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Sunday, 23 October 2016

विडियो : सर्वाइकल ओस्टियोअर्थराइटिस , नेक अर्थराइटिस , क्रोनिक नेक पेन का स्थायी उपचार

Cervical-spondylosis , neck arthritis , chronic neck pain lasting treatment
गर्दन में स्थिर रीढ़ की हड्डियों में लम्बे समय तक कड़ापन रहने  , जोड़ों में घिसावट होने या उनकी नसों में घिसावट होने या उनकी नसों के दबने के कारण बेहद तकलीफ होती है । जिसे सर्वाइकल ओस्टियोअर्थराइटिस भी कहतें हैं । इसे कई और नामों से भी जानते हैं जिसमें "नेक अर्थराइटिस" , "क्रोनिक नेक पेन" भी महत्वपूर्ण नाम हैं ।

आधुनिक चिकित्सा में सर्वाइकल ओस्टियोअर्थराइटिस का इलाज फिजियोथेरेपी या दर्द निवारक गोलियाँ है । इनसे दर्द मे आराम तो मिल जाता है लेकिन यह केवल अस्थायी उपचार है । योग ही इस समस्या का स्थायी समाधान है क्योकीं योग ही इस बिमारी को जड़ से ठीक करता है । लेकिन जब रोगी को चलने फिरने भी समस्या आने लगे तो दवाई और फिजियोथैरेपी के साथ आराम का सहारा लेना चाहिए । आराम आतें ही इससे पूरी तरह मिक्ति के लिए किसी कुशल मार्गदर्शक की निगरानी में योग का अभ्यास कर देना चाहिए ।
कैसे करें : जिस आसन में सहज रहें उस आसन में बैठ जाएँ। कमर तथा गर्दन को सीधा रखते हुए धीरे-धीरे बाईं ओर ले जाएँ। कुछ सेकंड दाहिनी ओर रुकते हैं, उसके बाद गर्दन को धीरे-धीरे बाईं ओर ले जाते हैं। फिर वापस आने के बाद गर्दन को ऊपर की ओर ले जाते हैं। उसके बाद नीचे की तरफ ले जाते हैं। इस तरह एक चक्र पूरा हो गया। आप अपनी सुविधानुसार इसे चार से पाँच चक्रों में कर सकते हैं।  


सर्वाइकल ओस्टियोअर्थराइटिस के लक्षण :

कई बार गर्दन के दर्द हलके से ज्यादा हो जाता है , ऐसा अक्सर , सोते वक्त तकिये की मोटाई ज्यादा रहने से , ऊपर या निचे देखने के कारन हो जाता है

रीढ़ की हड्डी में चोट आने पर


गर्दन में दर्द या कड़ापन स्थिति को गम्भीर  करने वाले मुख्य लक्षण हैं ।


गर्दन की हिलाने पर अक्सर गर्दन से पिसने जैसी आवाज का आना


हाथ या उँगलियों में सुन्नता या कमजोरी मह्सुश करना


व्यक्ति के हाथों और पैरों में कमजोरी के कारण चलने में समाश्या होना और चलने में अपना संतुलन खो देना



कुछ महत्वपूर्ण योगा और सावधानीयां : -


ब्रह्म मुद्रा का अभ्यास करते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि मेरुदंड पूर्ण रूप से सीधा हो। जिस गति से हम गर्दन को दायीं या बायीं ओर ले जाते हैं, उसी गति से धीरे-धीरे वापस आएँ तथा ठोड़ी को कंधे की ओर दबाएँ। जिन लोगों को सर्वाइकल स्पांडलाइटिस या थायरायड की समस्या है वे ठोड़ी को ऊपर की ओर दबाएँ। गर्दन को नीचे की ओर ले जाते समय कंधे न झुकाएँ। कमर गर्दन और कंधे सीधे रखें। गर्दन या गले में कोई गंभीर रोग हो तो चिकित्सक की सलाह से ही यह आसन करें। 

लाभ : जिन लोगों को सर्वाइकल स्पांडलाइटिस, थायरायड आदि की समस्या है उनके लिए यह आसन लाभदायक है। इससे गर्दन की मांसपेशियाँ लचीली तथा मजबूत होती हैं। आध्यात्मिक दृष्टि से भी यह आसन लाभकारी है। 


सर्वाइकल ओस्टियोअर्थराइटिस के लिए कुछ महत्वपूर्ण योग  के विडियो बाबा रामदेव के सौजन्य से :

विडियो :


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