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Friday, 10 November 2017

BJP: टारगेट 2019, दिल्ली से पटना 11 घंटों में

दिल्ली से पटना की 1,100 किलोमीटर की दूरी सड़कमार्ग से महज 11 घंटे में। यह बीजेपी का 2019 के लोकसभा चुनावों का टारगेट है। केंद्र, यूपी और बिहार में सत्तारूढ़ बीजेपी ने लोकसभा चुनावों के लिए देश के बड़े राजनीतिक केंद्रों- दिल्ली, लखनऊ और पटना को करीब लाने का टारगेट रखा है। सड़कमार्ग से दिल्ली से पटना पहुंचने में अभी औसतन 18 घंटे लगते हैं, यमुना एक्सप्रेस-वे बनने से पहले यह समय और भी ज्यादा था। सरकार इस सफर के 7 घंटे कम करना चाहती है।

क्या है प्लान?

सरकार का प्लान है कि दिल्ली-मुंबई इंड्रस्ट्रियल कॉरिडोर की तर्ज पर रिंग रोड और एक्सप्रेस-वे का जाल बिछा कर दिल्ली से पटना के बीच एक नया इकॉनमिक कॉरिडोर तैयार किया जाए। केंद्र, यूपी और बिहार सरकार 2019 के लोकसभा चुनावों में इस कॉरिडोर को मुद्दा बनाना चाहती हैं।

यूपी एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के सीईओ अश्विनी अवस्थी ने बताया, 'यह बहुत ही सकारात्मक कदम है। हम उम्मीद कर रहे हैं कि दिल्ली से पटना का सफर सड़कमार्ग से महज 11 घंटे में पूरा किया जा सके। इसके लिए रिंग रोड और एक्सप्रेसवे तैयार करने पड़ेंगे।' उन्होंने कहा कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे में ट्रैफिक अच्छा-खासा आ रहा है। दिवाली के दिन टोल ज्यादा रहने के बावजूद 32 हजार कार और दोपहिया वाहन एक्सप्रेसवे से निकले। प्रशासन का मानना है कि अगर दिल्ली से पटना तक आरामदायक सफर मिलता है तो उसे अपनाएंगे।

चार प्रॉजेक्ट्स से पूरी होगी सोच

दिल्ली से पटना 11 घंटे में पहुंचने के लिए 4 नए प्रॉजेक्ट्स को पूरा करना होगा। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे बनाने और फंड करने का प्रस्ताव रखा है। 350 किलोमीटर लंबा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे लखनऊ को गाजीपुर से जोड़ेगा। अभी लखनऊ से पटना पहुंचने में ही 11 घंटे से अधिक समय लग जाता है। इस एक्सप्रेसवे से काफी फायदा होगा।

सबसे लंबा एक्सप्रेसवे

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को पटना से जोड़ने के लिए एनएचआई द्वारा प्रस्तावित पटना एक्सप्रेसवे लखनऊ और पटना के बीच का समय आधा कर देगा।

काम कब शुरू ?

अधिकारियों के मुताबिक पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का काम अगले साल मार्च में शुरू होगा। प्रॉजेक्ट के लिए 77 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण हो चुका है। इसे 30 महीनों में पूरा करने की योजना है।

कितना खर्च ?

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि उन्होंने बिहार सरकार को प्रस्ताव दिया हुआ है कि अगर वह भूमि उपलब्ध कराते हैं तो पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को पटना तक बढ़ाया जा सकता है। पटना एक्सप्रेसवे पर करीब 2000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। उन्होंने बताया कि पटना से बक्सर के बीच चार-लेन हाइवे प्रॉजेक्ट पहले से प्रस्तावित है, जिसे यूपी के गाजीपुर तक बढ़ाया जा सकता है।

तीसरा प्रॉजेक्ट लखनऊ में एक आउटर रिंग रोड का निर्माण होगा। इसका उद्देश्य 302 किलोमीटर लंबे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ना होगा। आउटर रिंग रोड बनाने से लखनऊ शहर के ट्रैफिक को झेले बिना गाड़ियां पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पहुंच जाएंगी। चौथा प्रॉजेक्ट 135 किलोमीटर लंबे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने का होगा।

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