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Monday, 12 December 2016

दिल्ली : केजरीवाल के भी पकडे गए 40 करोड़ रुपये का काला धन



दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके में एक्सिस बैंक
में ब्लैकमनी को सफेद बनाने के जिस गोरखधंधे का पिछले दिनों खुलासा हुआ था, उसमें अब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी का नाम भी सामने आ रहा है। आरटीआई एक्टिविस्ट नील टेरेंस हसलम ने दस्तावेजों के आधार पर यह दावा किया है कि एक्सिस बैंक की ब्रांच में मिले काले धन का आम आदमी पार्टी के साथ लिंक है। जिन फर्जी कंपनियों का हाथ इस रैकेट में पाया गया वो वही है जो अरविंद केजरीवाल को चुनाव से पहले मोटी रकम चंदे के तौर पर दे रही थीं। यह भी शक मजबूत होता जा रहा है कि ये कंपनियां आम आदमी पार्टी को नंबर दो का पैसा पहुंचाने के लिए ही बनाई गई हैं।

दिहाड़ी मजदूर की कंपनी ने 2 करोड़ दिए :

दिल्ली विधानसभा चुनाव के समय ये खुलासा हुआ था कि एक फर्जी कंपनी के नाम पर आम आदमी पार्टी को 2 करोड़ रुपये का चंदा दिया गया है। ये चंदा देने वाली बीगल्स मार्केटिंग (Beagles Marketing) नाम की कंपनी की जब छानबीन हुई तो पता चला कि उसका डायरेक्टर एक दिहाड़ी मजदूर है। रामचरण नाम का ये दिहाड़ी मजदूर दिल्ली के कैंप इलाके में अन्नानगर की झुग्गियों में रहता है। बीगल्स मार्केटिंग के चार्टर्ड अकाउंटेंट का ईमेल आईडी- rjkumar@ymail.com दर्ज है। यह चार्टर्ड अकाउंटेंट कुल 135 कंपनियों के बहीखाते देखता है। इनमें से ही वो चार फर्जी कंपनियां भी हैं जिन्होंने चुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी को 2 करोड़ रुपये का चंदा दिया था। उस वक्त ये ‘हवाला एट मिडनाइट’ के नाम से चर्चा में आया था। अपनी एक रैली में पीएम मोदी ने भी इस चंदे का जिक्र किया था। ये सारा पैसा चूंकि बैंकिंग चैनल से आया था, इसलिए आम आदमी पार्टी कानूनी तौर पर बच निकली। वरना सभी को पता था कि वो हवाला ट्रांजैक्शन था, जिसके जरिए किसी ने अपनी ब्लैकमनी चंदे के तौर पर दी थी। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया था कि वो पैसा पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI ने भिजवाए थे।


एक्सिस बैंक घोटाले में भी बीगल्स का नाम

पिछले दिनों एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) ने दिल्ली में एक्सिस बैंक के कश्मीरी गेट ब्रांच में एक बड़े घोटाले का भंडाफोड़ किया है। नोटबंदी के बाद से यहां पर कुछ बैंक अधिकारी 500 और 1000 के नोट को सोने के बदले ले रहे थे। ये पूरी धांधली चार्टर्ड अकाउंटेंट और फर्जी कंपनियों के बैंकिंग रास्ते से हो रही थी। इस केस में शशांक सिन्हा और विनीत गुप्ता नाम के दो बैंक मैनेजर गिरफ्तार हो चुके हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने करीब 40 करोड़ रुपये का काला धन कई बैंक खातों में जमा किया और जमा पैसे को ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिया। ईडी ने इस मामले में 11 खातों को फ्रीज कर रखा है। पूछताछ में एक दलाल ने कबूला है कि एक्सिस बैंक के अफसर 2 फीसदी कमीशन और सोने के बिस्किट के बदले ये धांधली कर रहे थे। 22 नवंबर को 3.7 करोड़ की करंसी के साथ 2 लोगों की गिरफ्तारी के बाद इस जालसाजी का भंडाफोड़ हुआ था।

फर्जी कंपनी का केजरीवाल से क्या लिंक है?

ईडी के एक अफसर ने बताया है कि नोटबंदी के बाद कुछ कारोबारियों ने चार्टर्ड अकाउंटेंट के जरिए अपने पुराने नोटों को बैंक अकाउंट में जमा करना शुरू कर दिया। ये चार्टर्ड अकाउंटेंट थे- राजीव कुशवाहा, देवेंद्र झा और राज कुमार शर्मा। कश्मीरी गेट ब्रांच में कई फर्जी कंपनियों जैसे- सनराइज ट्रेडिंग्स, हिमालया इंटरनेशनल और आरडी ट्रेडर्स के खाते हैं। बैंक मैनेजरों की मदद से 10 से 22 नवंबर के बीच इन कंपनियों के खाते में जमकर रकम डाली गई। सारे पैसे 90 से 99 लाख की किस्तों में जमा कराए गए, ताकि 1 करोड़ रुपये जमा होने पर पकड़े जाने का डर न रहे। जो भी पैसे जमा किए जाते उन्हें ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए उसी दिन बीगल्स मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड को भेज दिया जाता। ये वही फर्जी कंपनी है जिसने चुनाव से पहले केजरीवाल को 2 करोड़ का चंदा दिया था। इस कंपनी के पूरे कारनामों का जिक्र हम ऊपर कर चुके हैं।

क्या केजरीवाल की ब्लैकमनी सोना बन गई?

ईडी के मुताबिक बीगल्स मार्केटिंग ने इस पैसे को कई सराफा कारोबारियों को ट्रांसफर किया और उसके बदले में सोना खरीद लिया। ये सारी खरीद पक्की रसीद पर की गई। लेकिन सोने का दाम 45 से 50 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम लिखा गया। जो कि बाजार भाव से काफी ज्यादा है। फिलहाल इस रैकेट में शामिल ज्वैलरी कारोबारियों की भी पहचान हो गई है और बहुत जल्द कई और गिरफ्तारियां भी होंगी। ईडी की जांच में भी पुष्टि हुई कि बीगल्स मार्केटिंग का डायरेक्टर रामचरण एक दिहाड़ी मजदूर है। अधिकारियों ने उससे संपर्क किया तो उसने ऐसी किसी कंपनी की जानकारी होने से भी इनकार कर दिया। कंपनी के बाकी डायरेक्टरों को भी नहीं पता था कि उनका नाम ऐसी किसी कंपनी के लिए इस्तेमाल हो रहा है। बीगल्स मार्केटिंग आम आदमी पार्टी को हवाला के जरिए चंदा देती रही है, एक्सिस बैंक में जो कालेधन को सफेद करने के खेल में भी उसी का हाथ रहा है, ऐसे में यह शक होना लाजिमी है कि कंपनी किसके पैसे को सोने में कन्वर्ट करा रही थी। कहीं वो पैसा आम आदमी पार्टी के लिए तो नहीं था? जांच में जल्द ही सच्चाई सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल इस मामले में आम आदमी पार्टी की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इस मामले में और जानकारी और दस्तावेजों के लिए आप इस लिंक पर क्लिक कर सकते हैं। जो जानकारियां हमने इस रिपोर्ट में दी हैं उनका आधार भी यही है।

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