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Thursday, 19 February 2015

मांझी का खुला ऑफर, वोट दो मंत्री पद लो .......

पटना स्थित एसके मेमोरियल हॉल में गुरुवार को मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने विधायकों को सार्वजनिक मंच से मंत्री पद का ऑफर दिया। कहा, अगर विधायक मंत्री पद पाने की लालसा में नीतीश कुमार के साथ हैं तो मेरे पास आएं, मैं दे दूंगा उन्हें मंत्री पद। वह दलित अपमान के खिलाफ गरीब स्वाभिमान विषय पर आयोजित सम्मेलनमें बोल रहे थे।

मुख्यमंत्री ने मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम पर कहा कि अभी तो यह झांकी है, आगे की लड़ाई बाकी है। मामूली झांकी में ही सामंती प्रवृत्ति के लोग डगमगाने लगे। सम्मेलन में आए लोगों से उन्होंने अपील की कि अपने-अपने विधायक के पास जाकर वे गांधीगीरी करें। यह सवाल पूछें कि क्यों कर रहे जीतन राम मांझी का विरोध?

कहा कि हम अपने समाज के लिए काम नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि मेरा हाल यह था कि मंत्रिमंडल विस्तार के लिए मुझसे बिना कोई परामर्श के सूची आई और मैंने हस्ताक्षर कर दिया। तबादले की सूची आई तो मैंने नीचे जीतन राम मांझी लिख दिया। पिछले तीन महीने से मैंने काम करना शुरू किया तो शरद यादव हमसे इस्तीफा लेने आ गए।

शरद यादव व नीतीश कुमार को मैंने तीन-तीन बार कहा कि यदि हमसे पार्टी को खतरा हो रहा है तो हम एक मिनट नहीं रहेंगे। पर ये लोग मौन साधे रहे और मेरे खिलाफ जदयू के वैसे विधायक बोलते रहे जो लिख लोढ़ा, पढ़ पत्थर हैं। मांझी ने कहा कि मैंने विधायकों को प्रतिष्ठा दी।

मुझे हैरत इस बात पर है कि इसके बावजूद विधायक नीतीश कुमार का नाम जप रहे हैं। यही नहीं हमारे समाज के विधायक को भी यह समझ में नहीं आ रहा। मुझे क्या है, हट भी जाएंगे तो हमें पूर्व मुख्यमंत्री की सुविधा मिलेगी। हम रह गए तो उन सभी फैसलों को दो माह में लागू कर देंगे जिसे हमने कैबिनेट में लिया है। उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि कल भीड़ लगाने की जरूरत नहीं है।

राजधानी स्थित एसके मेमोरियल हॉल में गुरुवार को मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने विधायकों को सार्वजनिक मंच से मंत्री पद का ऑफर दिया। कहा, अगर विधायक मंत्री पद पाने की लालसा में नीतीश कुमार के साथ हैं तो मेरे पास आएं, मैं दे दूंगा उन्हें मंत्री पद। वह ‘दलित अपमान के खिलाफ गरीब स्वाभिमान विषय पर आयोजित सम्मेलन’ में बोल रहे थे।

मुख्यमंत्री ने मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम पर कहा कि अभी तो यह झांकी है, आगे की लड़ाई बाकी है। मामूली झांकी में ही सामंती प्रवृत्ति के लोग डगमगाने लगे। सम्मेलन में आए लोगों से उन्होंने अपील की कि अपने-अपने विधायक के पास जाकर वे गांधीगीरी करें। यह सवाल पूछें कि क्यों कर रहे जीतन राम मांझी का विरोध?

कहा कि हम अपने समाज के लिए काम नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि मेरा हाल यह था कि मंत्रिमंडल विस्तार के लिए मुझसे बिना कोई परामर्श के सूची आई और मैंने हस्ताक्षर कर दिया। तबादले की सूची आई तो मैंने नीचे जीतन राम मांझी लिख दिया। पिछले तीन महीने से मैंने काम करना शुरू किया तो शरद यादव हमसे इस्तीफा लेने आ गए।

शरद यादव व नीतीश कुमार को मैंने तीन-तीन बार कहा कि यदि हमसे पार्टी को खतरा हो रहा है तो हम एक मिनट नहीं रहेंगे। पर ये लोग मौन साधे रहे और मेरे खिलाफ जदयू के वैसे विधायक बोलते रहे जो लिख लोढ़ा, पढ़ पत्थर हैं। मांझी ने कहा कि मैंने विधायकों को प्रतिष्ठा दी।

मुझे हैरत इस बात पर है कि इसके बावजूद विधायक नीतीश कुमार का नाम जप रहे हैं। यही नहीं हमारे समाज के विधायक को भी यह समझ में नहीं आ रहा। मुझे क्या है, हट भी जाएंगे तो हमें पूर्व मुख्यमंत्री की सुविधा मिलेगी। हम रह गए तो उन सभी फैसलों को दो माह में लागू कर देंगे जिसे हमने कैबिनेट में लिया है। उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि कल भीड़ लगाने की जरूरत नहीं है। - See more at: http://www.livehindustan.com/news/desh/national/article1-Bihar-political-crisis-chief-minister-Manjhi-MLA-Minister-post-offer-39-39-471787.html#sthash.AD27Wp1R.dpuf
राजधानी स्थित एसके मेमोरियल हॉल में गुरुवार को मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने विधायकों को सार्वजनिक मंच से मंत्री पद का ऑफर दिया। कहा, अगर विधायक मंत्री पद पाने की लालसा में नीतीश कुमार के साथ हैं तो मेरे पास आएं, मैं दे दूंगा उन्हें मंत्री पद। वह ‘दलित अपमान के खिलाफ गरीब स्वाभिमान विषय पर आयोजित सम्मेलन’ में बोल रहे थे।

मुख्यमंत्री ने मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम पर कहा कि अभी तो यह झांकी है, आगे की लड़ाई बाकी है। मामूली झांकी में ही सामंती प्रवृत्ति के लोग डगमगाने लगे। सम्मेलन में आए लोगों से उन्होंने अपील की कि अपने-अपने विधायक के पास जाकर वे गांधीगीरी करें। यह सवाल पूछें कि क्यों कर रहे जीतन राम मांझी का विरोध?

कहा कि हम अपने समाज के लिए काम नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि मेरा हाल यह था कि मंत्रिमंडल विस्तार के लिए मुझसे बिना कोई परामर्श के सूची आई और मैंने हस्ताक्षर कर दिया। तबादले की सूची आई तो मैंने नीचे जीतन राम मांझी लिख दिया। पिछले तीन महीने से मैंने काम करना शुरू किया तो शरद यादव हमसे इस्तीफा लेने आ गए।

शरद यादव व नीतीश कुमार को मैंने तीन-तीन बार कहा कि यदि हमसे पार्टी को खतरा हो रहा है तो हम एक मिनट नहीं रहेंगे। पर ये लोग मौन साधे रहे और मेरे खिलाफ जदयू के वैसे विधायक बोलते रहे जो लिख लोढ़ा, पढ़ पत्थर हैं। मांझी ने कहा कि मैंने विधायकों को प्रतिष्ठा दी।

मुझे हैरत इस बात पर है कि इसके बावजूद विधायक नीतीश कुमार का नाम जप रहे हैं। यही नहीं हमारे समाज के विधायक को भी यह समझ में नहीं आ रहा। मुझे क्या है, हट भी जाएंगे तो हमें पूर्व मुख्यमंत्री की सुविधा मिलेगी। हम रह गए तो उन सभी फैसलों को दो माह में लागू कर देंगे जिसे हमने कैबिनेट में लिया है। उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि कल भीड़ लगाने की जरूरत नहीं है। - See more at: http://www.livehindustan.com/news/desh/national/article1-Bihar-political-crisis-chief-minister-Manjhi-MLA-Minister-post-offer-39-39-471787.html#sthash.AD27Wp1R.dpuf
राजधानी स्थित एसके मेमोरियल हॉल में गुरुवार को मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने विधायकों को सार्वजनिक मंच से मंत्री पद का ऑफर दिया। कहा, अगर विधायक मंत्री पद पाने की लालसा में नीतीश कुमार के साथ हैं तो मेरे पास आएं, मैं दे दूंगा उन्हें मंत्री पद। वह ‘दलित अपमान के खिलाफ गरीब स्वाभिमान विषय पर आयोजित सम्मेलन’ में बोल रहे थे।

मुख्यमंत्री ने मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम पर कहा कि अभी तो यह झांकी है, आगे की लड़ाई बाकी है। मामूली झांकी में ही सामंती प्रवृत्ति के लोग डगमगाने लगे। सम्मेलन में आए लोगों से उन्होंने अपील की कि अपने-अपने विधायक के पास जाकर वे गांधीगीरी करें। यह सवाल पूछें कि क्यों कर रहे जीतन राम मांझी का विरोध?

कहा कि हम अपने समाज के लिए काम नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि मेरा हाल यह था कि मंत्रिमंडल विस्तार के लिए मुझसे बिना कोई परामर्श के सूची आई और मैंने हस्ताक्षर कर दिया। तबादले की सूची आई तो मैंने नीचे जीतन राम मांझी लिख दिया। पिछले तीन महीने से मैंने काम करना शुरू किया तो शरद यादव हमसे इस्तीफा लेने आ गए।

शरद यादव व नीतीश कुमार को मैंने तीन-तीन बार कहा कि यदि हमसे पार्टी को खतरा हो रहा है तो हम एक मिनट नहीं रहेंगे। पर ये लोग मौन साधे रहे और मेरे खिलाफ जदयू के वैसे विधायक बोलते रहे जो लिख लोढ़ा, पढ़ पत्थर हैं। मांझी ने कहा कि मैंने विधायकों को प्रतिष्ठा दी।

मुझे हैरत इस बात पर है कि इसके बावजूद विधायक नीतीश कुमार का नाम जप रहे हैं। यही नहीं हमारे समाज के विधायक को भी यह समझ में नहीं आ रहा। मुझे क्या है, हट भी जाएंगे तो हमें पूर्व मुख्यमंत्री की सुविधा मिलेगी। हम रह गए तो उन सभी फैसलों को दो माह में लागू कर देंगे जिसे हमने कैबिनेट में लिया है। उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि कल भीड़ लगाने की जरूरत नहीं है। - See more at: http://www.livehindustan.com/news/desh/national/article1-Bihar-political-crisis-chief-minister-Manjhi-MLA-Minister-post-offer-39-39-471787.html#sthash.AD27Wp1R.dpuf

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