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Sunday, 11 December 2016

रेडियोएक्टिव स्याही के प्रयोग के कारण मिल रही है इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के छापों में 100 फीसदी कामयाबी , जानिये क्या है रेडियोएक्टिव स्याही ?


Why-so-many-money-launderers-are-getting-caught

चलिए आपको बताते हैं , नोट में कोई चिप नही बल्कि एक प्रकार के रेडियो एक्टिव इंक का प्रयोग है। रेडियोएक्टिव स्याही का प्रयोग विकसित देशों में पहले से बतौर इंडिकेटर (सूचक/संकेतक) किया जाता रहा है।

दरअसल P32 फास्फोरस का रेडियोएक्टिव आइसोटोप है जिसके नाभिक मे 15 प्रोटोन और 17 न्यूट्रोन होते हैं और यह रेडियोएक्टिव स्याही में न्यून मात्रा में प्रयोग किया जाता है। यह रेडियोएक्टिव वार्निंग टेप की तरह प्रयोग होता है जिससे एक ही जगह पर मौजूद लिमिट से अधिक होने पर इंडिकेटर के तौर पर नोटों की मौजूदगी को यह सूचित करता है। जिससे भारी मात्रा में लोग इससे युक्त नगदी का संग्रह करते ही पकड़े जा रहे हैं।

नए नोट भी लोग छुपा कर वहीँ रख रहे हैं , जहां सोना चांदी और अन्य अवैध कमाई के नोट है ऐसे में जांच के दौरान छिप कुछ नही रहा। दो हजार के साथ पांच सौ की नोट में भी यही इंक का प्रयोग है और जल्द आने वाली हजार के नोट में भी यही प्रयोग हुआ है। हालाँकि क्षयांक यानि टी हाफ की वजह से एक तय समय बाद नोट की इंडिकेटर सक्रियता कम हो जायेगी इसलिए नये नोट भी भविष्य में बंद होंगे। यह इंक का इंडिकेटर कहाँ लगा है इसकी जानकारी सुरक्षा वजहों से नही दी जा रही है । इसे आप संकल्पना (हाइपोथिसिस) कहें या जो भी मगर सिर्फ आप लोगों के हित में लिख रहा हूँ क्योंकि आप ईमानदार नही बने तो यह नई नोट आपको ईमानदार बना देगी। जिसे शक दूर करना हो वह गूगल में रेडियोएक्टिव इंक खोज सकता है अन्यथा भ्रम पाले रहना भी बहुतों को जरुरी..

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23 comments :

  1. अपने लिखा है कि सुरक्षा वजहों से आप जानकारी नहीं दे रहे हैं। सच्चाई तो ये है कि आपको पता ही नहीं है वरना वो जानकारी देने भी आप अपनी काबिलियत समझते क्योंकि इस लेख को पढ़कर यही लगता है कि इसे आपने देश के भले के नहीं बल्कि रुपये जमा करने वालों के हित में लिखा है।

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  2. One more Non sense article by BhaktJan..

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  3. One more Non sense article by BhaktJan..

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  4. The presence of radioactive ink is yet to be fully established and confirmed.

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  5. This Radio active ink meter is not available anywhere in the world .. But your story is really good

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    1. Its available from long time https://m.pce-instruments.com/english/measuring-instruments/meters/radioactivity-meter-kat_41249_1.htm

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  6. सही मायने में हिंदुस्तान की जनता को मुर्ख समज रखा है। पहले आपने जैसे लोगो ने अफवाह फैलाई की नोट में चिप है। वो fail हो गयी तो अब नई अफवाह फैला रहे हो।

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  7. नॉट ढूंढने की बजाय सिस्टम को सुधारने में समय लगाये तो अधिक सफलता मिलेगी।

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  8. नॉट ढूंढने की बजाय सिस्टम को सुधारने में समय लगाये तो अधिक सफलता मिलेगी।

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  9. Govt.employee सुधर गए तो corruption अपने आप सुधर जायेगा

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  10. सबसे पहले राज नेताओ एवं सरकारी कर्मचारी के यहाँ छापा मारें। व्यापारी के पास अपना काम और इन दोनों का ही पैसा है।

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  11. Make party funding transparent.

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  12. Are you crazy, disclosing this if it is so, is kind of antinational act

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  13. Ink ho ke n ho jinake pas Kala dhan hai ise chinta hame kya?

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  14. Bhai kaha se dhund dhund ke story banate ho ?
    Sab bakwas hai . Radioactive chemicals harmful hote hai Nobody can use that.
    System sudharo or note dhundhne h to Ambani ya adani ke dhundho

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  15. Mujhe lagata hai kejariwal ke bad isaka nomb hai

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  16. पतिस्थितिजन्य लग तो रहा है की ऐसा कुछ है
    क्योंकि इतने तहखाने से तिजोरी और नॉट निकलने की घटनाये अभी नए नोट्स के बाद ही आ रही है।
    वाकई मोदीजी इतनी आसानी से योजना फ़ैल होते नहीं देख सकते कुछ ना कुछ तो ऐसा किया ही होगा की साँप भी मर जाए लाठी भी ना टूटे।

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  17. कयु चिंता करते हो । अप ने किसीके पास इतना धन है । ओर ऐक बात विजय मालीया अंबानी अदानि सुब्रतोरोय सहारा ओर कही सारे है वो सारे
    कब से कारोबार कर रहें है । कसी ने तरीके से व्यापार की या ओर बढ़ाया । गलत कीया होता तो आगे वाले छोडतै थे क्या । ओर हम सारे ईमानदारी
    की बात करते हे । जोभी वयापारी हो या छोटा कारोबारी उस ने सही तरीके से काम की या है तो कोई डर ने की जरूरत नहीं है ।
    125 करोड़ की आबादी ओर 3% लोग टेक्स दे ओर बाकी मजा करे ओर ऑस्ट्रेलिया अमेरिका युरोप की बातें करे ये सही है आप ही सोचो ।
    जब महात्मा गांधी जी ने पहली बार आजादी की बात की तब लोगों ने सही समझा था क्या ।
    ओर अंग्रेजो ने आजादी दे दी थी क्या ।
    सभी भारतीयों के साथ सहकार से त्याग से वो आजादी का रास्ता सर कीया ओर मंजिल हासिल की है ।
    ना की ऐसी वेसी बातों से हासिल होता हे ।

    हमारे देसके प्रधान मंत्री ने जब कोई कदम उठाया है तो बहोत ही सोच समझ के उठाया है। हमें आदर करना चाहिए ।

    प्रधान मंत्री ने सारे देशवासियों के अच्छे के लिए एक कठोर कदम उठाया है जीस का फल थोड़े कुछ दिनों के बाद ही पता चलेगा । हां ये फल कसी के लिए खट्टे मीठे कड़वे तीखे खारे हो सकते है । पर खाना जरुर है ।

    जैसे की देश की आजादी की लड़ाई के वक्त
    अखंड भारत की सोच थी पर आजादी के समय कुछ ओर भी साथ मे मील्ला जो आज भी हम
    भुला नहीं सकते । जय हिन्द ।

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  18. This comment has been removed by the author.

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