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Friday, 16 September 2016

साम्प्रदायिक हिंसा के पीछे मीडिया तंत्र का अभिनय : जानिये और समझिये कैसे न्यूज़ चैनल वाले किसी साम्प्रदायिक हिंसा को उसके जातीय या धर्म को देख कर बढ़ावा देते हैं , और कैसे बचाव करते हैं ?

जैसे कहीं साम्प्रदायिक घटनाएं घटती है , जैसे कल बिजनौर में घटनाएं घटी ठीक वैसी घटनाएं जैसी मुजफ्फरनगर में घटी थी . अब चुकी साम्प्रदायिक घटना के जड़ या कहें लड़की छेड़ने वाले तथाकथित शान्ति समुदाय से था इसलिए इस मामले को ज्यादातर चैनलों पर 1 न्यूज़ फ्लैश कर दिया गया या 5 मिनट की रिपोर्टिंग कर के मामला रफा-दफा करने की पूरी कोशिश की गई और की जा रही है . BBC वाले का तो , कहना है स्थानीय लोग कह रहें हैं की की  मामला गरम ज़रुर है लेकिन स्थित सामान्य है.  तो कभी इस घटना को जाटो और मुस्लिमो के मध्य  आपसी झगरा बता कर भी रिपोर्टिंग की गयी . अब आप और हम समझ सकतें हैं की ऐसी रिपोर्टिंग क्यों की गयी और क्यों ऐसे हम (हिन्दुओं को ) जाती - जाती में तोड़ा जा रहा हैं , और हम टूटते जा रहें हैं ?

हिन्दू मरे तो उसे दलित बना दिया जाता है , लेकिन कोई अखलाख मरे तो वो मुस्लिम हो जाता है और मारने वाला हिन्दू आतंकवाद ? (जैसा की ABP न्यूज़ , न्यूज़-२४ सहित कई चैनलो पर चलाए गये थे)

जब ऐसी पत्रकारिता हो रही हैं , तो कई  सवाल भी उठना और उठाना भी जायज है :
1.) ऐसी पत्रकारिता करने वालों पर कोई कार्रवाही क्यों नहीं की जाती  ?

2.) इन तथाकथित पत्रकारों को हिन्दुओं को जाती-जाती में तोरने का अधिकार मिला  हुआ है ?

3.) हजारों मामले बल्कि 99% मामले में ऐसे साम्प्रदायिक घटनाओं की शुरुआत इन शान्ति समुदाय के लोगों के द्वारा किया जाता हैं , उसके बावजूद चर्चा दंगों के जड़ पर नहीं कर के चर्चा सिर्फ और सिर्फ इसपर की जाती है की इस दंगे में इतने शान्ति कौम के लोग बेघर हो गए , घायल हो गए ETC...... ऐसा क्यों ? 

4.) और क्या ऐसे-ऐसे पेड़ न्यूज़ चैनलों पर जांच नहीं की जानी चाहिए की ऐसे न्यूज़ चला कर साम्प्रदायिक तनाव कराने के पीछे किस ताकत का हाथ है ?

5.) कही इसका संचालन पड़ोसी देश पाकिस्तान या किसी अरब कंट्री से तो नहीं किया जा रहा है ?

6.) और अगर ऐसा हो रहा है तो इसके पीछे क्या कारण क्या हैं ?

जब पत्रकारिता के आड़ में ऐसे गोरखधंधे चलाए जातें हैं , तब ऐसे सवाल भी उठते ही हैं ? किसी के मन में सवाल उठे या ना उठे मेरे मन में ऐसे सवाल उठे और हमने ब्लॉग के जरिये ये सवाल उठाया .



.....................................................................................................................  रवि रंजन  (FACEBOOK)

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