने सबसे ज्यादा 67 रन बनाए। बेटस ने 50 गेंद में आठ चौके लगाए।

इसके अलावा कैटे मार्टिन ने 25 गेंद में 39 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में आठ चौके लगाए। भारत की ओर से हेमलता और पूनम राउत ने तीन-तीन विकेट लिए। इससे पहले भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम ने एक समय 40 रन के अंदर ही अपने तीन विकेट गंवा दिए थे, लेकिन, इसके बाद हरमनप्रीत और जेमिमा ने चौथे विकेट के लिए 134 रन की शानदार साझेदारी कर भारतीय टीम का स्कोर निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट पर 194 रन तक पहुंचा दिया।

कप्तान हरमनप्रीत ने पहले 50 रन 33 गेंदों में और अगले 50 रन मात्र 16 गेंदों में ही पूरे कर दिए। उन्होंने 51 गेंदों पर अपनी इस तूफानी पारी के दौरान सात चौके और आठ छक्के उड़ाए। हरमनप्रीत का यह पहला टी-20 शतक है। वह भारत की ओर से टी-20 में शतक लगाने वाली पहली महिला भी बनी।

उनके अलावा जेमिमा ने 45 गेंदों पर सात चौके लगाए। जेमिमा का यह चौथा अर्धशतक है। तानिया भाटिया ने नौ, स्मृति मंधाना ने दो, हेमलता ने 15 और वेदा कृष्णामूर्ति ने नाबाद दो रन का योगदान दिया। न्यूजीलैंड की ओर से ली ताहुहु ने दो और जैस वाटकिन, लेह कास्पेरेक तथा सोफी डेवाइन ने एक-एक विकेट चटकाए।

नंबर गेम
-100 रन टी-20 में बनाने वाली भारत की पहली और दुनिया की नौवीं बल्लेबाज बनी हरमनप्रीत
- 29वर्षीय हरमन तीसरी कप्तान बनीं जिन्होंने कप्तान के तौर पर टी-20 में शतक लगाया। साथ ही टी-20 विश्व कप में शतक लगाने वाली तीसरी खिलाड़ी भी बन गई
-18 वर्ष 65 दिन की उम्र में जेमिमा रोड्रिग्ज ने टी-20 विश्व कप में अर्धशतक लगाया। वह विश्व कप में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाली महिला बनी
-194 पर पांच भारतीय महिला टीम का टी-20 में दूसरा सर्वश्रेष्ठ स्कोर है। भारत का सर्वश्रेष्ठ स्कोर 198 पर चार है, जो उन्होंने इसी वर्ष मुंबई में इंग्लैंड के खिलाफ बनाया था

छात्रा ने दारोगा का कॉलर पकड़कर सरेराह मारा तमाचा, वीडियो हुआ वायरल


लखनऊ । 
तेलीबाग में बुधवार शाम दारोगा द्वारा एक छात्रा को पीटने का मामला प्रकाश में आया। छात्रा अपनी मां के साथ स्कूटी से बाजार जा रही थी। घटना से आक्रोशित लोगों ने छात्रा के साथ मिलकर दारोगा पर कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। हंगामे के दौरान छात्रा ने दारोगा का कालर पकड़कर उसके बिल्ले नोच लिए। घंटों बवाल चलता रहा। इसके बाद छात्रा थाने में बिना तहरीर दिए चली गई।

रायबरेली रोड निवासी एक सैन्य अधिकारी की बेटी (छात्रा) बुधवार शाम अपनी मां के साथ स्कूटी से बाजार जा रही थी। जानकारी के मुताबिक त्योहारी बाजार पर भीड़ और जाम के मद्देनजर तेलीबाग चौकी की ओर से दूसरी तरफ जाने पर बैरीकेडिंग थी।

जाम की सूचना पर दो सिपाही इसी रास्ते से निकले। उसके बाद स्कूटी सवार छात्रा भी निकल रही थी। इस पर दारोगा आरजे गौतम ने छात्रा को रोकने का प्रयास किया तो दोनों में नोकझोंक शुरू हो गई। छात्रा का आरोप है कि इस पर दारोगा ने उसे पीट दिया इसके बाद स्कूटी में धक्का दे दिया। धक्के से छात्रा और उसकी मां गिर गई। घटना से मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।

घटना से आक्रोशित लोगों और छात्रा ने दारोगा पर कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। हंगामे के दौरान छात्रा ने दारोगा का कालर पकड़ लिया और काफी देर तक हिलाती रही। इस बीच छात्रा ने उसके बिल्ले भी नोच लिए। बवाल की सूचना पर सीओ तनु उपाध्याय, इंस्पेक्टर और अन्य पुलिस कर्मी पहुंचे। इस बीच मौका पाते ही दारोगा भाग निकला।

छात्रा का आरोप है कि उसने जब कार्रवाई की मांग की तो सीओ ने कहा कि तुमने दारोगा के बिल्ले नोचे हैं कालर पकड़ा है तुम्हारे खिलाफ भी मुकदमा लिखा जाएगा। इसके बाद छात्रा ने लिखित में कोई तहरीर नहीं दी और चली गई। इंस्पेक्टर ने बताया कि दारोगा द्वारा छात्रा की पिटाई की बात निराधार है। छात्रा धक्के रांग साइड जा रही थी। धक्के से वह गिर गई थी। उसने उल्टा दारोगा का कालर पकड़कर अभद्रता की है। छात्रा ने थाने में लिखित में कोई तहरीर भी नहीं दी है।

गोवा में आज या कल होगा नेतृत्व परिवर्तन, केंद्रीय मंत्री बोले- मुख्यमंत्री बदलना जरूरी


पणजी।
 केंद्रीय आयुष राज्यमंत्री श्रीपद नाइक ने कहा है कि गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रीकर की बीमारी को देखते हुए वहां आज या कल नेतृत्व में बदलाव करना ही होगा। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि बीमारी को ध्यान में रखते हुए पर्रीकर को मुख्यमंत्री पद से मुक्त करना जरूरी है।

नाइक ने कहा कि मुख्यमंत्री का स्वास्थ्य अच्छा नहीं है। लेकिन वह इस स्थिति में भी काम कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री गोवा के ऐसे पहले भाजपा नेता हैं जिन्होंने राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की मांग की है।

बीमारी के कारण लंबे समय तक पर्रीकर के अनुपस्थित रहने को लेकर प्रदेश भाजपा के साथ ही गठबंधन निशाने पर रहा है। गोवा के मुख्यमंत्री पैंक्रिएटिक कैंसर से पीडि़त हैं। पिछले नौ महीने से वह गोवा, मुंबई, न्यूयार्क और दिल्ली के अस्पतालों में भर्ती होते रहे हैं।

एम्स से लौटने के बाद से वह अपने निजी आवास से बाहर नहीं आए हैं। विपक्ष उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है। विपक्ष का कहना है कि मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में प्रशासन ठहराव का शिकार हो गया है।

भाजपा के विरोध के बावजूद कर्नाटक सरकार मनाएगी टीपू जयंती, धारा 144 लागू ........


बेंगलुरु।
 कर्नाटक पूर्ववर्ती मैसूर साम्राज्य के शासक रहे टीपू सुल्तान की जयंती पर सियासी घमासान छिड़ा है। विपक्षी भाजपा के विरोध के बावजूद कर्नाटक सरकार आज (शनिवार) टीपू जयंती मनाने जा रही है। हालांकि, स्वास्थ्य कारणों से मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने अपने को इस समारोह से अलग कर लिया है। उनकी पार्टी जनता दल-सेकुलर भी समारोह से दूरी बनाए हुए है। उप मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता जी. परमेश्वरा राज्य सचिवालय में समारोह का उद्घाटन करेंगे।

टीपू जयंती पर भाजपा के विरोध को देखते हुए पूरे राज्य में सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए गए हैं। पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि टीपू सुल्तान की जयंती को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए बेंगलुरु, मैसूर, कोडागू और मंगलुरु में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके अलावा कोडागू, हुबली और धारवाड़ में 10 नवंबर की सुबह 6 बजे से लेकर 11 नवंबर की सुबह 7 बजे तक के लिए धारा 144 लगा दी गई है।

जनता दल सेक्युलर-कांग्रेस के गठबंधन वाली सरकार का नेतृत्व करने वाले मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने पिछले सप्ताह कहा था कि पिछली कांग्रेस सरकार की नीति को बरकरार रखते हुए 10 नवंबर को ‘टीपू जयंती’ मनाई जाएगी। 'टीपू जयंती' पर आयोजित प्रमुख समारोह का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर करेंगे। कुमारस्वामी के इस ऐलान के बाद ही भाजपा ने विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की थी।

इस बीच, मुख्यमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि कुमारस्वामी डॉक्टर की सलाह के मद्देनजर अगले 3 दिन तक किसी आधिकारिक समारोह में हिस्सा नहीं लेंगे। वहीं, मंत्री डीके शिवकुमार ने भाजपा के विरोध पर बोलते हुए कहा कि टीपू सुल्तान का इतिहास काफी लंबा है। उन्होंने कहा, ‘अगर हम उनकी जयंती मनाते हैं, तो इसमें मुझे कोई बुराई नहीं दिखती। भाजपा का अपना राजनीतिक एजेंडा है। वे हिंदुओं और मुसलमानों के बीच मतभेद पैदा करना चाहते हैं।’

बता दें कि 18वीं शताब्दी के विवादास्पद शासक रहे टीपू सुल्तान की जयंती मनाने का सिलसिला कांग्रेस ने 2015 में शुरू किया था।

Thursday, 8 November 2018

तेलंगाना में सरकार बनी तो हैदराबाद का नाम बदलकर होगा भाग्यनगर : भाजपा विधायक

हैदराबाद, एएनआइ। तेलंगाना में भाजपा के विधायक राजा सिंह ने दावा किया कि अगर पार्टी की राज्‍य में सरकार बनती है तो हैदराबाद का नाम बदलकर भाग्‍यनगर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हैदराबाद के साथ-साथ भाजपा सिकंदराबाद और करीमनगर के भी नाम बदल देगी।

विधायक राजा सिंह ने कहा कि 1590 में कुली कुतुब शाह के यहां आने से पहले हैदराबाद का नाम भाग्यनगर था, लेकिन बाद में भाग्यनगर का नाम बदलकर हैदराबाद कर दिया गया। उस समय हिंदुओं पर हमला किया गया था और कई मंदिर नष्ट कर दिए गए थे। हम हैदराबाद का नाम बदलने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा, 'तेलंगाना में भाजपा बहुमत से जीतेगी, तब हमारा पहला उद्देश्य राज्य का विकास करना होगा और दूसरा उद्देश्य हैदराबाद का नाम बदल कर भाग्यनगर करना होगा।

हम सिकंदराबाद और करीमनगर के नाम भी बदलेंगे।’सिंह ने आगे कहा कि मुगलों और निजाम के नाम पर रखे गए इलाकों के नाम बदलकर तेलंगाना और देश के लिए लड़ने वाले लोगों के नाम पर रखे जाएंगे। भाजपा विधायक का यह बयान गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल के अहमदाबाद का नाम कर्णावती करने के बयान के बाद आया है।

गुजरात के सीएम विजय रूपाणी ने कहा कि जनता लंबे समय से अहमदाबाद का नाम कर्णावती करने की मांग कर रही है। सरकार इस मांग पर विचार कर रही है। यह पता लगाने के लिए परामर्श शुरू कर दिया गया है कि क्या हम इसे कानूनन कर सकते हैं। परामर्श के बाद हम ठोस कदम उठाएंगे।

इससे पहले उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री आदित्‍य नाथ योगी ने इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज और फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्‍या किया है।

आरक्षण पर छलका एसपी का दर्द, मैं IPS और मुझसे कम रैंक वाला IAS


मध्य प्रदेश के रतलाम में एसपी अमित सिंह ने अब आरक्षण के मुद्दे पर बयान देकर नयी बहस छेड़ दी है. एसपी ने कहा कि मुझसे कम रैंक वाला दोस्त आईएएस बन गया, जबकि 144 रैंक होने के बावजूद उन्हें आईपीएस कैडर मिला.

एसपी अमित सिंह रविवार को राजपूत समाज के दशहरा मिलन कार्यक्रम में शमिल होने पहुंचे थे. जहां आरक्षण को लेकर उनका ये दर्द सामने आया है. उन्होंने आर्थिक आधार पर आरक्षण की बात कही.

उन्होंने अपने से 456 रैंक पीछे रहने वाले साथी के आईएएस में सिलेक्शन होने और खुद की 144वीं रैंक के बावजूद आईपीएस में सिलेक्शन होने का दर्द बयां किया.

एसपी अमित सिंह ने कहा कि मेरे हिमाचल कैडर का साथी जिसके माता-पिता आईएएस अफसर थे, जिसकी शिक्षा आईआईएम अहमदाबाद सहित ऊंचे संस्थानों में हुई. लेकिन ऑल इंडिया रैंक में मुझसे काफी पीछे होने के बावजूद उसे आरक्षण की वजह से आईएएस कैडर मिल गया.

रतलाम एसपी के इस बयान के बाद अब आरक्षण के मुद्दे पर नई बहस छिड़ गई है. हालांकि, इस बयान के सामने आने के बाद रतलाम एसपी ने इस मुद्दे पर सफाई भी दी. उनका कहना है कि माता-पिता के सक्षम होने के बावजूद कुछ लोगो को आरक्षण मिल रहा है, जबकि आरक्षण एक निश्चित समय के लिए होना चाहिए.

उन्होंने कहा कि आर्थिक आधार पर आरक्षण कि समीक्षा होनी चाहिए. एक ही परिवार को बार-बार आरक्षण का लाभ देना ठीक नहीं है.

British गुलामी से चिढ़ने वाले 'तथाकथित Liberals' को "इस्लामिक गुलामी" से इतना प्रेम क्यों है ?


आप कभी दिल्ली के India Gate पे गए हैं ?

दिल्ली में राष्ट्रपति भवन के सामने एक सड़क है जिसे राजपथ कहा जाता है । ये वही सड़क है जिसपे 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पे परेड होती है , इसी सड़क राजपथ पे ब्रिटिश सरकार ने 1921 में एक War Memorial बनाने का निर्णय किया , उन सैनिकों की याद में जिन्होंने प्रथम विश्व युद्ध में अपने प्राण गंवाए थे । 1921 में ये स्मारक बनना शुरू हुआ और 1931 में तत्कालीन वाइसराय Lord Irwin ने इसका उद्घाटन किया । इसपे उन 13,300 ब्रिटिश और भारतीय सैनिकों के नाम खुदे हैं जो प्रथम विश्वयुद्ध में शहीद हुए थे ।

1936 में इंग्लैंड के राजा साहेब जनाब जॉर्ज पंचम इंतकाल फरमा गए । तो तत्कालीन गुलाम ब्रिटिश इंडिया ने अपने राजा की याद में उनकी एक 70 फ़ीट ऊंची मूर्ति इसी India Gate पे स्थापित कर दी .........
एक गुलाम देश ने अपने बिदेसी राजा की मूर्ति लगा दी .........

फिर 1947 में हम आज़ाद हुए , आज़ाद हुए तो Viceroy House का नाम बदल के राष्ट्रपति भवन कर दिया ।
House of Parliament का नाम बदल के संसद भवन कर दिया गया ।

उस भवन में जो Chamber of Princes था उसका नाम बदल के Library Hall के दिया गया , State Council का नाम बदल के राज्यसभा हो गया और Central Legislative Assembly लोकसभा बन गयी , ये सब बदलाव आज़ादी के बाद हुए , ज़ाहिर सी बात है इसके पीछे जो मंशा रही होगी वो गुलामी के इतिहास से पिंड छुड़ाने की रही होगी ।

इतना सब कुछ बदल गया पर वो King George पंचम की 70 फ़ीट ऊंची मूर्ति वहीं लगी रही , 1947 से  1965 के काल में तत्कालीन समाजवादी मने सोसलिस्ट पार्टी के नेताओं ने बार बार देश में ये आवाज़ उठायी कि ये गुलामी का प्रतीक आज भी क्यों कायम है इस देश में ........ इसको हटाओ ........ कांग्रेसी नेहरू की सरकार थी ....... उन्ने एक न सुनी ........ तो फिर एक दिन समाजवादी नेता George Fernandis साहब के कुछ समाजवादी शिष्यों ने 13 अगस्त 1965 को King George की उस झक्क सफेद संगेमरमर मूर्ति के चेहरे पे डामर पोत दिया और उसके नाक कान तोड़ दिये .........

और उस मूर्ति के बगल में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की एक फोटो रख दी , सरकार ने किसी तरह वो डामर पुता काला चेहरा साफ कराया , लाल बहादुर शास्त्री जी की सरकार थी । निर्णय हुआ कि गुलामी के चिन्ह इस मूर्ति को वाकई हटाया जाए ।

अब समस्या कि इसका करें क्या ? भारत सरकार ने तत्कालीन ब्रिटिश सरकार से बात की , भैया ले जाओ अपना राजा ........ उन्ने टका सा जवाब दे दिया ....... हमाए पास इतना फालतू टेम ना है , न हमाए इदर जगह है और न हमाए पास इत्ते पैसे , तुमाई मुसीबत तुम्ही सम्हालो , सरकार ने दिल्ली स्थित ब्रिटिश हाई कमीशन मने दूतावास से संपर्क किया , उन्ने भी कह दी , सोरी , हमाए पास फालतू जगह नही है ।

एक प्रस्ताव आया कि दिल्ली के किसी पार्क में लगवा देते हैं । उन दिनों दिल्ली में भारतीय जनसंघ यानी भाजपा के पिता जी का शासन था ........ उन्ने कही खबरदार ........ दिल्ली MCD में तो हरगिज नही ।

अंततः 1968 में इंदिरा गांधी ने बाहरी दिल्ली के बुराड़ी गांव के पास एक फालतू पड़ी जमीन में Coronation Park बनवाया और वहां ब्रिटिश काल की सारी मूर्तियां फिकवा दीं ।

ऐसा सिर्फ दिल्ली में ही नही हुआ । पूरे देश में जहां जहां भी ब्रिटिश गुलामी के निशान थे उन्हें एक एक कर मिटाया गया । जगहों , इमारतों के नाम बदले गए , मूर्तियां हटाई गयीं ........ आप यदि पटियाला के मोती बाग palace चले जाएं तो महल के पिछवाड़े एक पार्क में Queen Elizabeth और King George के कई मूर्तियां खड़ी हैं जो कभी राजमहल के मुख्य लॉन और मुख्य द्वार पे शोभायमान थीं पर 1947 में स्वतंत्रता के बाद उखाड़ के फेंक दी गयी ।

India Gate पे वो Canopy -- छतरी जिसके नीचे वो King George पंचम की मूर्ति थी , आज भी खड़ी है ।
80 के दशक में वहां महात्मा गांधी की मूर्ति लगाने का एक प्रस्ताव संसद में विचाराधीन था जिसपे कोई निर्णय नही हुआ । मूर्ति विहीन वो छतरी आज भी खड़ी है ।

कल योगी जी ने फैज़ाबाद का नाम बदल के अयोध्या कर दिया ।
इससे पहले इलाहाबाद का नाम बदल के प्रयागराज किया था ।
सेक्युलर्स और liberals की बवासीर उभर आयी है ।

अंग्रेजी गुलामी के निशान मिटाने वाले इस्लामिक गुलामी को गंगा जमुनी तहजीब के नाम पे कैसे स्वीकार कर लेते हैं ?

Madras , Calcutta , Bombay जब चेन्नई , कोलकाता और मुम्बई हो जाते हैं तो किसी लिबरन्डू की बवासीर नही उभरती पर फैज़ाबाद और इलाहाबाद का नाम बदलने पे उभर आती है ........ क्यों ?

British गुलामी से चिढ़ने वाले Liberals को इस्लामिक गुलामी से इतना प्रेम क्यों है ?

इस्लामिक गुलामी के प्रत्येक चिन्ह को मिटाओ ।

अजित सिंह दद्दा

Tuesday, 11 September 2018

SC/ST Act में भी तत्काल गिरफ्तारी न्याय संगत नहीं , तत्काल गिरफ़्तारी पर रोक : इलाहाबाद हाईकोर्ट






लखनऊ : इलाहाबाद उच्च न्यायालय
ने मंगलवार को पुलिस से कहा कि वह उच्चतम न्यायालय के 2014 के एक आदेश द्वारा समर्थित सीआरपीसी के प्रावधानों का पालन किए बगैर एक दलित महिला और उसकी बेटी पर हमले के आरोपी चार लोगों को गिरफ्तार नहीं कर सकती.

यह मामला आईपीसी के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (उत्पीड़न निरोधक) कानून के तहत दर्ज हुआ था, लेकिन न्यायालय ने पुलिस को तत्काल ‘‘नियमित’’ (रूटीन) गिरफ्तारी करने से रोक दिया.

उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में न्यायमूर्ति अजय लांबा और न्यायमूर्ति संजय हरकौली की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया. साल 2014 में उच्चतम न्यायालय ने अर्णेश कुमार के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी पर दिशानिर्देशों का समर्थन किया था.



Sunday, 9 September 2018

अहिंसा पर लम्बी-लम्बी बातें करने वाला खूंखार क्रिमिनल #पप्पू यादव का हिंसक प्रदर्शन





बिहार की राजधानी पटना में सांसद पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भारत बंद के दौरान ट्रेन रोककर प्रदर्शन किया, उन्होंने अपने समर्थकों के साथ ट्रेन रोकी. तो वहीँ उनके समर्थकों नें भागलपुर में हिंसक प्रदर्शन करते हुए कई बसों को तोड़ डाला कई दुकानों में तोड़-फोर करने की भी खबरे आ रही है , सबसे बड़ी बात ये है की दुकानदारों से उसकी जाती पूछ कर तोड़-फोर की जा रही है , मतलब साफ़ है स्वर्ण जाती की दूकान है तो तोड़-फोर की जाएगी और आप OBC या अन्य जाती के हैं तो किसी तरह की तोर-फोर नहीं की जायेगी ! अगर आप कहीं किसी इमरजेंसी में अपनी गाडी लेकर जाना चाहते हैं तो ध्यान रखें की अगर आप स्वर्ण समाज से हैं तो आपकी जान खतरे में है , और यदि आप पिछड़े जाती से हैं तो आप खुल कर यात्रा भी कर सकतें हैं और तोड़-फोर भी .

बिहार में कई जगहों से हिंसक प्रदर्शन की खबरे आ रही है !




विडियो :

सवर्णों के साथ कोई पार्टी खड़ी हो हीं नहीं सकती इसलिए इनके वोट का कोई वेल्यू नहीं : भाजपा नेता





नई दिल्ली:
दिल्ली के नवनिर्मित डा. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर के भव्य भवन में बीजेपी की दो दिन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का आज दूसरा और आखिरी दिन है. यहां जारी बैठक में चार राज्यों और 2019 के लोकसभा चुनाव पर रणनीतिक चर्चा चल रही है जिसका समापन प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद होना है.

बीजेपी का लक्ष्य-असम्भव

बैठक में 2019 के चुनाव को लेकर एक राजनैतिक प्रस्ताव भी पास हुआ है. प्रस्ताव में 2022 तक एक नया भारत बनाने का संकल्प प्रस्तुत किया गया. कहा गया कि जातिवाद, नक्सलवाद , आतंकवाद और संप्रदायवाद से मुक्त भारत का निर्माण 2022 तक हो जाएगा. भले ही बीजेपी ने अपने लिए एक असम्भव डेडलाइन तय की हो लेकिन इसे वोट लाइन के रूप में देखें तो ये भी बीजेपी की उस अब तक की कारगर राजनीति का ही बढ़ाव है जिसे सपने बेंचने की राजनीति कहा जाता है.

क्यों सवर्णों की नाराजगी के आगे नहीं झुकती बीजेपी

पिछली छह तारीख को ही सवर्णों के भारत बंद का चार चुनावी राज्यों में बड़ा असर देखा गया था. सवर्ण इस बात से नाराज हैं कि बीजेपी दलितों के आगे झुक गई और उसने कोर्ट के आदेश को पलटने के लिए एससी/एसटी अत्याचार निवारण कानून में बदलाव कर दिया. इस संदर्भ में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में यूपी के एक बड़े बीजेपी नेता ने अनौपचारिक बातचीत में बीजेपी के भीतर चल रही कुछ मन की बातों का भी खुलासा किया.




जब उनसे पूछा गया कि क्या सवर्णो की नाराजगी लोकसभा चुनाव में बीजेपी को महंगी नहीं पड़ेगी? तो बीजेपी नेता ने कहा कि दलित और पिछड़ा वर्ग अत्याचार निवारण एक्ट के पीछे डट कर खड़े होकर बीजेपी ने कोई राजनीतिक चूक नहीं की है न ही कोई आफत मोल ली है. इसके खिलाफ सवर्ण नाराजगी से बीजेपी को नुकसान इसलिए नहीं होगा क्योंकि सवर्ण नाराजगी को कोई नेतृत्व मिलेगा हीं नहीं . कोई भी पार्टी इसके सपोर्ट में आने की हिम्मत नहीं करेगी. जबकि दलित नाराजगी तो आंदोलन बन सकती थी. इसलिए दलित नाराजगी का बड़ा खामियाज़ा बीजेपी को उठाना पड़ जाता. आखिर बीजेपी ये कैसे भूल सकती है कि दलितों और पिछड़ों के वोट के बिना 2014 का चुनाव किसी हाल में नहीं जीता जा सकता था. इस बात के जवाब में कि क्या बीजेपी इस बात का फायदा उठा रही है कि सवर्ण जातियों के पास बीजेपी के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है? यूपी के स्वास्थ्य मंत्री और बीजेपी प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि ऐसा कहना विनम्रता के खिलाफ होगा.

Saturday, 1 September 2018

प्रेम प्रसंग में सहमति से शारीरिक संबंध दुष्कर्म नहीं , बालिग युवती सब जानती और समझती है - कोर्ट





प्रेम प्रसंग में सहमति से बने संबंध को दुराचार की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। बालिग और पढ़ी लिखी युवती अपने भले-बुरे के बारे में भली-भांति जानती है। शादी से पहले बने शारीरिक संबंधों का युवती ने विरोध नहीं किया, जिससे जाहिर है कि संबंध युवती की सहमति से बने। इस टिप्पणी के साथ यमुनानगर की स्पेशल कोर्ट (क्राइम अंगेस्ट वूमन एंड चिल्ड्रन) की जज पूनम सुनेजा ने यमुनानगर निवासी दिनेश कुमार को बरी कर दिया गया। बचाव पक्ष के वकील एमआर अनेजा का कहना है कि कोर्ट का यह फैसला बाकी लोगों के लिए नजीर साबित होगा। मामले में 11 लोगों की गवाही हुई।

शादी से इनकार करने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया
सहारनपुर निवासी एक युवती यमुनानगर में नौकरी करती थी। उसका दिनेश के साथ वर्ष 2013 से प्रेम प्रसंग चल रहा था। परिजनों की सहमति से दोनों की 17 अप्रैल 2016 को सगाई हो गई और शादी की तारीख 8 नवंबर 2016 तय की गई। शादी के लिए युवक के परिजनों ने हॉल भी बुक करा लिया। इसी बीच एक दिन दिनेश ने युवती के मोबाइल में दूसरे लड़कों के साथ उसके आपत्तिजनक फोटो देखने के बाद शादी से इनकार कर दिया। इस पर युवती ने दिनेश पर शादी का दबाव भी बनाया। जब वह नहीं माना तो युवती ने 22 अक्तूबर, 2016 को महिला थाने में दुष्कर्म का केस दर्ज करा दिया।




अपने दिए बयान को साबित नहीं कर पाई युवती
युवती ने पुलिस और कोर्ट में जो बयान दिए उन्हें वह जिरह के दौरान साबित नहीं कर पाई। युवती के मुताबिक 20 मार्च, 2016 को दिनेश ने रुड़की में उसके साथ गलत काम किया, जबकि इस घटना के करीब एक महीने बाद दोनों की सगाई हुई थी। वहीं, युवती ने किसी से भी स्वयं से हुए दुराचार के बारे में चर्चा नहीं की। युवती वारदात की सही तारीख और समय भी बता नहीं पाई। कोर्ट ने माना कि आरोपित की मंशा युवती से शादी करने की थी, इसीलिए उसने सगाई और शादी की तारीख तय की थी।

मेडिकल से पूर्व डॉक्टर को बताई संबंध की बात
सिविल अस्पताल में मेडिकल से पूर्व युवती ने लेडी डॉक्टर को बताया कि उसके युवक के साथ अगस्त 2013 से शारीरिक संबंध हैं। जांच के बाद लेडी डॉक्टर ने अपने बयान में कहा कि युवती के साथ यौन हमले की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

लैंड डील मामले में रोबर्ट वाड्रा के खिलाफ FIR दर्ज , हुड्डा का भी नाम





गुरुग्राम जमीन फ्रॉड मामले में रॉबर्ट वाड्रा और भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ एक और FIR दर्ज की गई है. इसके साथ ही वाड्रा की कंपनी डीएलएफ और ओमकारेश्वर प्रॉपर्टीज के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के जीजा रॉबर्ट वाड्रा और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मुश्किलें बढ़ गई हैं. सूबे के गुरुग्राम के खेड़की दौला में जमीन खरीद मामले में रॉबर्ट वाड्रा व भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ एक और FIR दर्ज की गई है. FIR दर्ज होने पर वाड्रा ने कहा कि ये चुनावी मौसम है. असली मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए एफआईआर दर्ज किया गया है. 10 साल पुराने इस मामले में नया क्या है.

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि रॉबर्ट वाड्रा ने अपने राजनीतिक रसूख और भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मिलीभगत करके धोखाधड़ी को अंजाम दिया.  इसके अलावा वाड्रा की कंपनी डीएलएफ और ओमकारेश्वर प्रॉपर्टीज के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है.
ये एफआईआर भारतीय दंड संहिता की धारा- 420, 120B, 467, 468 और 471 के तहत दर्ज की गई. इसके अलावा प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट 1988 की धारा 13 के तहत भी कार्रवाई की गई है. एफआईआर के मुताबिक मामले में 350 एकड़ जमीन 58 करोड़ रुपये में रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी डीएलएफ और स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी को आवंटित की गई थी. इस जमीन का आवंटन भूपेंद्र सिंह हु़ड्डा के जरिए किया गया था.




एफआईआर में कहा गया है कि इस जमीन से दोनों कंपनियों को करीब पांच हजार करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाया गया. इसके अलावा ओमकारेश्वर प्रॉपर्टीज के भी मामले में शामिल होने के आरोप हैं. इसके अलावा इन कंपनियों के जो लाइसेंस दिखाए गए, उनमें भी अनियमितता पाई गई है.

इससे पहले यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर इनकम टैक्स विभाग ने 42 करोड़ रुपये के अज्ञात आय के मामले में नोटिस दिया था. यह मामला स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी से जुड़ा हुआ था. इसमें वाड्रा के पास 99 फीसदी का मालिकाना हक है.


वाड्रा ने इस मामले को पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. दोनों ही जगह उनकी मांग खारिज कर दी गई थी. वाड्रा ने इनकम टैक्स के नोटिस को यह कहते हुए चुनौती दी थी कि उनकी कंपनी लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप में थी, जबकि इनकम टैक्स के नोटिस में इसे प्राइवेट लिमिटेड पार्टनरशिप बताया गया था.


इससे पहले पिछले साल प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में दो लोगों जयप्रकाश बागरवा और अशोक कुमार को गिरफ्तार भी किया था. अशोक कुमार स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के महेश नागर का करीबी सहयोगी है. दोनों को धन शोधन रोकथाम कानून पीएमएलए के तहत गिरफ्तार किया गया था.


आरोप है कि स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी फर्म कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वाड्रा से जुड़ी है. एजेंसी ने पिछले साल अप्रैल में कुमार और नागर के परिसरों की तलाशी ली थी. ऐसा कहा जाता है कि इस फर्म द्वारा बीकानेर में जमीन खरीद के चार मामलों में आधिकारिक प्रतिनिधि नागर ही था.

Friday, 27 July 2018

पुणे: मदरसे में यौन शोषण, 36 मासूम छुड़ाए गए, मौलाना गिरफ्तार


पुणे पुलिस ने शहर में मुस्लिम मदरसे से जुड़े एक मौलवी को एक बच्चे के साथ यौन दुर्व्यवहार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। मदरसे के दो अन्य बच्चों ने बताया कि वह हाल ही में यहां से इसलिए भाग गए थे क्योंकि संस्थान में आने वाले मौलवियों में से एक, दूसरे सहवासी के साथ यौन दुर्व्यवहार करता था। पुलिस ने बताया कि आरोपी मौलाना रहीम (21) को 27 जुलाई की शाम को गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में बाल अधिकार कार्यकर्ता डॉ यामिनी आदबे ने पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई थी।


पुलिस ने इस मदरसे 36 बच्चों को रेस्क्यू किया है। इन बच्चों की उम्र 5 से 15 साल के बीच है। ये मदरसा पुणे के कटराज कोंधावा इलाके में स्थित है। रिपोर्ट के मुताबिक पुणे रेलवे स्टेशन पर रेलवे पुलिस फोर्स ने दो बच्चों को अकेले खड़ा देखा। आरपीएफ को जब इन बच्चों को लेकर शक हुआ तो उन्होंने बच्चों के लिए काम करने वाले एनजीओ साथी को इन बच्चों के बारे में सूचना दी। इसके बाद पुलिस टीम ने बच्चों के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं के साथ जामिया अमूबुझा दारूल यात्मा पर छापा मारा। भारती विद्यापीठ पुलिस स्टेशन ने मौलाना रहीम की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। पुलिस ने मौलाना के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस और पोक्सो कानून के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मौलाना रहीम पर आरोप लगाने वाले दो बच्चे बिहार के भागलपुर जिले के हैं। ये दोनों बच्चे 23 जुलाई को मदरसा छोड़ कर भाग गये थे, और रेलवे स्टेशन पर पाये गये थे।


एनजीओ साथी दोनों बच्चों को बाल कल्याण समिति में ले गई, जहां पर दोनों बच्चों की काउंसिलिंग की गई। यौन शोषण के शिकार बच्चों ने मदरसे की खौफनाक बातें पुलिस को बताई। बच्चों ने कहा कि रहीम उन्हें कपड़े खोलने कहता और अपने निजी अंग छूने को कहता। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक एक सूत्र ने बताया कि मदरसे ने अपनी गतिविधियों की जानकारियों ना तो पुलिस को दी है और ना ही चैरिटी कमिश्नर को। पुलिस पूरे मामले की विस्तार से जांच कर रही है।

Saturday, 9 June 2018

पाक महीनें में #अल्लाह को खुश करने के लिए अपनी लाडली बेटी को नींद से जगाया , कलमा पढवाया और बेरहमी से ......






जोधपुर।
जिले के पीपाड़ शहर में गुरुवार रात अपने परिजनों के साथ छत पर सो रही 4 वर्षीय बच्ची का गला रेतकर हत्या का मामला पुलिस ने सुलझा दिया है। इस हैरतअंगेज मामले में बच्ची का पिता ही हत्यारा निकला। हत्यारे ने पवित्र रमजान माह में अल्लाह को खुश करने के लिए बेटी को कुर्बान कर दिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। यह है मामला…

- पीपाड़ शहर के नवाब अली कुरैशी पत्नी शबाना और दो बेटियों के साथ घर की छत पर सोया था। रात करीब तीन बजे पत्नी की आंख खुली तो बड़ी बेटी रिजवान नहीं दिखी। उसने इधर-उधर देखा तो छत पर ही खून से सनी बेटी पर नजर पड़ी। उसने तत्काल पति को जगाया। बेटी को लेकर हॉस्पिटल गए। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका की मां की रिपोर्ट पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।

- घटना के बाद, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राजन दुष्यंत टीम के साथ मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। किसी बाहरी के घर में घुसने की संभावनाओं की समीक्षा की।

- ब्लाइंड मर्डर केस को देखते हुए जोधपुर से फोरेसिंक एक्सपर्ट को बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने को लेने के साथ अन्य सबूतों को इकट्ठा किया। हत्यारे तक पहुंचने के लिए जोधपुर से डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया। डॉग को घटनास्थल के साथ तंग गलियों में घुमाया गया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।




ऐसे खुला राज
- पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राजन दुष्यंत ने बताया, बच्ची की हत्या के मामले में परिजनों से पूछताछ की गई। शक के आधार पर पुलिस ने नवाब अली के साथ कड़ाई बरती तो उसने बेटी की हत्या की बात स्वीकार कर ली।
- अंधविश्वासी पिता ने पुलिस को बताया, उसने रमजान के महीने में अल्लाह को खुश करने के लिए ऐसा किया। उसने बताया, जीवन की सबसे प्यारी चीज अल्लाह को कुर्बान करने के लिए 4 वर्षीय बेटी का गला हलाल कर दिया। इससे अल्लाह खुश होंगे। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।

कुर्बानी के लिए ननिहाल से बुलाया रिजवाना को...

- नवाब अली ने बताया, मैं बहुत धार्मिक व्यक्ति हूं। मेरी बेटी रिजवाना मुझे बेहद प्रिय थी। वो अपने ननिहाल गई हुई थी। उसे कुर्बान कर देने के लिए मैंने गुरुवार को ही उसे वापस बुलाया। गुरुवार शाम मैंने रिजवाना को शहर घुमाया और उसे मिठाई के साथ उसकी पसंद की कई चीजें खिलाईं। रात को रिजवाना को नींद से उठाकर कलमा पढ़ाया और फिर उसे कुर्बान कर दिया।

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Wednesday, 6 June 2018

राष्ट्रपति भवन में अब नहीं होगी इफ्तार पार्टी, जानें क्यों लिया गया ऐसा फैसला


राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
इस साल राष्ट्रपति भवन में इफ्तार पार्टी का आयोजन नहीं करेंगे। राष्ट्रपति के प्रेस सचिव अशोक मलिक ने कहा कि राष्ट्रपति ने पदभार ग्रहण करने के बाद निर्णय किया था कि राष्ट्रपति भवन जैसी सार्वजनिक इमारत में करदाताओं के खर्चे पर किसी तरह का धार्मिक समारोह या त्योहार नहीं मनाया जाएगा।
देश के धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत को ध्यान में रखकर यह फैसला किया गया और यह सभी तरह के धार्मिक कार्यक्रमों पर लागू होता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति हर प्रमुख त्योहार के अवसर पर नागरिकों को शुभकामनाएं देते हैं।
याद दिला दें कि 25 जुलाई, 2017 को रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति पद की शपथ लेते समय ही फैसला किया था कि राष्ट्रपति भवन एक सार्वजनिक इमारत है, यहां सरकार या कर दाताओं के पैसों से किसी भी धार्मिक त्योहार का आयोजन नहीं होगा। हालांकि वे देशवासियों को हर त्योहार पर शुभकामनाएं देंगे। राष्ट्रपति भवन परिसर में रहने वाले कर्मचारियों पर ऐसी कोई पाबंदी नहीं है। वे अपने-अपने त्योहार मना सकेंगे।
कलाम ने धार्मिक आयोजन पर खर्च होने वाले पैसों से की थी अनाथों की मदद
राष्ट्रपति भवन में हर साल इफ्तार पार्टी का आयोजन होता आया है। लेकिन पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम के कार्यकाल में पहली बार 2002 में इसके आयोजन पर रोक लगी थी। कलाम ने अपने पांच साल के कार्यकाल में राष्ट्रपति भवन में कोई भी धार्मिक आयोजन नहीं किया था। उन्होंने इफ्तार पार्टी पर होने वाले खर्च से गरीब और अनाथ लोगों की मदद की थी।
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पहली बार इफ्तार का आयोजन किया
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड टंप ने व्हाइट हाउस में पहली बार इफ्तार का आयोजन किया। बहरहाल, ट्रंप की मुस्लिम विरोधी टिप्पणियों का हवाला देकर कई मुस्लिम संगठनों ने इसका बहिष्कार भी किया।  पिछले साल ट्रंप ने कई दशक से जारी सालाना इफ्तार पार्टी की परंपरा खत्म कर दी थी। 1990 के दशक में बिल क्लिंटन ने इसकी औपचारिक शुरुआत की थी।
हालांकि, इसकी वैचारिक जड़ें वर्ष 1805 में थॉमस जेफरसन से भी जुड़ी हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में व्हाइट हाउस ने यह पुष्टि की कि ट्रंप इस साल इस कार्यक्रम की मेजबानी करेंगे। हालांकि, अधिकतर मुस्लिम नागरिक संगठनों ने इसे लेकर हैरानी जताई है। कार्यक्रम बुधवार रात आयोजित किया गया।  व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव साराह सैंडर्स ने कहा कि अलग-अलग समुदायों से वहां उपस्थित करीब 30-40 लोग इसमें शामिल हुए।

अमित शाह के पहुंचने पर ठाकरे परिवार ने ढोकला-खांडवी से किया स्वागत, ऐसी रही मुलाकात


आगामी लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह अपनी पार्टी के 'संपर्क फॉर समर्थन' मिशन के तहत देश की नामचीन हस्तियों से मिल रहे हैं.
इसी कड़ी में बुधवार को वो शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, अभिनेत्री माधुरी दीक्षित और उद्योगपति रतन टाटा से मिलने मुंबई पहुंचे. हालांकि सबसे ज्यादा निगाहें उनकी उद्धव ठाकरे से मुलाकात पर रही. इसकी वजह यह है कि पिछले कुछ समय से शिवसेना बीजेपी से नाराज चल रही है.
केंद्र और महाराष्ट्र सरकार में शिवसेना बीजेपी की सहयोगी पार्टी है. ऐसे में इसकी नाराजगी आगामी चुनाव पर बीजेपी के लिए मुश्किल पैदा कर सकती है. लिहाजा बीजेपी लोकसभा चुनाव से पहले हरहाल में शिवसेना को साधना चाहती है.
बीजेपी सूत्रों के मुताबिक अमित शाह और उद्धव ठाकरे के बीच मुलाकात सकारात्मक रही, जबकि शिवसेना ने इस पर चुप्पी साध ली है. बुधवार को जब अमित शाह उद्धव ठाकरे से मिलने मातोश्री पहुंचे, तो राजनीतिक मतभेद दरकिनार कर ठाकरे परिवार ने उनका जमकर मेहमाननवाजी किया. उनको ढोकला, खांडवी और आमरस समेत अन्य पकवान का स्वाद चखाया.
इससे पहले मातोश्री पहुंचकर अमित शाह ने शिवसेना सुप्रीमो रहे बालासाहेब ठाकरे को याद किया. इसके बाद दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में करीब एक घंटे 40 मिनट तक मीटिंग हुई, जिसमें बिगड़े रिश्ते को सुधारने की कोशिश की गई. इस दौरान उद्धव ठाकरे ने अमित शाह के समक्ष बीजेपी नेताओं द्वारा निजी हमले किए जाने के मसले को उठाया.
बीजेपी का कहना है कि अमित शाह और उद्धव ठाकरे की मुलाकात सकारात्मक रही. जब अमित शाह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ मातोश्री पहुंचे, उद्धव ठाकरे, उनकी पत्नी रश्मि और बेटे आदित्य और तेजस भी मौजूद रहे.
इस दौरान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रावसाहेब दानवे मौजूद नहीं रहे. बताया जा रहा है कि दानवे को अमित शाह और उद्धव ठाकरे की बैठक से दूर रखा गया था. दरअसल, शिवसेना नेता और राज्य में कृषि मंत्री अर्जुन खोतकर उद्धव ठाकरे से दानवे की शिकायत कर चुके हैं. हालांकि दानवे कहना है कि वो व्यस्त होने की वजह से बैठक में नहीं जा पाए.
सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन करने पहुंचे शाह
उद्धव ठाकरे से मिलने से पहले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह श्री सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की. वहीं, बुधवार को अमित शाह और उद्धव की मुलाकात से पहले ही शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' के जरिए बीजेपी पर हमला बोला.
रतन टाटा और माधुरी से भी मिले अमित शाह
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से पहले अमित शाह ने मुंबई में उद्योगपति रतन टाटा और अभिनेत्री माधुरी दीक्षित से भी मुलाकात की. हालांकि गायिका लता मंगेशकर की तबीयत खराब होने से उनकी अमित शाह से मुलाकात नहीं हो सकी. अमित शाह ने ट्वीट कर कहा कि वह अगले मुंबई दौरे पर उनसे मिलेंगे.
इससे भी पहले इस अभियान के तहत वो बाबा रामदेव और कपिल देव जैसी हस्तियों से मिल चुके हैं. अमित शाह इन मुलाकातों में मोदी सरकार के चार साल के कामकाज का ब्योरा दे रहे हैं. बताया जा रहा है कि सात जून को अमित शाह चंडीगढ़ में धावक मिल्खा सिंह से मुलाकात कर सकते हैं. मालूम हो कि बीजेपी का टारगेट करीब एक लाख नामित लोगों से सीधा संपर्क करने का है.

आरएसएस के कार्यक्रम में शिरकत करने नागपुर पहुंचे पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी


नागपुर :
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी गुरुवार को आयोजित होनेवाले आरएसएस के एक कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए बुधवार को नागपुर पहुंच गय. मुखर्जी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हामी भरने के बाद से ही यह चर्चा और विवाद के केंद्र में है.

कांग्रेस के नेता के तौर पर आरएसएस की लगातार आलोचना करनेवाले मुखर्जी संघ के मुख्यालय में आयोजित होनेवाले ‘संघ शिक्षा वर्ग' के समापन समारोह में हिस्सा लेंगे. इस कार्यक्रम में शामिल होने के निमंत्रण पर मुखर्जी की सहमति के बाद से ही कई कांग्रेस नेता उनसे ‘धर्मनिरपेक्षता के हित में' इसमें शिरकत नहीं करने का आग्रह कर चुके हैं. पूर्व राष्ट्रपति ने इस पर पूरी तरह विराम लगाते हुए कहा कि मुझे जो कुछ भी कहना है वह मैं नागपुर में कहूंगा. प्रणब मुखर्जी ने दो दिन पहले ही बांग्ला अखबार 'आनंद बाजार पत्रिका' से बात करते हुए कहा था कि, मुझे इस संबंध में कई पत्र मिले हैं और कई कॉल भी आये हैं, लेकिन मैंने अभी तक किसी को जवाब नहीं दिया है. मुझे जो कुछ भी कहना है वह मैं नागपुर में कहूंगा.

बता दें कि कांग्रेस नेता जयराम रमेश, सीके जाफर, पी चिदंबरम और रमेशस चेन्नीथाला ने इस संबंध में पूर्व राष्ट्रपति को पत्र लिख कर आरएसएस के निमंत्रण पर फिर से विचार करने का अनुरोध किया था. जयराम रमेश ने पत्र लिखकर कहा था कि उन जैसे विद्वान और सेक्युलर व्यक्ति को आरएसएस के साथ किसी तरह की नजदीकी नहीं दिखानी चाहिए. आरएसएस के कार्यक्रम में जाने का देश के सेक्युलर माहौल पर बहुत गलत असर पड़ेगा. प्रणब मुखर्जी को लिखे पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए जयराम ने कहा था कि न तो उन्होंने कोई उत्तर दिया, न ही उत्तर आने की कोई उम्मीद है, लेकिन यह जो भी हो रहा है वह बहुत गलत है. आप उस विचारधारा के पास कैसे जा सकते हैं जो लंबे समय से देश को बांटने का काम कर रही है.

वहीं, केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रमेश चेन्नीथाला ने कहा था कि आरएसएस के कार्यक्रम में जाने का पूर्व राष्ट्रपति का फैसला सेक्युलर विचारधारा के लोगों के लिए झटके की तरह है. चेन्नीथाला ने कहा था कि प्रणब मुखर्जी को संघ के कार्यक्रम में नहीं जाना चाहिए. वहीं, पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम की इस मुद्दे पर राय सबसे अलग है. उन्होंने कहा कि, अब जब उन्होंने न्योते को स्वीकार कर लिया है, तो इस पर बहस का कोई मतलब नहीं है. उससे ज्यादा अहम बात यह कहनी है कि सर आपने न्योते को स्वीकार किया है, तो वहां जाइये और उन्हें बताइये कि उनकी विचारधारा में क्या खामी है. वहीं, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि 'प्रणब मुखर्जी का आरएसएस का आमंत्रण स्वीकार करना एक अच्छी पहल है. राजनीतिक छुआछूत अच्छी बात नहीं है.'

Thursday, 24 May 2018

जरुरी नहीं कुमारस्वामी को पुरे 5 साल का समर्थन दिया जाये : कांग्रेस


कर्नाटक में मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के बहुमत परीक्षण से पहले ही उनके भविष्य पर प्रश्नचिन्ह लग गया है. कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन में उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने कुमारस्वामी के 5 साल मुख्यमंत्री रहने को लेकर बड़ा बयान दिया है.

कांग्रेस नेता ने कहा है कि कुमारस्वामी 5 साल मुख्यमंत्री रहेंगे या 5 साल में हमारा भी कोई मुख्यमंत्री होगा. इसको लेकर अभी गठबंधन में बात होनी है. जी. परमेश्वर के इस बयान से कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस के बीच तालमेल में उभर रही दरारों के संकेत मिल रहे हैं.

विश्वास मत पर मतदान से एक दिन पहले कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि कांग्रेस- जद(एस) गठबंधन ने एचडी कुमारस्वामी के पूरे पांच साल मुख्यमंत्री बने रहने के तौर-तरीकों पर अब तक चर्चा नहीं की है. यह पूछे जाने पर कि क्या कुमारस्वामी पूरे पांच साल मुख्यमंत्री रहेंगे तो परमेश्वर ने कहा, ‘‘हमने उन तौर-तरीकों पर अब तक चर्चा नहीं की है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘अभी इस बात पर फैसला किया जाना भी बाकी है कि कौन से विभाग उन्हें दिये जाएंगे और कौन हम लोगों के पास रहेगा. उन्हें पांच साल रहना चाहिये या हमें भी मिलेगा- उन तमाम विषयों पर हमने अब तक चर्चा नहीं की है.’’

यह पूछे जाने पर कि क्या मुख्यमंत्री का पद जद(एस) को पूरे पांच साल के लिये देने को लेकर कांग्रेस संतुष्ट है तो परमेश्वर ने कहा, ‘‘चर्चा के बाद- नफा और नुकसान को देखते हुए हम फैसला करेंगे- हमारा मुख्य ध्येय अच्छा प्रशासन देना है.’’





शपथ ग्रहण से पहले कुमारस्वामी ने उन खबरों को खारिज कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि उनकी पार्टी अपने गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के साथ 30-30 माह के लिये सरकार का नेतृत्व करने के फार्मूले पर काम कर रही है. कुमारस्वामी ने कहा था, ‘‘इस तरह की कोई बातचीत नहीं हुई है.’’

यह पूछे जाने पर कि उप मुख्यमंत्री पद के लिये पार्टी की पसंद और विभागों से संबंधित मुद्दों पर कांग्रेस के कई नेताओं के नाखुश होने के बारे में पूछे जाने पर परमेश्वर ने कहा कि किसी ने भी उनसे या कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से कोई पद नहीं मांगा है. परमेश्वर केपीसीसी के भी अध्यक्ष हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इस बारे में सिर्फ मीडिया में खबरें देखी हैं.’’ नेताओं के बीच किसी भी तरह के मतभेद से इंकार करते हुए उन्होंने कहा कि पद मांगने में कुछ भी गलत नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी में कई नेता हैं जो उप मुख्यमंत्री या मुख्यमंत्री बनने में सक्षम हैं - यह कांग्रेस पार्टी की ताकत है.’’

उन्होंने कहा, "जब हम गठबंधन सरकार में हैं तो इस बात का फैसला कांग्रेस आला कमान को करना है कि इस स्थिति में किसे कौन सा पद दिया जाए.’’ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार के नाखुश होने और कुछ विधायकों के साथ अलग से बैठक करने के बारे में पूछे जाने पर परमेश्वर ने कहा, ‘‘सभी विधायक साथ हैं और हम शक्ति परीक्षण में सफल होंगे.

उन्होंने कहा, ‘‘चर्चा, समूह बैठक हुई हो या नहीं, लेकिन तथ्य यह है कि हम एकजुट हैं. मैं सिर्फ यही कह सकता हूं.’’

खबरों में कहा जा रहा है कि शिवकुमार पार्टी नेतृत्व से नाखुश हैं. वह भी उपमुख्यमंत्री पद के दावेदार थे. शिवकुमार ने येदियुरप्पा सरकार के विश्वास मत से पहले पार्टी के विधायकों को साथ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. वह कथित तौर पर उप मुख्यमंत्री पद नहीं मिलने से नाखुश हैं.

शिवकुमार को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की मांग पर उन्होंने कहा, ‘‘यह खुशी की बात है कि वह अध्यक्ष बनेंगे क्योंकि कोई अनुभवी नेता पार्टी की अगुवाई करेगा.’’ यह पूछे जाने पर कि क्या कोई और नेता उनके साथ उपमुख्यमंत्री बनेगा तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है.

परमेश्वर ने कहा कि शक्ति परीक्षण के बाद कांग्रेस और जद (एस) के नेता साथ मिलकर समन्वय समिति के बारे में फैसला करेंगे. उन्होंने कहा, ‘‘साथ ही हम न्यूनतम साझा कार्यक्रम तैयार करने के लिये एक पैनल बनाएंगे.’’
उन्होंने दावा कि चुनाव में पार्टी की हार नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मत प्रतिशत भाजपा से अधिक था. परमेश्वर ने कहा कि एक समिति का गठन किया जाएगा जो पूरे राज्य में घूमकर पार्टी की हार के कारणों का पता लगाएगी.





हालांकि, उन्होंने कुछ क्षेत्रों में पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिये ईवीएम को जिम्मेदार ठहराया. परमेश्वर ने कहा कि इस बात की संभावना हो सकती है कि ईवीएम में छेड़छाड़ की गई हो. उन्होंने कहा कि पार्टी को सूचना मिली है कि कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में जहां 70-80 फीसदी मतदाता कांग्रेस के हैं, वहां भी भाजपा को सर्वाधिक बढ़त हासिल हुई.

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिये ईवीएम में छेड़छाड़ का संदेह है.’’ उन्होंने कहा कि वह इस बात की शिकायत नहीं कर रहे हैं कि सभी 222 विधानसभा क्षेत्रों में ईवीएम में छेड़छाड़ हुई. यह कहे जाने पर कि उनकी पार्टी ने 12 मई का चुनाव ईवीएम की जगह मत पत्रों से कराने की मांग की थी तो इस पर परमेश्वर ने कहा, ‘‘आने वाले दिनों में हम मत पत्रों से चुनाव कराने की मांग करेंगे और हम ईवीएम नहीं चाहते हैं.’’
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गन्ना हमारा मुख्य मुद्दा पर जिन्ना की तस्वीर किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं : CM योगी आदित्यनाथ


कैराना लोकसभा उपचुनाव के लिए शामली में हुई जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर जमकर हमला किया। उन्होंने मुजफ्फरनगर के गांव कवाल में सचिन और गौरव की हत्या की याद दिलाई, तो वहीं कैराना पलायन को लेकर व्यापारियों का दर्द भी उठाया।

साथ ही स्पष्ट कहा कि गन्ना हमारा मुद्दा है, लेकिन जिन्ना की तस्वीर भी नहीं लगने देंगे। हम ऐसे लोगों को हावी नहीं होने देंगे, जो समाज को दंगों में झोंकते हैं और गुंडे माफियाओं का संरक्षण करते हैं।





सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि पिछली सरकारें कार्य करती, तो पूर्व सांसद दिवंगत हुकुम सिंह को कैराना पलायन के लिए सड़क से संसद तक आंदोलन नहीं करना पड़ता। 15 महीने पूर्व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दहशत का माहौल होता था।

बहन बेटियों की अस्मत सुरक्षित नहीं थी, अराजकता होती थी। व्यापारियों से संगठित अपराधी गुंडा टैक्स वसूलते थे। एक साल के भीतर हमने अपराधियों को जहां पहुंचाना था, वहां पहुंचा दिया, जो भी राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंध लगाएगा अथवा व्यापारी, किसान और बहन बेटियों की जान का खतरा बनेगा, तो उसकी जान का खतरा हमारी पुलिस बनेगी। अब गुंडे घुटने टेक रहे हैं और जान बख्शने की भीख मांगते हैं।

उन्होंने कहा कि देश के भीतर भ्रष्ट नेता, जो भारत का विकास नहीं चाहते, एक मंच पर आ गए हैं। क्योंकि वह लोग भारत को दुनिया की महाशक्ति बनने से रोकना चाहते हैं, गरीबों, दलितों, किसानों को उनका हक मिलने रोकना चाहते हैं।





वह लोग विकास और सुशासन के दुश्मन हैं। जबकि पीएम मोदी ने देश के 125 करोड़ लोगों की जीवनशैली में परिवर्तन का कार्य किया है। कैराना का चुनाव स्पष्ट रूप से ध्रुवीकरण हो चुका है। एक तरफ वह लोग हैं, जिन्होंने मुजफ्फरनगर और पश्चिमी यूपी को दंगों में झोंकने का काम किया था, सचिन और गौरव जैसे नौजवानों की हत्या करके निर्दोष लोगों को फंसाने का कार्य किया था।

संजीव बालियान और सुरेश राणा जैसे लोगों को उठाकर बंद किया जा रहा था। अब हमें भविष्य में ऐसी स्थिति पैदा नहीं होने देनी है, जिससे समाज और विकास विरोधी तत्व हावी हो जाएं।
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Wednesday, 16 May 2018

फिर तो मुझे भी बिहार का मुख्यमंत्री बनाओ : तेज्श्वी यादव






बिहार में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि बीजेपी कर्नाटक में हॉर्स ट्रेड्रिंग को बढ़ावा दे रही है. उन्होंने कर्नाटक में मचे सियासी घमासान पर बुधवार को कहा कि बीजेपी लोकतंत्र में एक ख़तरनाक परिपाटी स्थापित कर रही है. हर मामले में चित भी इनका पट भी इनका. हेड भी इनका टेल भी इनका.
आरजेडी नेता ने कहा कि बीजेपी गोवा मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना कर चुकी है. अगर सबसे बड़ी पार्टी को कर्नाटक के राज्यपाल सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं तो वह राष्ट्रपति से एक अनुरोध करना चाहते हैं. उन्होंने राष्ट्रपति से मांग की कि कर्नाटक की तर्ज पर बिहार में सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का मौका दिया जाए.




बता दें कि पिछले विधानसभा चुनाव में आरजेडी बिहार में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. आरजेडी और जेडीयू मिलकर विधानसभा चुनाव लड़े थे, लेकिन बाद में अगल होकर नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ सरकार का गठन कर लिया.
तेजस्वी ने कहा कि अगर बिहार में चुनाव बाद निमंत्रण देकर सरकार बनाई जा सकती है तो कर्नाटक में क्या दिक़्क़त है? देश में एक ही संविधान है. बीजेपी ने संविधान का मज़ाक बना दिया है. लोकतंत्र में एक जैसे मामले में दो मापदंड नहीं होने चाहिए.

आरजेडी नेता ने कहा कि बीजेपी किस जनादेश के अपमान की बात कर रही है? सबसे पहले बीजेपी ने नीतीश कुमार के साथ मिलकर बिहार में जनादेश का अपमान और लोकतंत्र की हत्या को अंजाम दिया था. अब वह कर्नाटक में फिर यही दोहरा रही है. बीजेपी बहुमत साबित करने के लिए बाक़ी विधायक कहां से लाएगी? कर्नाटक में बीजेपी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया गया है, ऐसे में सभी विपक्षी दलों को एकजुट होकर इसका विरोध करना चाहिए.

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Tuesday, 8 May 2018

एससी-एसटी और अल्पसंख्यकों को लुभाने के लिए सरकारी खजाने का बंदरबांट करेंगे नितीश कुमार






पटना :
राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी)-अनुसूचित जनजाति (एसटी), अत्यंत पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों के लिए तीन विशेष योजनाएं शुरू की हैं. एससी-एसटी विद्यार्थियों  के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना शुरू की गयी है.
इसके तहत  एससी-एसटी विद्यार्थियों को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) पास करने पर एक लाख रुपये और बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) का पीटी पास करने पर 50 हजार रुपये दिये जायेंगे. यह प्रोत्साहन राशि उनके बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जायेगी, ताकि इन्हें मुख्य परीक्षा की तैयारी में किसी तरह की आर्थिक बाधा का सामना नहीं करना पड़े. इस योजना को चालू वित्तीय वर्ष से शुरू करने का निर्णय मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया है.
 कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्य सचिव अंजनी कुमार ने बताया कि पहले बिहार राज्य महादलित विकास मिशन से सिर्फ महादलितों के कल्याण और उत्थान के लिए ही कार्य कराये जाते थे. अब इस मिशन से एससी-एसटी के सभी वर्गों के लोगों के लिए समेकित रूप से योजनाएं चलेंगी. वर्तमान में जितनी भी योजनाएं चल रही हैं, सभी को समाहित कर दिया गया है. अब महादलित की सभी योजनाओं का लाभ एससी-एसटी वर्ग के सभी लोगों को मिलेगा. 

एससी-एसटी हॉस्टल के छात्रों को हर महीने Rs 1000

राज्य के एससी-एसटी, बीसी-ईबीसी और अल्पसंख्यक छात्रावासों में रहने वाले सभी छात्रों को 15 किलो अनाज मुफ्त में दिया जायेगा. इसमें नौ किलो चावल और छह किलो गेहूं शामिल है. इसके साथ ही एससी-एसटी वर्ग के छात्रों को मुफ्त अनाज के अलावा एक हजार रुपये प्रति महीने की दर से छात्रावास प्रोत्साहन राशि भी दी जायेगी. ये रुपये अन्य योजनाओं के अलावा दिये जायेंगे. राज्य में 111 एससी-एसटी छात्रावासों के अलावा बीसी-ईबीसी और अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रावास की संख्या 66 है. इन सभी में 12 हजार से ज्यादा छात्र रहते हैं. 




मुफ्त में अनाज वितरण करने की इस योजना से सरकारी खजाने पर एक करोड़ 40 लाख रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जबकि प्रोत्साहन समेत अन्य योजनाओं की वजह से करीब 11 करोड़ रुपये का भार आयेगा. महादलित वर्ग के लिए चलने वाली सभी योजनाओं का लाभ अब एससी-एसटी वर्ग के सभी लोगों को दिया जायेगा.
नगर विकास विभाग में इंजीनियर के 577 और पुलिस महकमे की विशेष शाखा में 437 पदों का सृजन, जल्द होगी बहाली
पटना : कैबिनेट की बैठक में नगर विकास विभाग में सभी स्तर के इंजीनियर के 577 और विशेष शाखा में विभिन्न स्तर के 437 पदों के सृजन की मंजूरी दी गयी.
इसके साथ ही इन दोनों विभागों में अलग-अलग पदों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है. पुलिस महकमे की विशेष शाखा का पुनर्गठन किया गया है. इसमें एएसपी से लेकर कंप्यूटर प्रोग्रामर और क्लर्क तक के 437 नये पदों के सृजन की अनुमति मिल गयी है. इसके बाद अब इन पदों पर बहाली शुरू होगी.
इसी तरह नगर विकास विभाग के अंतर्गत कार्यरत सभी संगठनों का विलय कर दिया गया है. इसके तहत बिहार राज्य जल पर्षद, बिहार शहरी विकास अभिकरण और जिला शहरी विकास अभिकरणों के स्तर पर कार्यरत नगर विकास एवं आ‌वास विभाग के अभियंत्रण कोषांग का विलय कर दिया गया है.

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कर्नाटक चुनावः राज राजेश्वरी में कांग्रेस बिधायक के फ्लैट से मिले 10,000 वोटर कार्ड, चुनाव आयोग ने दिये जांच के आदेश






कर्नाटक विधानसभा चुनाव
से पहले बेंगलुरु के एक अपार्टमेंट से लगभग 10,000 मतदाता पहचान पत्रों के मिलने के बाद सियासी पारा गरमा गया है। इस संबंध में मंगलवार देर रात चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। चुनाव आयोग ने इन पहचान पत्रों की जांच के आदेश दिए हैं। बीजेपी ने इस सबंध में आरोप लगाते हुए कहा है कि यह अपार्टमेंट एक कांग्रेसी नेता का है। बीजेपी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि राज राजेश्वरी नगर निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव रद्द कर दिए जाएं। बीजेपी के आरोप के बाद कांग्रेस ने पलटवार किया है और कहा है कि यह सब बीजेपी की ड्रामेबाजी है। कांगेस ने साथ ही बीजेपी पर नकली सबूत का आरोप लगाया।

जिस इलाके में ये वोटर कार्ड पाए गए हैं वो बेंगलुरु के जलाहाल्ली इलाका है। यह इलाका राज राजेश्वरी निर्वाचन क्षेत्र में पड़ता है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य चुनाव अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि राज राजेश्वरी में 4 लाख 35 हजार 439 वोटर हैं, यह वहां की आबादी का 75.43 फीसदी है। पिछली बार रिवीजन के दौरान 28 हजार 825 नाम जोड़े गए थे। इसके बाद अपडेशन के दौरान 19,012 नाम और जोड़े गए थे। इस दौरान 8817 लोगों का नाम हटाया भी गया था।

बंडल में बांधकर रखे गए थे वोटर कार्ड

संजीव कुमार ने कहा कि वह खुद इस घर में गए और उन्हें यहां 9746 वोटर आईडी कार्ड बरामद किए। इन्हें छोटे बंडलों में बांधकर और लपेटकर रखा गया था। हर बंडल पर फोन नंबर और नाम लिखा गया था।

लैपटॉप ऑर प्रिंटर भी बरामद

संजीव कुमार ने बताया कि उस फ्लैट में पांच लैपटॉप और प्रिंटर भी थे। इसके अलावा 2 स्टील ट्रंक भी मौजूद थे। निर्वाचन अधिकारी ने दावा किया कि वहां पाए गए वोटर आईडी कार्ड असली थे। इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है और मामले की जांच की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक यह फ्लैट मंजुला नंजामुरी के नाम पर है और फिलहाल इसमें राकेश नामक युवक किराए पर रहता है। बताया जा रहा है कि वह एक चुनावी उम्मीदवार का करीबी है। चुनाव अधिकारियों ने निष्पक्ष चुनावों का आश्वासन दिया है।





भाजपा का आरोप

बीजेपी ने आरोप लगाया है कि राज राजेश्वरी में कांग्रेस प्रत्याशी ने 15 हजार फेक वोटर आईडी कार्ड बनाए हैं। बीजेपी राज राजेश्वरी नगर में चुनाव रद्द करने की मांग कर रही है। बीजेपी की ओर से इस संबंध में पुलिस में भी शिकायत की गई है।

भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जवाड़ेकर ने कहा कि कांग्रेस यहां जनता का समर्थन खो रही है। वे लोग नाटकिय ढंग से किसी भी तरह इस चुनाव को जीतना चाहते हैं। इस लिए हम राज राजेश्वरी नगर में चुनाव रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

जावड़ेकर ने कहा कि बदामी क्षेत्र जहां से सिद्धरमैया चुनाव लड़ रहे हैं वहां से बड़ी मात्रा में कैश पकड़े गए हैं। इसलिए चुनाव आयोग को यहां स्पेशल चुनाव अधिकारी और ज्यादा से ज्यादा अद्धसैनिक बल तैनात करने चाहिए। 

बीजेपी के सदानंद गौड़ा ने आरोप लगाया है कि इस मामले में राज राजेश्वरी नगर से कांग्रेस के उम्मीदवार मुनिरत्न नायडू का हाथ है। सदानंद गौड़ा ने कहा है कि सत्ताधारी दल के विधायक अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं और अधिकारियों पर दबाव डालकर वोटर लिस्ट में गलत नाम डलवा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस विधायक मुनिरत्न नायडू को गुंडा करार दिया है। उन्होंने कहा कि कम से कम 60 हजार वोटर आईडी कार्ड का गलत इस्तेमाल हो रहा है।

इस मामले पर अनंत कुमार ने कहा है कि कांग्रेस चुनावों में गलत तरीकों का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने राजराजेश्वरी इलाके में चुनाव रद्द करने की मांग की है।

रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर BJP से पूछे ये सवाल

इस मामले पर कांग्रेस मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि बीजेपी इस तरह कांग्रेस पर इल्जाम लगाकर अपनी तरफ ध्यान आकर्षित करना चाहती है। सुरजेवाला ने कहा कि यह वोटर आईडी कार्ड ना तो पुलिस ने बरामद किए हैं ना ही चुनाव आयोग ने बल्कि इन्हें बीजेपी कार्यकर्ता ने बरामद किया है। उन्होंने कहा कि जिस फ्लैट से वोटर आईडी कार्ड बरामद हुए हैं वो फ्लैट मंजुला नंजामुरी का है, जो कि बीजेपी की नेता हैं। जबकि घर में रहने वाला किरायेदार उन्हीं का बेटा राकेश है। सुरजेवाला ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा कि 2015 में राकेश ने बीजेपी के टिकट पर निगम चुनाव लड़ा था लेकिन वो हार गए थे।

सुरजेवाला ने कहा कि मेरे 4 सवाल हैं। क्या इस फ्लैट की मालकिन बीजेपी से ताल्लुक नहीं रखती? क्या यह सच नहीं है कि उन्होंने यह घर अपने ही बेटे को किराये पर दिया? यह सभी वोटर आईडी कार्ड बीजेपी नेता के घर कैसे पहुंचे? और क्या बीजेपी के बड़े नेताओं के खिलाफ जांच नहीं होनी चाहिए?

कांग्रेस के इन सवालों के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि मंजुला 6 साल पहले पार्टी छोड़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले में अब BJP पर आरोप लगाना चाहती है। जावड़ेकर ने कहा कि जिस फ्लैट से वोटर आईडी कार्ड बरामद हुए हैं वो लीज पर है। मामले की जांच जारी है।


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Wednesday, 2 May 2018

एससी/एसटी कानून: पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज .........






सुप्रीमकोर्ट
आज केंद्र की उस याचिका पर सुनवायी करेगा जिसमें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) कानून पर दिए फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया गया है। 4 राज्यों ने भी पुनर्विचार याचिका दायर की है।
एससी/एसटी कानून के तहत तत्काल गिरफ्तारी के प्रावधान पर रोक लगाने के आदेश पर पुनर्विचार की मांग करते हुए केंद्र ने 2 अप्रैल को कोर्ट का रुख किया था। जानकारी के अनुसार, इससे पहले अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने मामले से जुड़े लिखित दस्तावेज कोर्ट में दाखिल कर दी हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर जज एके गोयल और दीपक गुप्ता की संवैधानिक पीठ मामले की सुनवाई करेगी।




वेणुगोपाल ने पीठ से कहा, अदालत की मांग पर हमने लिखित दस्तावेज जमा कर दिए हैं। चार राज्यों ने पुनर्विचार याचिका दायर की है। जिसके बाद न्यायमूर्ति गोयल मामले की सुनवाई के लिए 3 मई की तारीख तय की। एससी-एसटी कानून के तहत तत्काल गिरफ्तारी के प्रावधान पर रोक लगाने के आदेश पर पुनर्विचार की मांग करते हुए केंद्र ने दो अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

गौरतलब है कि 20 मार्च को अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति-जनजाति उत्पीड़न निरोधक कानून के तहत आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी।
सरकार ने भी हर पहलू पर विचार के बाद दो अप्रैल को इस फैसले पर पुनर्विचार के लिए शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल की थी। सरकार की ओर से यह भी संकेत दिया जा चुका है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपना रुख नहीं बदला तो फिर अध्यादेश लाकर भी पुराने कानून को स्थापित किया जा सकता है।




 
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