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Friday, 22 April 2016

भारत का चीन को जवाब - डब्ल्यूयूसी नेता को वीजा देकर लिया मसूद अजहर का बदला, जानें कौन है डोल्कुन ईसा ......


नयी दिल्ली : भारत ने वर्ल्ड उइगुर कांग्रेस (डब्ल्यूयूसी) नेता डोल्कुन ईसा को देश में आने की इजाजत दे दी जिसके बाद से पड़ोसी मुल्क सकते में है. भारत के इस कदम पर चीन ने चिंता जाहिर की और कहा कि डोल्कुन एक आतंकी है और उसके खिलाफ इंटरपोट का रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी है. इस कारण सभी देशों की यह जिम्मेदारी बनती है कि उसे कानून के हवाले कर दिया जाए.

जानकारों की माने तो संयुक्त राष्ट्र में जैश ए मोहम्मद चीफ मसूद अजहर पर बैन के रास्ते में चीन के वीटो के कारण झटका लगा था. ऐसा माना जा रहा है कि इसके कुछ दिन बाद भारत ने पड़ोसी देश को उसी की भाषा में जवाब दिया है. गौर हो कि मसूद मुंबई हमले का मास्टरमाइंड है.

कौन है डोल्कन ईसा?

डोल्कुन ईसा म्यूनिख के रहने वाले हैं जिन्हें 1990 में जर्मनी ने शरण दी थी. ईसा वर्ल्ड उइगर कांग्रेस (डब्ल्यूयूसी) के नेता हैं. ईसा के अनुसार भारत ने उसे इलेक्ट्रॉनिक वीजा दिया है जिसके बाद से वे अपने पहले भारत दौरे को लेकर उत्सुक हैं. डब्ल्यूयूसी चीन से बाहर रहने वाले उइगर कम्युनिटी के लोगों का एक संगठन है जिसपर चीन के शिंजियांग प्रोविंस में आतंकवादी घटनाओं में शामिल होने और लोगों की हत्या की साजिश करने का आरोप है. आपको बता दें कि ईसा 1997 से इंटरपोल की हिट लिस्ट में है.

क्या कहना है चीन का

चीन की नजर में उइगर लीडर्स मुस्लिम बहुल शिंजियांग प्रोविंस में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला संगठन है. उल्लेखनीस है कि शिंजियांग में उइगर मुसलमानों की आबादी एक करोड़ से ज्यादा है. ऐसा माना जाता है कि ये तुर्किक मूल के मुस्लिम हैं. कई सालों से अलग-अलग मांगों को लेकर यहां उइगर मुसलमान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. चीन ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट (इटीआइएम) को एक आतंकवादी संगठन मानता है और उसपर सख्‍ती बरतता है. चीन के इतर डोल्कन ईसा का कहना है कि ईस्ट तुर्किस्तान और इंडिया के बहुत पुराने और अच्छे रिलेशन थे. इसीलिए उइगर लोग भारत के दिल में बसते हैं.
 

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