BREAKING NEWS

Sunday, 24 September 2017

अखिलेश यादव बाप का नहीं हुआ तो किसका होगा : मुलायम सिंह


"अखंड भारत टाइम्स" परिवार से जुड़ने के लिए ऑफिसियल पेज लाइक जरुर करें :


सनातन धर्म के अनुसार साफ़ है "जैसा कर्म करोगे , फल भी उसी के अनुरूप आपको जिन्दा रहते धरती पर ही मिल जाता है" . एक समय था जब वोट बैंक के कारण अल्पसंख्यकों का दिल जितने के लिए कार सेवकों पर बेरहमी से अंधाधुंध गोलियां चलवाई गयी थी जिसमें कई कार सबकों की निर्मम ह्त्या सुनियोजित तरीके से कराई गयी थी वो भी मुलायम सिंह यादव के इशारे पर , और सरेआम हर चुनाव में इस निर्माण ह्त्या को मुलायम सिंह यादव नें अपनी छाती ठोक-ठोक कर कहते रहे हमें उस कार्रवाही पर गर्व है और एक समय आज का है जब उनका सुपुत्र ही उनका साथ देने को तैयार नहीं है , बूढ़े में बेटा का सहारा जब क्षीण जाए तो आप समझ जाइए आपने कितना और कैसा कर्म किया है अपने जीवन में .

मुलायम सिंह यादव ने आज बुलाई प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूबे की योगी सरकार पर प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि योगी आदित्यनाथ की कथनी और करनी में फर्क है. उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार को सभी किसानों का कर्ज माफ करना चाहिए.





मुलायम सिंह यादव की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर अटकलें थी वह यहां नई पार्टी का ऐलान कर सकते हैं, लेकिन सपा के पूर्व प्रमुख मुलायम सिंह ने इन पर विराम लगाते हुए साफ किया कि वह नई पार्टी नहीं बना रहे हैं. अखिलेश यादव को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में मुलायम सिंह यादव ने कहा, वह (अखिलेश यादव) मेरे पुत्र हैं, इस नाते मेरा आशीर्वाद हमेशा उनके साथ हैं, लेकिन उनके निर्णयों पर मैं साथ नहीं.

लखनऊ के लोहिया ट्रस्ट में बुलाई गई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश भर से मुलायम सिंह के समर्थक जमा होंगे. पहले ही ऐलान कर दिया गया था कि 25 सितंबर को मुलायम सिंह की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी और कॉन्फ्रेंस में कई सवाल के जवाब मिल जाएंगे.

हालांकि मुलायम सिंह की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या अलग पार्टी बनेगी? कोई अलग मंच होगा? या कोई मोर्चा होगा? इन सभी सवालों का जवाब आज मुलायम सिंह यादव देंगे. बताया जा रहा है कि नई पार्टी की घोषणा होगी और इसमें पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से नाराज लोगों को शामिल किया जाएगा.





सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने लोहिया ट्रस्ट की बैठक बुलाई थी,  लेकिन समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनके समर्थकों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया  था. बैठक में अखिलेश यादव, रामगोपाल यादव, आजम खान, धर्मेंद्र यादव और बलराम यादव इस बैठक में नहीं शामिल हुए थे. जिसके बाद मुलायम  सिंह यादव ने अपने भाई रामगोपाल यादव को लोहिया ट्रस्ट के सचिव पद से बर्खास्त कर दिया था और उनकी जगह  शिवपाल यादव को सचिव बना दिया था.

इसी साल अगस्त में मुलायम ने लोहिया ट्रस्ट की बैठक ली थी, अखिलेश और राम गोपाल उस बैठक में शामिल नहीं हुए थे. सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने पिछले दिनों लोहिया ट्रस्ट कार्यालय में हुई बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए अखिलेश के करीबी चार सदस्यों को ट्रस्ट से बेदखल कर दिया था. नतेाजी द्वारा हटाए गए सदस्यों में राम गोविंद चौधरी, ऊषा वर्मा, अशोक शाक्य और अहमद हसन थे. ये सभी सदस्य अखिलेश यादव के करीबी हैं. सपा संरक्षक मुलायम सिंह ने इन चार सदस्यों की जगह शिवपाल के चार करीबियों को सदस्य बनाया. इनमें  दीपक मिश्रा,राम नरेश यादव,राम सेवक यादव और राजेश यादव सदस्य बनाये गए.
www.randombazar.com

वहीं अखिलेश यादव का फिर से समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना लगभग तय है और 5 अक्टूबर को आगरा के राष्ट्रीय अधिवेशन उन्हें दोबारा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया जाएगा. इसबार अखिलेश यादव के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की मुहर राष्ट्रीय अधिवेशन में लगेगी.

हाल ही में मुलायम सिंह को लेकर अखिलेश ने कहा था कि मुलायम उनके पिता हैं लेकिन रही बात राजनीति की तो फिलहाल दोनों की लाइन अलग है. बहरहाल मुलायम सिंह हमेशा उम्मीदों के विपरीत फैसला लेने वाले माने जाते रहे हैं, ऐसे में अध्यक्ष पद दोबारा नहीं मिलने पर मुलायम क्या फैसला लेते हैं इसपर सबकी नजर रहेगी.

"अखंड भारत टाइम्स" परिवार से जुड़ने के लिए ऑफिसियल पेज लाइक जरुर करें :

Share this:

Post a Comment

 
Copyright © 2014 Akhand Bharat Times | Hindi News Portal | Latest News in Hindi : हिंदी न्यूज़ . Designed by OddThemes & Customised By News Portal Solution