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Tuesday, 6 December 2016

जयललिता के ब्राहम्मण होने के बावजूद भी उनका दाह संस्कार नहीं किया गया , इसके पीछे की गन्दी राजनीति को जानकार चौंक जायेंगे आप ...


जयललिता के ब्राहम्मण होने के बावजूद भी उनका दाह संस्कार नहीं किया जा रहा. अंदर की बात कुछ और है. पार्टी में एक धड़े को ये चिंता सता रही है कि जयललिता का कोई रिश्तेदार उनकी राजनीतिक विरासत से फायदा न उठा ले.

जयललिता को दफ़नाने के पीछे का असली खेल उनकी सहयोगी शशिकला ने रचा है. यदि आयंगर रीति रिवाजों से उनका संस्कार किया जाता है तो एक सगे रिश्तेदार की जरूरत पड़ेगी. इस समय जयललिता के परिवार में एक लड़की है, जिसका नाम दीपा जयकुमार हैं. दीपा जयललिता के स्वर्गीय भाई जयकुमार की बेटी हैं.
शशिकला गुट ये कभी नहीं चाहेगा कि अंतिम संस्कार हिन्दू रीति से उनके परिवार की बेटी के हाथों करवाया जाए. ऐसा करने पर दीपा उनके उत्तराधिकारी के रूप में सामने आ सकती हैं.
जब जयललिता को भर्ती किया गया था तब 22 सितंबर को दीपा अपने पति के साथ उन्हें देखने के लिए अपोलो अस्पताल पहुंची थी लेकिन उन्हें धक्के मारकर निकाल दिया गया. जाहिर है कि जयललिता चारों ओर से दुश्मनों से घिरी हुई थी.

तमिलनाडु पर अब गिद्ध राज करेंगे। एक महान नेत्री को अपने धर्म के अनुसार अंतिम संस्कार भी नसीब नहीं हुआ, उसके अपनों ने ही उसकी मिटटी ख़राब कर दी l

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