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Sunday, 13 November 2016

तीन दिन में ही हवाला कारोवार (आतंकवाद , ड्रग कारोबार) पूरी तरह से बर्बाद , बावजूद विपक्ष का शोर , कुछ तो झोल है ...

Hawala transaction complete waste in three days.

इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के मुताबिक मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले के बाद हवाला कारोबार की कमर टूट गई है और उसमें 80% तक की गिरावट दर्ज की गई है। 8 नवंबर को लिए गए नोटबंदी के फैसले चलते दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद और मुंबई में हवाला ऑपरेटर्स अंडरग्राउंड हो गए हैं।

इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के मुताबिक 3 दिनों के भीतर खाड़ी देशों और कश्मीर घाटी के बीच एक भी हवाला ट्रांजैक्शन सामने नहीं आया है। रिपोर्ट बताती है कि ब्लैक मनी बाहर लाने के लिए नोटबंदी का फैसला असर दिखा रहा है। IB ने अपनी रिपोर्ट में कहा, "नोटबंदी के बाद ऑपरेटर्स के अंडरग्राउंड होंने के चलते मनी लॉन्ड्रिंग थम-सी गई है। IB ने अपनी रिपोर्ट होम मिनिस्ट्री को सौंपी है।

मिनिस्ट्री ने IB और नेशनल इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी (NIA) को नोट बंदी के असर की मॉनिटरिंग का जिम्मा सौंपा है। IB की रिपोर्ट में कहा गया है कि कश्मीर घाटी में सिक्युरिटी फोर्सेज की कार्रवाई के चलते हवाला कारोबारी डर रहे हैं। हवाला ऑपरेटर्स ब्लैक मनी लेने में घबरा रहे हैं, वो ऐसा खतरा मोल लेने को तैयार नहीं हैं। गौरतलब है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के सर्वे में भी इसी तरह के फैक्ट्स सामने आए हैं।

हवाला के जरिए टेररिज्म, ड्रग कारोबार को फंडिंग की जाती है। हवाला कारोबार में किसी तरह के बिल या पेपर्स का यूज नहीं होता है। ये कारोबार केवल 'जुबान' पर चलता है, जिसकी फीस ली जाती है। बैंकिंग सिस्टम का इस्तेमाल किए बगैर एक जगह पर डिलिवर किया गया कैश दूसरी किसी भी जगह पर उपलब्ध करा दिया जाता है।

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