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Saturday, 4 November 2017

भारत की बड़ी कुटनीतिक जित , पोर्किस्तान को देना होगा आतंकी फंडिंग खत्म करने के सबूत , क्या है इसके मायने .......


पाकिस्तान को आतंकी संगठनों और उनके आकाओं की फंडिंग खत्म करने को लेकर दुनिया को जवाब देना होगा। भारत की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए फाइनेंसियल एक्शन टॉस्क फोर्स ने पाक से तीन माह में रिपोर्ट तलब की है।





उसे यह बताने को कहा गया है कि आतंकी संगठनों और आतंकी नेताओं द्वारा बैंकों के जरिये लेनदेन को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए। इस फैसले को भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत के तौर पर देखा जा रहा है। अर्जेन्टीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में शुक्रवार को समूह की बैठक में यह फैसला लिया गया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बैठक में भारत ने मुद्दा उठाते हुए कहा कि पाकिस्तान ने सुरक्षा परिषद के आदेशों को दरकिनार रखते हुए आतंकियों के वित्तीय ढांचे पर कोई कार्रवाई नहीं की है। भारत को अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस और इजरायल जैसे देशों का समर्थन मिला। जबकि चीन की आपत्ति खारिज कर दी गई। (एफएटीएफ) ने पाक को तीन माह के लिए निगरानी सूची में डाला और उसे फरवरी 2018 तक जवाब देने का निर्देश दिया।

संगठन ने कहा कि पाकिस्तान लश्कर ए तैयबा और जमात उद दावा जैसे प्रतिबंधित संगठनों की संपत्तियों को जब्त करने के कड़े कदम उठाए। संगठन ने शुक्रवार को पूर्ण अधिवेश की बैठक के बाद कहा कि पाकिस्तान लश्कर, उसके मुखौटा संगठन फलह ए इंसानियत, जैश के वित्तीय ढांचे को खत्म करने का सबूत दे। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा परिषद में जैश सरगना मसूद अजहर को प्रतिबंधित करने पर चीन के वीटो के बाद यह पाक और उसके दोस्त के लिए  झटका है।


चीन ने फिर अड़ंगा लगाने की कोशिश की

चीन की अगुआई में एशिया प्रशांत समूह ने पाकिस्तान को 2019 तक समय देने की मांग की। हालांकि भारत ने इस पर जोरदार आपत्ति दर्ज कराई। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि पाकिस्तान ने पिछले दो साल में कोई भी कदम नहीं उठाए हैं। उसे 90 दिनों के लिए निगरानी सूची में डालते हुए रिपोर्ट मांगी जाए। भारत ने फलह ए इंसानियत को भी आतंकियों की फंडिंग से जुड़े समूह में शामिल करने की मांग रखी। समूह की एक साल में तीन बैठकें होती हैं।







पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक को भी जवाब देना होगा

अंतरराष्ट्रीय सहयोग समीक्षा समूह की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान से आतंकी समूह के बैंकिंग खाते बंद करने का निर्देश दिया गया है। उसे बताना होगा कि सरकार के निर्देश पर आतंकियों के वित्तीय ढांचे को प्रतिबंधित करने के क्या कदम उठाए गए।

समूह की रिपोर्ट पर बड़े देश उठाते हैं कदम

एफएटीएफ आतंकी फंडिंग, ड्रग्स तस्करी और हवाला कारोबार पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था है। वह किसी देश को निगरानी सूची में डाल सकती है और उसके बावजूद कार्रवाई न होने पर उसे खतरनाक देश घोषित कर सकती है। उत्तर कोरिया, ईरान और युगांडा को इस सूची में डाला गया है। अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग सिस्टम और अमेरिका जैसे देश उसकी रिपोर्ट का कड़ाई से पालन करते हैं।

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