BREAKING NEWS

Saturday, 4 November 2017

फिर से थूक कर चाटे केजरीवाल , कांग्रेस के अजय माकन ने कसा तंज क्या अब माफ़ी मांगेंगे केजरी ?

अरविंद केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के अधिकारों के मामले में सुप्रीम कोर्ट में पैरवी के लिए कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम को वकीलों के पैनल में शामिल किया है। इसे लेकर दिल्ली कांग्रेस के प्रेसिडेंट अजय माकन ने मुख्यमंत्री केजरीवाल पर तंज कसा। उन्होंने ट्वीट किया, ''बधाई हो चिदंबरम जी, केजरीवाल ने आपको दोष मुक्त कर दिया है, आखिरकार उन्हें आपके पैरों में झुकना पड़ा।'' बता दें कि आप ने 2014 में चिदंबरम समेत देश के बड़े नेताओं की लिस्ट जारी की थी। इन्हें भ्रष्टचार में शामिल बताया गया था। क्या AAP चिदंबरम से माफी मांगेगी...




- दिल्ली सरकार के लिए वकील बनाए जाने पर माकन ने चिदंबरम को बधाई दी। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ''चिदंबरम जी, कभी आपके सबसे बड़े आलोचक रहे केजरीवाल और आम आदमी पार्टी ने आपको दोष मुक्त कर दिया है, क्या अब AAP माफी मांगेगी। आखिरकार केजरीवाल को आपके पैरों में झुकना पड़ा, बधाई।''
- इसके अलावा माकन ने एक यूजर पवन खेर को रिट्वीट किया। इसमें लिखा था- ''अगर केजरीवाल के अंदर शर्म बची है तो वह चिदंबरम की सर्विस लेने से पहले खुलेआम माफी मांगे।''

कॉन्स्टिट्यूशनल बेंच कर रही है सुनवाई

- दिल्ली सरकार के अधिकारों से जुड़ी पिटीशन पर सीजेआई जस्टिस दीपक मिश्रा समेत 5 जजों की कॉन्स्टिट्यूशनल बेंच सुनवाई कर रही है। केजरी सरकार ने हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें दिल्ली को एक केंद्र शासित प्रदेश (यूनियन टेरिटरी) और उपराज्यपाल को उसका एडमिनिस्ट्रेटिव हेड बताया गया था।

- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान कहा था, ''संवैधानिक तौर पर उपराज्यपाल (LG) ही दिल्ली का एडमिनिस्ट्रेटिव हेड होगा। देश के बाकी केंद्र शासित प्रदेशों से अलग दिल्ली में एलजी को ज्यादा अधिकार मिले हैं, लेकिन उपराज्यपाल सरकार के फैसलों से जुड़ी फाइल रखकर नहीं बैठ सकते हैं।''

- इसी मामले में दिल्ली सरकार ने अपना पक्ष मजबूती से रखने के लिए चिदंबरम समेत 5 सीनियर वकीलों का पैनल बनाया है। अगली सुनवाई 7 नवंबर को होगी। माना जा रहा है कि इस दौरान सुप्रीम कोर्ट में केजरी सरकार का पक्ष रख सकते हैं।




दिल्ली सरकार V/S केंद्र, क्या है मामला?

- दिल्ली में अधिकारों की लड़ाई फरवरी, 2015 में अरविंद केजरीवाल की सरकार बनने के बाद शुरू हुई। तब नजीब जंग दिल्ली के उपराज्यपाल थे। उन्होंने डीसीडब्ल्यू में सेक्रेटरी की नियुक्ति समेत केजरी सरकार की कई भर्तियों और फैसलों को गलत ठहराते हुए इन पर रोक लगाई थी।

- इसके बाद केजरीवाल और नजीब की जंग बढ़ती गई। सीएम केजरीवाल ने कई बार जंग पर केंद्र सरकार के एजेंट होने और उसके इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था। दिल्ली सरकार एलजी के फैसलों के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट चली गई।

- 4 अगस्त, 2015 हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि एलजी ही दिल्ली के एडमिनिस्ट्रेटिव हेड हैं और कोई भी फैसला एलजी की मंजूरी के बिना नहीं लिया जाए। तब केंद्र और एलजी की ओर से दलील दी गई कि दिल्ली राज्य नहीं है, इसलिए एलजी को यहां विशेष अधिकार मिले हैं।

"अखंड भारत टाइम्स" परिवार से जुड़ने के लिए ऑफिसियल पेज लाइक जरुर करें :

Share this:

Post a Comment

 
Copyright © 2014 Akhand Bharat Times | Hindi News Portal | Latest News in Hindi : हिंदी न्यूज़ . Designed by OddThemes & Customised By News Portal Solution