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Friday, 6 May 2016

'लोकतंत्र बचाओ मार्च' की दस खास बातें जिससे कांग्रेस में जान भरने की हुई कोशिश



नयी दिल्ली : काफी दिनों के बाद आज कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेताओं ने एक साथ सड़क पर मोदी सरकार को घेरने की कोशिश की. 2014 में लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद लगभग शांत हो गई कांग्रेस ने लंबे अरसे बाद सड़क के रास्ते संसद को घेरने के लिए आज लोकतंत्र बचाओ मार्च निकाला. आज के इस मार्च में आम कार्यकर्ता के साथ दिग्गज नेता भी दिखे जिसने पार्टी में एक नया उर्जा का संचार भरने का काम किया. आइए जानते हैं कि कांग्रेस का यह मार्च पार्टी के लिए कितना महत्वपूर्ण माना जा रहा है.....



1) कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने जंतर-मंतर पर अपने संबोधन में मोदी सरकार पर जोरदार हमला किया और एक बार फिर देश की राजधानी से भाजपा विरोधी बिगुल फूंका जिससे पार्टी में नई ऊर्जा का संचार पैदा हुआ. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि एक सशक्त विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए कांग्रेस कभी भी किसी भी कुर्बानी से पीछे नहीं हटेगी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए कांग्रेस सबकुछ करने को तैयार है.

2) कांग्रेस शासित राज्यों में सरकार बचाने की कवायद के साथ ही संसद में देशहित के मुद्दे पर कांग्रेस मोदी सरकार के आगे थोड़ी कमजोर पड़ गई है. लेकिन आज जिस प्रकार जंतर-मंतर पर सोनिया और राहुल के साथ 83 साल के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कांग्रेस में जान डालने की कोशिश की उससे प्रतित होता है कि पार्टी अब शांत बैठने वाली नहीं है.

3) लोकतंत्र बचाओ मार्च कांग्रेस के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि लंबे समय बाद सड़क पर पार्टी ने बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को एक साथ लाया और उनका शीर्षस्थ नेताओं से सीधा संपर्क हुआ. कहीं न कहीं कांग्रेस को भी इसका आभास हो चुका है कि शीर्ष नेतृत्व से नीचे तक हर किसी को कदम से कदम मिलाकर चलने की आवश्‍यकता है.

4) संसद में बजट सत्र की कार्यवाही चल रही है और अगस्ता मामला चरम पर है. ऐसे में सदन के भीतर के साथ ही बाहर से केंद्र पर दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर इस मार्च को अहम माना जा रहा है.

5) लोकतंत्र बचाओ मार्च की अगुवाई कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी ने की, वहीं दूसरी ओर जंतर-मंतर पर कांग्रेस के पोस्टरों में रॉबर्ट वाड्रा भी दिखे जिससे ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी युवा कंधों पर जिम्मेदारी देने की तैयारी कर रही है.

6) जंतर-मंतर पर कांग्रेस की लोकतंत्र बचाओ रैली के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने संसद रोड थाने में आज गिरफ्तारी दी हालांकि थोड़ी देर के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया. नेताओं ने जंतर-मंतर से संसद तक मार्च के दौरान विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन किया था जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई थी. शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी से ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस अब लड़ाई जमीन पर उतरकर करेगी जिसमें हर शीर्ष नेताओं की भागीदारी होगी.

7) पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को आज काफी दिनों के बाद लोगों ने सुना. मोदी सरकार पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस पर कई लोगों ने हमले किए, लेकिन वे नाकाम रहे. कांग्रेस एक बहती हुई नदी है, इस प्रकार के आरोपों से हमपर कोई असर नहीं पड़ेगा. लोकतंत्र को बचाने के लिए कांग्रेस हमेशा बलिदान के लिए तैयार रहता है. हमारी पार्टी का हर कदम लोकतंत्र के हित में होता है.

8)कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि भाजपा कांग्रेस शासित राज्यों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है. इतना ही सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय भी कांग्रेस को निशाना बना रहे हैं. कांग्रेस नेता कमल नाथ ने कहा कि लोकतंत्र की हत्या हो रही है और भाजपा इस मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है.

9) राहुल गांधी के निशाने पर मोदी सरकार के साथ साथ संघ भी रहे. रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज हिंदुस्तान में केवल दो लोगों की बात चलती है. नरेंद्र मोदी जी की और मोहन भागवत की. राहुल ने रैली में शामिल लोगों को धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि मोदी जी आये थे और अच्छे दिन की बात की थी. आज देश में सूखा पड़ा है और हर दिन 50 किसान आत्महत्या कर रहे हैं.

10) उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में जीत के लिए प्रशांत किशोर को कांग्रेस में अहम भूमिका निभाने के लिए लाया गया है. जानकारों की माने तो सड़क पर मोदी विरोधी मार्च की सलाह प्रशांत किशोर ने ही दी होगी जिससे लोगों का ध्‍यान कांग्रेस की ओर जाए. 

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