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Tuesday, 17 October 2017

रेड जोन में पहुंचा प्रदूषण का स्तर , डीजल जनरेटर पर लगा बैन , बदरपुर थर्मल प्लांट बंद


दिल्ली में प्रदूषण
पर लगाम लगाने के लिए पटाखों पर रोक के बाद डीजल चालित जेनरेटर पर भी मंगलवार से प्रतिबंध लगा दिया गया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कार्य कर रही एनवायरमेंट पॉल्यूशन कंट्रोल अथॉरिटी (ईपीसीए) ने ये आदेश जारी किया है। ईपीसीए के चेयरमैन भूरेलाल ने इन कदमों का ऐलान करते हुए कहा कि जेनरेटर्स पर प्रतिबंध सिर्फ दिल्ली में रहेगा, इसके बाहर लागू नहीं होगा। हालांकि राजधानी में भी अति आवश्यक सेवाओं के लिए इनका इस्तेमाल किया जा सकेगा।





इन आवश्यक सेवाओं की सूची भी जल्द जारी की जाएगी। ईपीसीए की सदस्य सुनीता नारायण ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ जंग को बड़ी करते हुए दिल्ली के बदरपुर स्थित कोयला बिजली घर को भी अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश दिया है, जबकि इसे अगले साल से स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए दीपावली पर पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी थी।

शादी-ब्याह में नहीं चलेगा

ईपीसीए ने अपने आदेश में कहा कि दिल्ली में होने वाले विवाह और अन्य समारोहों में भी डीजल जेनरेटर का इस्तेमाल नहीं होगा। सिर्फ अस्पताल जैसी आवश्यक सेवाओं में ही इसके इस्तेमाल की अनुमति होगी।

यूपी, हरियाणा को निर्देश

आदेश में यूपी, हरियाणा को कहा गया है कि वे अपने विद्युत संयंत्रों के प्रदूषण की निगरानी करें। दिल्ली में 10 साल से ज्यादा पुराने ट्रकों पर रोक और पेनल्टी के अलावा एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग केंद्रों की संख्या बढ़ाने और उनकी आपस में नेटवर्किंग विकसित करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।





राहत के आसार नहीं

ईपीसीए ने कहा कि दिल्ली, एनसीआर में इस बार हालांकि दीपावली पर पटाखों की बिक्री नहीं हो रही है। बावजूद इसके त्योहार के अगले दिन स्वच्छ हवा मिलने की उम्मीद कम ही है। बिक्री प्रतिबंधित होने के बावजूद लोग पटाखे जलाना बंद नहीं करेंगे। साथ ही वाहनों और दूसरी गतिविधियों के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ने की भी आशंका है। मौसम विभाग ने भी 20 अक्तूबर को हवा में नमी बढ़ने का पूर्वानुमान जताया है, जिससे पीएम-2.5 और पीएम 10 के कण हवा में फंस जाएंगे और प्रदूषण की परत बन सकती है।

गुणवत्ता और खराब होगी

ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के तहत दिल्ली में हवा की गुणवत्ता के हिसाब से आवश्यक कदम उठने की योजना मंगलवार से लागू की गई है। अभी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता कमजोर (पुअर) श्रेणी में है, जो ज्यादा कमजोर (वेरी पुअर) श्रेणी में जा सकती है। इससे भी ज्यादा स्थिति बिगड़ी तो गंभीर (सीवियर) स्थिति बन सकती है, जिसमें एक्शन प्लान के तहत जरूरी कदम उठाने पड़ेंगे।

पार्किंग फीस में इजाफा संभव
यदि हवा की गुणवत्ता ज्यादा कमजोर श्रेणी में जाती है तो दिल्ली के आसपास के इलाकों में भी डीजल जेनरेटर बंद किए जाएंगे। प्रदूषण पर लगाम के लिए पार्किंग फीस में तीन से चार गुना तक बढ़ोतरी की जा सकती है। बसों एवं मेट्रो की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जाएगी। होटलों और खुले में कोयला जलाने पर रोक लगा दी जाएगी। रात्रि सुरक्षा गार्डों को भी अलाव की जगह हीटर जलाने के लिए कहा जाएगा।

आपात स्थिति की चुनौती

हवा की गुणवत्ता सीवियर होने पर ईटों के निर्माण पर रोक, हॉट मिक्स प्लांट, स्टोन क्रेशर पर रोक, एनसीआर में कोयला बिजली संयंत्रों के उत्पादन को कम करने, सड़कों की मशीन से सफाई और पानी के छिड़काव आदि के कदम उठाए जाएंगे। जबकि इसके आपात स्थिति (सीवियर+) में पहुंचने पर तत्काल कई कदम उठाए जाएंगे। इसके तहत दिल्ली में ट्रकों के घुसने पर रोक (जरूरी सेवाओं को छोड़कर), निर्माण पर रोक, निजी वाहनों के लिए ऑड एंड इवन नियम लागू करना शामिल है।

एयर क्वालिटी इंडेक्श और श्रेणियां (क्यूबिक मीटर में)

श्रेणी पीएम 2.5 पीएम 10
पुअर 91-120 251-350
वेरी पुअर 121-250 351-430
सीवियर 250-300 430+500
सीवियर+ 300+ 500+

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